छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बुधवार को एक प्रेग्नेंट महिला को करीब 4 किलोमीटर तक कीचड़ से भरे रास्त पर चलना पड़ा। तब जाकर उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। यह मामला कोयलीबेड़ा विकासखंड का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंडरीपानी से गुमड़ीपारा तक का पहुंच रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि बाइक और कार भी नहीं जा पाती। इसी सड़क से सुनीता कोमरा को इलाज के लिए गुजरना पड़ा। परतापुर पहुंचने के बाद मिली एंबुलेंस महिला को चार किलोमीटर तक कीचड़ भरे पर पैदल चलना पड़ा। उनके साथ परिवार की चार अन्य महिलाएं भी थीं। परतापुर पहुंचने के बाद एंबुलेंस मिली, जो उन्हें पखांजूर सिविल अस्पताल ले गई। पंचायत को मिली सरकारी निधि के खर्च की जांच ग्राम पटेल देवनिधि नरवास ने बताया कि सरपंच को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है। लेकिन सरपंच और सचिव ने इस मुद्दे को कभी गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि पंचायत को मिली सरकारी निधि के खर्च की जांच की जाए। सरपंच और सचिव के खिलाफ जांच की मांग ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मूलभूत सुविधाओं की मांग भी की है। ग्रामीण सरपंच और सचिव की लापरवाही की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 100 लोगों के न होने से नहीं बनी सड़क इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के भानुप्रतापपुर डिवीजन प्रभावी जागेश्वर ध्रुव का कहना है कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत 500 जनसंख्या वाले गांवों में सड़क बनाने के बाद अब 100 जनसंख्या वाले गांवों तक सड़क बनाया जा रहा है। परतापुर के आश्रित ग्राम पंडरीपानी में 100 लोगों के न होने से वहां सड़क नहीं बन पाई है।
4 KM तक कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चली गर्भवती,VIDEO:कांकेर में पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीण परेशान;अधिकारी बोले- आबादी कम इसलिए नहीं बनी

















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