छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली दवा की ऑनलाइन सप्लाई के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुंबई से 28 वर्षीय मनीष कुमावत को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 7200 प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टेबलेट की बिक्री का पेमेंट अपने गूगल पे क्यूआर कोड से लिया था। मनीष ने जेल में बंद राजनांदगांव के चिखली निवासी अंकित सिंह राजपूत (28) के सौदे का पेमेंट लिया था। इसके बदले उसने 2000 रुपए कमीशन लिया था। यह मामला 23 जनवरी 2025 को सामने आया था। जब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने महमरा मोड़ पर पप्पू होटल के सामने अंकित सिंह को पकड़ा था। एक्टिव से 7,200 नशीली टेबलेट बरामद अंकित की एक्टिवा की डिक्की से 7,200 अल्प्राजोलम टेबलेट बरामद हुई थी। इसकी कीमत 17,828 रुपए आंकी गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए अंकित को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने इंड-टू-इंड जांच शुरू की। सप्लाई चैन की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस को पता चला कि मुंबई के एक निजी कंपनी के कर्मचारी जय राठौर और मनीष कुमावत इस नेटवर्क में सक्रिय थे। कोर्ट से कंपनी की तलाशी के लिए सर्च वारंट जारी हुआ। लेकिन वहां प्रतिबंधित दवा के स्टॉक या बिक्री के सबूत मिले। इसके बाद कंपनी के कर्मचारियों की पतासाजी शुरू हुई। नेटवर्क में शामिल आरोपी को कंपनी से हिरासत में लिया मनीष कुमावत को कंपनी से ही हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने स्वीकार किया कि दवा की सप्लाई जय राठौर ने अंकित सिंह को की थी। भुगतान उसके क्यूआर कोड से लिया गया था। पुलिस ने मनीष के पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन और बैंक पासबुक जब्त की। फिलहाल फरार आरोपी जय राठौर की तलाश की जा रही है। मनीष कुमावत नालासोपारा ईस्ट, जिला पालघर, महाराष्ट्र का रहने वाला है।
ऑनलाइन पेमेंट से नशीली दवा सप्लाई का आरोपी गिरफ्तार:दुर्ग पुलिस ने प्रतिबंधित टेबलेट का पेमेंट लेने वाले को मुंबई से पकड़ा, सप्लायर फरार

















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