भूपेश बोले-जिसने मुझे मेरे परिवार को जेल भेजा,उसकी सरकार गिरी:बीजेपी सबको जेल में डाल रही, CM और पूर्व CM समेत कई मंत्रियों ने मनाया हरेली-तिहार

छत्तीसगढ़ में गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों ने अपने-अपने आवास पर हरेली पर्व मनाया। इस दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि, नोटिस दिए बिना मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन के दिन उसे उठाया। हमने जबसे होश संभाला देखा बाबू जी भी जेल गए। वो कहते थे कि जेल मेरा दूसरा घर है। मेरे पिता को जोगी सरकार ने जेल भेजा। उनकी सरकार गई। मुझे रमन सिंह ने जेल भेजा उनकी सरकार गई। अब मेरे बेटे को मोदी ने जेल भेजा है। रणनीतिक ढंग से छत्तीसगढ़ की नेतृत्व को खत्म करने का प्रयास कर रहे है। भूपेश बघेल ने कहा कि, त्योहार तो साल में एक बार आता है। चैतन्य रहता तो और अच्छा लगता। लेकिन केवल चैतन्य मेरा बेटा नहीं है। छत्तीसगढ़ की पूरी जनता मेरा परिवार है। बीजेपी सबको जेल में डाल रही उन्होंने कहा कि, बलौदाबाजार एसपी-कलेक्टर दफ्तर आगजनी मामले में कांग्रेस के सतनामी नेताओं को जेल में डाला गया। जबकि प्रदर्शन की व्यवस्था बीजेपी ने की थी। इसी मामले में विधायक देवेंद्र यादव को भी 6 महीने के लिए जेल भेज दिया गया। अब सतनामी समाज के लोग प्रदर्शन करने से डरेंगे, क्योंकि उन्हें जेल भेज कर डराया गया है। बस्तर में महेंद्र कर्मा के बाद सबसे बड़े नेता कवासी लखमा है। इसलिए बस्तर की आवाज को दबाने का काम किया गया। कवासी लखमा को जेल भेज दिया गया। अब बेटे चैतन्य बघेल को पकड़ा गया है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार दरअसल, रायपुर से लेकर गांव में कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक हर ओर देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ का यह पहला त्योहार है, जो खास तौर पर खेती-किसानी और पशुधन से जुड़ा होता है। हरेली के दिन लोग अपने कृषि उपकरणों की पूजा, पशुओं को नहलाकर उन्हें सजाने, और नीम की डंडियों से झाड़ा देने की परंपरा निभाते हैं। CM हाउस में हरेली त्योहार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक विधि से हरेली तिहार मनाया। उन्होंने कहा कि, यह पर्व छत्तीसगढ़ की आत्मा है, जो हमें धरती से जुड़ाव और प्रकृति के सम्मान की सीख देता है। भूपेश बघेल ने चढ़े गेड़ी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने रायपुर स्थित निवास पर हरेली पर्व का आयोजन किया। उन्होंने खेत-खलिहान और पारंपरिक कृषि औजारों की पूजा की और गौमाता की सेवा की। भूपेश बघेल हर साल की तरह इस बार भी पूरी पारंपरिक पोशाक में दिखाई दिए। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ तिहार मनाया। भूपेश बघेल ने गेड़ी भी चढ़े। मंत्रियों ने भी मनाया हरेली त्योहार वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव और मंत्री टंकराम वर्मा के आवास पर भी हरेली पर्व की रौनक देखने को मिली। पारंपरिक भोजन, हल पूजा और बैल पूजा के साथ-साथ गौ-सेवा भी इस आयोजन का हिस्सा रही। गांवों में बच्चों ने गेड़ी चढ़कर हरेली की खुशियां मनाईं। शहरों में भी जगह-जगह कृषि यंत्रों की पूजा, पौधारोपण और नीम-झाड़ू देने जैसी परंपराएं निभाई गईं। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि, हरेली तीज-तिहारों से संपन्न छत्तीसगढ़ का साल का पहला लोक पर्व है। हरेली से मेरे बचपन की कई अच्छी और सुखद यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने हरेली पर अपने निवास में शीशम का पौधा भी लगाया। पारंपरिक लोक यंत्रों के साथ सुंदर नाचा का आयोजन मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार के अवसर पर पारंपरिक लोक यंत्रों की गूंज और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा के साथ सुंदर नाचा का आयोजन किया जा रहा है। पूरा परिसर उत्सव-मय वातावरण से सराबोर है। ग्रामीण परिवेश की जीवंत छवि इस सुंदर माहौल में साकार हो गई है। कहीं सुंदर वस्त्रों में सजे राउत नाचा कर रहे कलाकारों की रंगत बिखरी है, तो कहीं आदिवासी कलाकार पारंपरिक लोक नृत्य की मोहक प्रस्तुतियां दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ का अद्भुत ग्रामीण लैंडस्केप अपनी संपूर्ण सांस्कृतिक सुंदरता के साथ यहां सजीव रूप में अवतरित हो गया है। विभिन्न प्रकार की लोक धुनों में छत्तीसगढ़ी संगीत का माधुर्य अपने चरम पर है।

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