वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया

कंपनी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, जागरूकता और सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियों के ज़रिए 780 से अधिक लड़कियों को अपने साथ जोड़ा

रायपुर, जनवरी 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर ग्रामीण ओडिशा व छत्तीसगढ़ में अपने प्रचालन के आस-पास के इलाकों में लड़कियों और नवयुवतियों को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उद्देश्य-केन्द्रित कई हस्तक्षेपों के माध्यम से कंपनी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार करने, बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने तथा कौशल विकास के अवसरों का विस्तार करने पर काम कर रही है। इन सभी पहलों का मकसद लैंगिक असमानता को खत्म करना और पूरे ग्रामीण भारत में लड़कियों और नवयुवतियों के लिए एक समान भविष्य की रचना करना है।

इस साल के आयोजनों में 780 से ज्यादा लड़कियों ने हिस्सा लिया। इसमें खास कार्यक्रम जैसे मेंस्ट्रुअल हैल्थ और तरुणाई जागरूकता सत्र, शिक्षा व करियर संबंधी आकांक्षाओं पर बातचीत, डिजिटल साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां और सृजनात्मक शिक्षण गतिविधियां शामिल थीं। किशोरियों ने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और लीडरशिप पर बातचीत में हिस्सा लिया, जबकि छोटी बच्चियों को खेल-आधारित और अभिव्यक्ति गतिविधियों के ज़रिए जोड़ा गया, जिनका मकसद बुनियादी कौशल निर्माण था। विद्यार्थियों, माता-पिता, शिक्षकों, समुदाय के सदस्यों और महिला कर्मचारी वॉलंटियर्स ने इन सत्रों को सक्रियता से सुगम बनाया, जिससे सीखने और अभिव्यक्ति के लिए सुरक्षित व समावेशी परिवेश बन पाया।

इस मौके पर वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, ’’बेटियों को सशक्त बनाना सिर्फ एक दिन किया जाने वाला काम नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली ज़िम्मेदारी है। वेदांता एल्युमीनियम में हमारा मानना है कि जब लड़कियों को शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और कौशल के साथ सहयोग किया जाता है, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के लिए बदलाव की ताकत बन जाती हैं। अलग-अलग जगहों पर हमारी पहलें एक ऐसा माहौल बनाने पर हमारे ध्यान को दर्शाती हैं, जहां हर लड़की आत्मविश्वास के साथ सीख सके, आगे बढ़ सके और नेतृत्व कर सके।’’

सभी स्थानों पर हुई मुख्य गतिविधियां:

माइंस (ओडिशा):

कुरालोई, जमखानी और घोघरपल्ली के सरकारी स्कूलों में मासिक धर्म और तरुणाई के बारे में जागरूकता सत्र, डिजिटल सशक्तिकरण पर चर्चा और लैंगिक समानता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे 430 से ज्यादा किशोरियों तक पहुंचा गया।

झारसुगुडा (ओडिशा):

जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें एक चिकित्सीय पेशेवर द्वारा मासिक धर्म स्वास्थ्य पर एक परस्पर संवादात्मक सत्र शामिल था, जिसमें 150 से ज्यादा किशोरियों ने स्वच्छता, स्वास्थ्य और सेल्फ केयर पर बातचीत में हिस्सा लिया।

लांजिगढ़ (ओडिशा):

भवानीपटना स्किल सेंटर में ऐंगेजमेंट ऐक्टिविटीज़ आयोजित की गईं, जिसमें निबंध और पोस्टर बनाने की प्रतियोगिताएं और एक प्रेरक बातचीत शामिल थी।

बाल्को (छत्तीसगढ़):

नंद घरों में सामुदायिक अगुवाई वाली गतिविधियों, गेम्स और सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य व शिक्षा पर खास चर्चाओं के ज़रिए यह दिवस मनाया गया, जिसमें बच्चियों, पेरेन्ट्स और किशोरियों सहित 200 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।

इन पहलों के ज़रिए, वेदांता एल्युमीनियम शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और समावेशी सामुदायिक विकास के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए ज़मीनी स्तर पर अपनी प्रतिबद्धता को मज़बूत कर रही है।

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