रायपुर, 18 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोड़ना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ के संकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में सेवा एवं नेतृत्व के अवसर दिए जाने चाहिए। इससे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलने के साथ उनकी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होगी।
उन्होंने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम से राज्य स्तर तक मजबूत युवा नेटवर्क तैयार करने के निर्देश दिए। डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से अधिक युवा माय भारत से जुड़े
बैठक में बताया गया कि देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इससे जुड़ चुके हैं।
माय भारत युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है, जहां स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों एवं अवसरों की जानकारी उपलब्ध है।
अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को अवसर
देशभर में 24,900 से अधिक ईएलपी (Experiential Learning Programmes) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के जरिए 2,389 से अधिक युवा जुड़े हैं।
इसी तरह देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से ज्यादा युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5,778 वालंटियर अवसरों में 23,900 से अधिक युवाओं ने भाग लिया है।
बस्तर के युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से बड़े पैमाने पर जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में यहां के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि माय भारत के माध्यम से बस्तर के युवाओं की प्रतिभा को पहचान, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल, कला, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में नेतृत्व के अवसर दिए जाने चाहिए।
विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग पर जोर
बैठक में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
बैठक में विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, विकसित भारत युवा कनेक्ट, यूथ आइकन, विकसित भारत पदयात्रा, सरदार@150 पदयात्रा और ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की जानकारी भी दी गई।
इस दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।