11th की छात्राओं को बांस की छड़ी से पीटा:रफ में नोट्स लिखने पर टीचर नाराज, हाथ-पीठ में सूजन; प्रिंसिपल ने मांगी माफी

अंबिकापुर के सेंट जोन्स स्कूल की एक टीचर ने 11th क्लास की छात्राओं को बांस की छड़ी से इतना मारा कि उनके हाथ सूज गए। बताया जा रहा है कि केमेस्ट्री की क्लास चल रही थी, 15 छात्राएं मौजूद थी, जो नोट्स को रफ कॉपी में लिख रही थी। इससे नाराज टीचर ने सभी को खड़ा किया और हाथ-पीठ में मारा। पीड़ित छात्रा गरिमा द्विवेदी ने बताया कि मार से उसका हाथ सूज गया था। घटना की जानकारी परिजनों को लगी तो वे सीधे स्कूल पहुंच गए और प्रिंसिपल से शिकायत की कि, बच्चों को गाय-बैल की तरह मारा। वहीं परिजनों ने चाइल्ड लाइन में शिकायत की है। घटना के बाद स्कूल के प्रिंसिपल पीटर खेस ने परिजनों से माफी मांगी। रफ में नोट्स लिखने पर हुई नाराज सेंट जोन्स हायर सेकेंडरी स्कूल नवापारा में स्थित है। जहां 31 जुलाई को 11th के केमेस्ट्री की क्लास निर्मला मैडम क्लास ले रही थी। क्लास में 15 से ज्यादा छात्राएं मौजूद थी। तभी टीचर ने छात्राओं को नोट्स लिखने को दिए। इनमें कुछ छात्राएं रफ में लिखने लगी, जब निर्मला मैडम ने कॉपी चेक की तो वो नाराज हुई। फिर स्कूल में आसपास काफी बांस की लकड़ी मौजूद है। वहीं से एक डंडी उठा लाई और 15 छात्राओं के हाथ और पीठ में खूब मारा। इससे कुछ छात्राओं के हाथ में सूजन आया है। कुछ के पीठ पर निशान बने है। इनमें एक पीड़ित छात्रा गरिमा द्विवेदी जिसके हाथ में सूजन आ गया था। उसने घर आकर अपने परिजनों को जानकारी दी और कल से स्कूल जाने से मना कर दिया। वहीं दूसरे पीड़ित के परिजन ने बताया कि उनकी बच्ची स्कूल जाने से मना कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में ऐसी मारपीट कहा तक सही है। RTE एक्ट 2009 के तहत बच्चों को मारपीट करना, उन्हें मानसिक या शारीरिक दंड देना गलत है। ऐसे टीचर पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। प्रिंसिपल ने परिजनों से मांग माफी घटना से नाराज परिजनों ने चाइल्ड लाइन और जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की शिकायत की है। स्कूल के प्रिंसिपल ने घटना को लेकर परिजनों से माफी मांग ली है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शिकायत संज्ञान में नहीं आया है, हालांकि मामला गंभीर है और वे इसकी जांच कराएंगे। टीचरों को दिशा-निर्देश देंगे- प्रिंसिपल सेंट जोन्स स्कूल के प्रिंसिपल पीटर खेस ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित शिक्षिका से बात की गई है। बच्चों को शारीरिक दंड देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। स्कूल प्रबंधन इसके लिए क्षमा मांगता है और भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।” DEO बोले-मामला गंभीर, जांच कराएंगे सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने कहा कि शिकायत संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसी कोई घटना हुई है तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बच्ची ने राधे-राधे कहा तो प्रिंसिपल ने मुंह पर टेप-चिपकाया:दुर्ग की घटना, कहा- बोल नहीं पा रही थी,मिस जोर-जोर से चिल्ला रही थी, अरेस्ट जब मैं राधे-राधे बोली तो स्कूल मिस ने मेरे मुंह पर टेप लगा दिया, एक टेप ऐसा लगाया दूसरा वैसा, काफी देर तक ऐसे ही रखा, जब मैं बोल नहीं पाई तो मुझे मारा और मिस जोर-जोर से चिल्ला के बात कर रही थी पढ़ें पूरी खबर…

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