अंबिकापुर में आंधी-बारिश से बिजली गुल…7-8 घंटे सप्लाई ठप:दुर्ग, बालोद समेत 30 जिलों में बिजली गिरेगी; बस्तर संभाग के जिलों में 5 दिन बरसात

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। रायपुर में सुबह से बूंदाबांदी हुई। अंबिकापुर में मंगलवार रात हुई आंधी-बारिश से 7-8 घंटे बिजली गुल रही, जिससे आधे शहर में अंधेरा छाया रहा, बलरामपुर में दो से तीन जगहों पर भारी बारिश हुई है। इस बीच मौसम विभाग ने सरगुजा, रायपुर, दुर्ग, बालोद, धमतरी, कांकेर समेत 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर इन तीन जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। बस्तर संभाग में अगले पांच दिन दो से तीन जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण प्रदेश में ऐसी स्थिति बन रही है। 1 अगस्त से 11 अगस्त के बीच 141 मिमी बारिश ओवर ऑल इस माह की बारिश की बात करें तो 1 से 11 अगस्त के बीच 152.8MM पानी बरसना चाहिए था, लेकिन अब तक केवल 50.8 MM ही पानी बरसा है। यानी सामान्य से लगभग 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक 678 मिमी बरसा पानी 1 जून से अब तक प्रदेश में 678 मिमी बारिश हो चुकी है। बलरामपुर में सबसे ज़्यादा 1113.5 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा में सबसे कम 336.4 मिमी बारिश हुई है। जून से जुलाई के बीच 623.1 MM मिलीमीटर बारिश प्रदेश में 1 जून से 30 जुलाई तक कुल 623.1 MM मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 558MM के करीब बारिश का अनुमान लगाया था। यानी अनुमान से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो कुल 453.5 मिमी बारिश हुई है। पिछले 10 सालों में सिर्फ 2 बार ही जुलाई में बारिश का आंकड़ा 400MM पार हुआ है। 2023 में जुलाई माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा 566.8MM पानी बरसा था। इससे पहले 2016 में 463.3MM पानी गिरा था। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

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