बिलासपुर में 4सी एयरपोर्ट के लिए केंद्रीय मंत्री का आश्वासन:संघर्ष समिति ने बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट के विस्तार और एयरलाइंस के संचालन की मांग

बिलासपुर सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बिलासपुर में 4सी एयरपोर्ट के लिए आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को केंद्र और राज्य सरकारों के सामने पूरी ताकत से उठाएंगे। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट के विस्तार में आ रही बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया। समिति ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए सेना से भूमि हस्तांतरण की मांग रखी। साथ ही 4C एयरपोर्ट के लिए केंद्र से अनुदान की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में बिलासपुर एयरपोर्ट पर एटीआर, एंब्रारर और बॉम्बार्डियर श्रेणी के विमान संचालित हो सकते हैं। इंडिगो एलाइंस, स्पाइसजेट और स्टार एयरवेज जैसी कंपनियों के पास ऐसे विमान हैं। उन्होंने इन कंपनियों को बिलासपुर से देश के विभिन्न महानगरों तक सीधी उड़ान शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की मांग की। बिलासपुर को मिले 4C एयरपोर्ट की सुविधा समिति ने अपने ज्ञापन में कहा कि बिलासपुर छत्तीसगढ़ का दूसरा प्रमुख शहर है। यहां हाईकोर्ट, एसईसीएल और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन का मुख्यालय स्थित है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का क्षेत्रफल तमिलनाडु से बड़ा है, फिर भी राज्य में केवल एक 4C एयरपोर्ट रायपुर में है। जबकि तमिलनाडु में छह बड़े एयरपोर्ट हैं। मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में राकेश तिवारी, ऋषि केसरी, रवि बनर्जी, अशोक भंडारी, देवेंद्र सिंह ठाकुर, बद्री यादव, समीर अहमद बबला, संतोष पीपलवा, सनी केसरी और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे। इसलिए अटका हुआ है रनवे विस्तार का मामला
समिति के संरक्षक सुदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, बिलासपुर एयरपोर्ट के चारों तरफ स्थित 1012 एकड़ जमीन, जो आर्मी के ट्रेनिंग कैंप के लिए अधिग्रहित की गई थी, रक्षा मंत्रालय का निर्णय बदलने से खाली पड़ी है। इसे एयरपोर्ट के विस्तार के लिए राज्य सरकार को हस्तांतरित करने से मार्ग में आ रही बड़ी बाधा दूर हो जाएगी। दरअसल, रक्षा मंत्रालय 290 एकड़ जमीन के बदले में 71 करोड़ रुपए की मांग राज्य सरकार से कर रही है, लेकिन राज्य को अपनी गणना के अनुसार यह रकम बहुत अधिक लग रही है। इसी विवाद के कारण यह भूमि हस्तांतरण का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। डिफेंस मिनिस्टर और सीएम चर्चा कर मसला हल करें
उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री से मांग की कि वह रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के साथ एक संयुक्त बैठक कर इस मसले को हल कराएं। एक बार रक्षा मंत्रालय के कब्जे वाली यह भूमि बिलासपुर एयरपोर्ट को हस्तांतरित हो जाएगी तो उसके बाद बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C एयरपोर्ट में परिवर्तित करने के लिए रनवे की लंबाई 1500 मीटर से बढ़ाकर 2200 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर से बढ़ाकर 45 मीटर करना आसान होगा। इसके बाद ही बिलासपुर एयरपोर्ट में एयरबस और बोइंग विमानों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। एयरपोर्ट विस्तार के लिए चाहिए 400 करोड़
बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C एयरपोर्ट में परिवर्तित करने के लिए 500 यात्रियों की क्षमता वाले नए टर्मिनल भवन, नए एटीसी टावर की स्थापना सहित अन्य विकास कार्यों के लिए लगभग 400 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। समिति ने केंद्रीय राज्य मंत्री से केंद्र और राज्य सरकार से इस राशि को उपलब्ध कराने और नागरिक उड्डयन मंत्री भारत सरकार से अनुरोध कर देश में संचालित अन्य एयरलाइन कंपनियों से बिलासपुर एयरपोर्ट से नई उड़ान सेवाएं शुरू कराने की मांग की है।

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