बिलासपुर के प्राथमिक स्कूल सेंदरी में हाल ही में एक छात्र को बिजली के करंट का झटका लग गया। हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सीएसपीडीसीएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर करंट प्रवाहित कर रहे तार को काटा और खामी को सुधार दिया है। सेंदरी के प्राइमरी स्कूल के एक बच्चे को करंट लग गया था, इससे छात्र झुलस गया था। खबर पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था। हाई कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद 13 जुलाई 2025 को विभाग के जेई ने निरीक्षण किया। पाया कि स्कूल की छत पर बारिश का पानी जमा था, जिससे दीवारें गीली हो गई थीं। बिजली का एलटी लाइन का तार दीवार से सटकर गुजर रहा था और इससे ही छात्र झुलसा था। स्कूल शिक्षा विभाग ने हाई कोर्ट में हलफनामा दिया है, बताया कि प्रदेश में 45 हजार से अधिक स्कूल हैं। यहां हाइटेंशन लाइनें, रिसाव और जर्जर वायरिंग जैसी समस्याओं को लेकर निरीक्षण करने को कहा गया है। सभी स्कूलों का प्रारंभिक निरीक्षण कर कार्य योजना तैयार करने के लिए दो महीने का समय मांगा गया है। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बिजली विभाग ने बताया- दूर की गईं सभी खामियां
बिजली विभाग के अधिकारियों ने शपथ पत्र देकर बताया है कि इंशुलेटर और वायरिंग की खामी की वजह से दीवारों में करंट आ रहा था। सीएसपीडीसीएल के अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी तकनीकी खामियों को ठीक कर दिया है।
करंट से झुलसा था छात्र:अब प्रदेशभर के 45 हजार स्कूलों का होगा निरीक्षण

















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