मुंगेली में यूरिया खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की कार्रवाई:चार दुकानों का लाइसेंस रद्द, जांच में यूरिया खाद का स्टॉक भी शून्य पाया गया

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में यूरिया खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को आदेश दिया गया है कि खाद विक्रेताओं के खिलाफ निरीक्षण तेज करें और अनियमितता पाए जाने पर दुकान को तुरंत सील कर लाइसेंस रद्द किया जाए। नारायण ट्रेडर्स पर कार्रवाई लोरमी विकासखंड के ग्राम सारधा में स्थित नारायण ट्रेडर्स कृषि केंद्र की जांच नायब तहसीलदार, एसएडीओ और आरएईओ द्वारा की गई। जांच में यूरिया का कोई स्टॉक नहीं मिला और POS मशीन से प्राप्त रिपोर्ट में भी स्टॉक “शून्य” दर्ज था। व्यापारियों का कहना था कि उन्हें थोक सप्लाई मिल नहीं रही है। इस निरीक्षण में कृषि और राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद थी। तीन अन्य दुकानें सील इस दौरान जिला मुख्यालय स्थित तीन दुकानों किसान एजेंसी (पंडरिया रोड), संकटमोचन खाद भंडार, और जायसवाल कृषि केंद्र की भी जांच की गई। उपसंचालक कृषि एम. आर. तिग्गा के मार्गदर्शन में हुई जांच में इन दुकानों पर कई अनियमितताएं पाई गई, जिसमें लाइसेंस, स्टॉक और मूल्य सूची का प्रदर्शन नहीं था और विक्रय पंजी और पीओएस स्टॉक में असमानता थी। परिणामस्वरूप, इन तीनों दुकानों का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। यहीं नहीं, मां शक्ति माई पूरन ट्रेडर्स (पंडरिया रोड, मुंगेली) का भी निरीक्षण किया गया और अनियमितताएं पाई जाने पर उसका भी लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। किसानों को राहत, कार्रवाई में तेजी प्रशासन की इस सख्ती से खाद विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं होने दिया जाएगा, और इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।

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