​​​​​बिलासपुर में फिर अज्ञात वाहन ने 18 गायों को कुचला:नेशनल-हाईवे में बिखरे मिले मवेशियों के शव; 13 दिन में दूसरी-घटना, हाईकोर्ट का आदेश बेअसर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रविवार रात तेज रफ्तार अज्ञात वाहन नेशनल हाईवे पर बैठे मवेशियों को कुचल दिया, जिससे 18 गायों की मौत हो गई। जबकि, करीब आधा दर्जन 5 मवेशी घायल हैं। गौ-सेवकों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। हादसे के बाद ड्राइवर वाहन लेकर भाग निकला। घटना की जानकारी अगले दिन सुबह मिली। बता दें कि 13 दिन के अंदर यह दूसरी घटना है। इससे पहले 14 जुलाई को रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर अज्ञात वाहन ने 14 गायों की जान ले ली थी। 15 जुलाई को हाईकोर्ट ने सरकार से भी सवाल किए थे कि सड़क पर बैठे मवेशी कब हटाओगे बताओ। पूरे झूंड के ऊपर चढ़ाई गाड़ी जानकारी के मुताबिक, मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर कड़ार-सारधा चौक के पास 27 जुलाई की रात हमेशा की तरह सड़क पर गाय, बैल और बछड़ों का झुंड बैठा हुआ था। इस दौरान तेज रफ्तार वाहन ने गायों को अपनी चपेट में ले लिया। गौ सेवकों ने जताया विरोध, थाने में कराई FIR 28 जुलाई को अगले दिन सुबह गौ सेवकों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद आक्रोशित गौ सेवक मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल गौवंशों को इलाज के लिए भेजा। साथ ही पास ही सड़क किनारे गड्‌ढा खोदकर मृत पड़े गायों का अंतिम संस्कार किया। जिसके बाद मामले की शिकायत चकरभाठा थाने में की। गौ सेवकों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। प्रशासन की दिखावे की कार्रवाई पिछले 15 दिन से कलेक्टर संजय अग्रवाल लगातार अफसरों की लगातार मीटिंग ले रहे हैं, जिसमें उन्हें सड़क पर बैठे मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने मवेशियों को सड़क पर छोड़ने वाले गौ पालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। करीब 13 दिन पहले जब हादसा हुआ, तब एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर वाहन चालक के साथ ही मवेशी मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। हालांकि, इसके बाद भी सड़क पर मवेशी बैठने का सिलसिला नहीं थम रहा है। नेशनल हाईवे पर पहले भी हो चुके हैं हादसे हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए राज्य शासन को आदेश जारी कर चुका है। लेकिन, सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिसकी वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। तखतपुर-मुंगेली, कोटा रोड, मस्तूरी, चकरभाठा के साथ ही सीपत रोड़ में शाम ढलते ही सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा रहता है। लगातार हो रहे हादसों पर हाईकोर्ट ने कई बार राज्य सरकार और जिला प्रशासन को जवाब मांगा और आदेश भी जारी किया है। जिसमें उन्हें सड़कों से मवेशियों को हटाने और निगरानी करने कहा था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन मवेशियों को हटाने ध्यान नहीं दे रहा है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… सड़कों पर मवेशी: पांच साल में 166 हादसे, 43 मौतें: हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- कैसे हटाओगे, बताओ; हकीकत-हर सड़क पर मवेशी छोड़ रहे मालिक बिलासपुर में रतनपुर-केंदा सड़क पर 13 मवेशियों की तेज रफ्तार हाइवा से कुचलकर हुई मौतों पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्पेशल डिवीजन बेंच गठित कर मामले की सुनवाई की। इस दौरान सीजे सिन्हा ने सख्त लहजे में कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है, इसके बाद भी लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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