ईडी का दावा- चैतन्य ने बघेल एसोसिएट और बघेल बिल्डकॉन कंपनी बनाई, इसी से की गई मनी लांड्रिंग शराब घोटाले में शुक्रवार रात से ही ईडी ने चैतन्य बघेल से पूछताछ शुरू कर दी है। ईडी दस्तावेज दिखाकर जानकारी ले रही है कि यह पैसा कहां से आया और किसने दिया। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि चैतन्य बघेल, लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल और त्रिलोक सिंह ढिल्लन ने घोटाले से मिलने वाले काली कमाई के पैसों को एक नंबर में दिखाने के लिए योजना बनाई थी। त्रिलोक ने जसजीत सिंह ढिल्लन के नाम पर अंधेरी मुंबई में ढिल्लन सिटी मॉल प्रालि कंपनी रजिस्टर कराई। यह कंपनी वहां शॉपिंग मॉल बनाने वाली थी। घोटाले का पैसा इस कंपनी के माध्यम से आता रहा। फिर यह पैसा ढिल्लन ड्रिंक्स कंपनी से चैतन्य बघेल और उसके परिवार को भुगतान किया जाता था। ईडी इसकी जांच कर रही है कि घोटाले का पैसा चैतन्य के अलावा परिवार के और किस सदस्य के पास गया है। ईडी के अनुसार चैतन्य ने बघेल एसोसिएट और बघेल बिल्डकॉन प्रालि कंपनी बनाई थी। इन कंपनियों से शराब घोटाले से मिले 1000 करोड़ को इधर-उधर किया गया। दस्तावेजों में दिखाया कि कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लन ने अपनी कंपनी ढिल्लन सिटी मॉल के कर्मचारियों के लिए फ्लैट खरीदा है। 1300 करोड़ का दिखाया निवेश, दिए 2.50 करोड़ दस्तावेजों में चैतन्य ने बिलासपुर के विट्ठल ग्रीन सिटीं में 1300 करोड़ का निवेश बताया है। वहां निर्माण कर रही शिव कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े अधिकारी का बयान लिया गया है। कंपनी को 4.20 करोड़ रुपए कैश दिया गया है। जबकि दस्तावेजों में सिर्फ 2.5 करोड़ की एंट्री की है। इसके अलावा 7.6 करोड़ रुपए भी इसमें खर्च किए गए हैं, लेकिन दस्तावेजों में पैसा कम दिखा रहे हैं। सराफा कारोबारी को बिना ब्याज दिया 5 करोड़ का लोन इस मामले में ईडी ने दुर्ग के एक बड़े ज्वेलर्स संचालक से भी लंबी पूछताछ की है। उन्होंने ईडी को बयान दिया है कि चैतन्य ने उन्हें कर्ज के तौर पर 5 करोड़ कैश दिए थे। उसका आज तक ब्याज नहीं लिया। उन्होंने पैसा भी वापस नहीं मांगा है। उन्होंने चैतन्य की बघेल बिल्डकॉन से 80 लाख के 6 प्लॉट खरीदे। इसका भुगतान भी किया। ईडी के अनुसार चैतन्य ने जिस कारोबारी को कर्ज दिया उसी कारोबारी ने कैश देकर उनसे प्लाट खरीदा है। यह घोटाले के अवैध पैसे को वैध करने का तरीका है। केके श्रीवास्तव ने चैतन्य को दिए 300 में से 100 करोड़ रायपुर पुलिस ने कथित तांत्रिक केके श्रीवास्तव को ठगी के मामले में जेल भेज दिया है। उससे 14 दिनों तक पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान ईडी और एसीबी-ईओडब्ल्यू भी बयान लेने आई थी। तब श्रीवास्तव ने ईडी को बयान दिया कि उसने 300 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया है, जो पुलिस को मिला है। उसमें 100 करोड़ शराब घोटाला का है, जो चैतन्य से उसे मिला था। चैतन्य के कहने पर सिंडीकेट पैसा उनके पास छोड़ते थे। उसने पूछताछ में पिछली के सरकार के प्रभावशाली नेताओं को लेकर भी चौंकाने वाला खुलासा किया है।
शराब घोटाला:दस्तावेज दिखाकर पूर्व सीएम के बेटे से हो रही पूछताछ, पैसा कहां से आया


















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