छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एसडीएम के साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं द्वारा की गई मारपीट पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने कहा कि अगर प्रदेश में सुशासन है, तो फिर गुंडागर्दी करने वाले भाजपा नेताओं पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। बीजेपी इसे मात्र दो कारों में टक्कर के बाद सिर्फ आपसी विवाद का मामला बताकर पल्ला झाड़ रहा है। मामला 24 जुलाई की रात का है, जब दुर्ग जिले के छावनी एसडीएम हितेश पिस्दा सरकारी काम से जा रहे थे। इसी दौरान पोटिया चौक के पास तीन युवकों ने नशे की हालत में उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद आरोपी युवक ने खुद को भाजपा नेता बताते हुए एसडीएम से गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट करने लगे। उन्होंने एसडीएम का मोबाइल छीनने की भी कोशिश की। इस दौरान एसडीएम ने अपना परिचय भी दिया, लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और उनके साथ बदसलूकी करते रहे। एसडीएम की शिकायत के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को उसी रात हिरासत में ले लिया और अगले दिन कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। हालांकि, बाद में सभी को जमानत मिल गई। कांग्रेस ने भाजपा पर बोला हमला इस घटना के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन की बात करते हैं, लेकिन उनके शासन में एक अधिकारी तक सुरक्षित नहीं है। उन्होंने पूछा कि ऐसे में प्रदेश की जनता कैसे सुरक्षित रह सकती है? कांग्रेस ने भाजपा से यह भी सवाल किया है कि अब तक पार्टी ने इन युवकों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की। वहीं भाजपा का कहना है कि यह सिर्फ दो वाहनों के बीच टक्कर के बाद का आपसी विवाद था और इसे राजनीतिक रंग देना गलत है। दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि पार्टी अनुशासन के साथ चलती है और अगर किसी ने गलती की है तो उस पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग में SDM से विवाद मामले पर राजनीति शुरू:कांग्रेस ने उठाए सुशासन पर सवाल, BJP बोली- सिर्फ आपसी बहस थी, राजनीति न बनाएं

















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