फ्रॉड का नया ट्रेंड:नौकरी का झांसा देकर बुला रहे झारखंड,  2 गांवों में ही इस तरह के 10 मामले

आदिवासी, बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लड़के-लड़कियां हजारीबाग (झारखंड) से ऑपरेट हो रहे ठगों के एक रैकेट के निशाने पर हैं। रैकेट से जुड़े लोग फोन कर पहले व्यक्ति से भावनात्मक तौर पर जुड़ते हैं। परिवार के बारे में जानकारी लेते हैं। फिर परिवार के 10वीं, 12वीं पास सदस्य के लिए 17,000 से 18,000 की नौकरी ऑफर करते हैं। लिमिटेड सीट की बात कहते हैं। डॉक्यूमेंट मंगवाते हैं और फिर आखिर में कॉल आता है- आपका जॉब लग गया है। इस तारीख को हजारीबाग पहुंचें…। इस बीच, यह भी कहा जाता है कि रहने-खाने के लिए 16,200 रु. लगेंगे। बातचीत का सिलसिला करीब महीनेभर चलता है, जब तक की व्यक्ति झांसे में न आ जाए। झांसे में आए लड़के-लड़कियों से इनके कांटेक्ट के 100 लोगों के नंबर लेते हैं। फिर इन 100 लोगों को अलग-अलग लोग कॉल करते हैं। इस पर लोगों को फंसाते चले जाते हैं। ​जशपुर जिले के सेंड्रीमुंडा, कर्मा, बड़गड़ गांवों के कई लड़के-लड़कियां रैकेट के झांसे में आ चुके हैं। ऐसी ही एक युवती तिरेसा एक्का (32) तक भास्कर पहुंचा, जो 39 दिन बंधक रही। रैकेट ऑपरेटर को पता चला कि तिरेसा के पति रोहित ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है तो तिरेसा से लिखवाया कि उसे जबरदस्ती नहीं रखा गया और रिहा कर दिया। इसी गांव की अमिया कुजूर झांसे में आते-आते रह गई, क्योंकि उसे शक हो गया था कि उसके साथ फ्रॉड हो रहा है। अकेले इन 3 गांव के 10 लड़के-लड़कियां रैकेट के झांसे में आ चुके हैं।
हर केस में परिवार बेटी, पत्नी को छोड़कर आए
भास्कर इंवेस्टीगेशन में खुलासा हुआ है कि जितने भी लड़कियां हजारी बाग गए, उन्हें उनके पिता, पति या ​अन्य नजदीकी रिश्तेदार ने छोड़ा। हजारीबाग बस स्टैंड पर रैकेट से जुड़ी 2 लड़कियां रिसीव करनी आती है। पहले 1 हफ्ते हॉस्टल में रखा जाता है, बताया गया कि यह हॉस्टल रसौलीगंज क्षेत्र में हैं। हॉस्टल में 24 घंटे पहले से रहने वाली लड़कियां, नई लड़की पर नजर रखती हैं।दिन में एक बार परिवार से बात करनी की अनुमति होती है। जशपुर पुलिस का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे प्रकरण हो सकते हैं, शिकायतें प्राप्त होंगी तो संयुक्त टीम बनाकर जांच करेंगे। केस – 39 दिन में कंपनी का नाम पता नहीं चला, यहां एक काम-कॉल करके लोगों को झांसे में लो तिरेसा एक्का के पति रोहित को 24 जून को कॉल आया। कॉल करने वाली लड़​की गांव की ही अंकिता खलखो थी। बाद में उसने नंबर बदल दिया। रोहित कहते हैं कि मुझसे उसने परिवार के बारे में सारी जानकारी ले ली, तिरेसा का नंबर भी ले लिया। ​फिर तिरेसा को कॉल आने लगा, कहा- वहां ट्रांसपोर्ट के सामान के बिल बनाने का काम करना है। 18,000 रुपए मिलेंगे। पैसों की जरूरत थी, बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे हैं, इसलिए मैं गई। वहां मुझे हॉस्टल में रखा। दिनभर ट्रेनिंग करवाते कि कैसे लोगों से बात करनी है। मुझसे कहा कि 100 लोगों के नंबर लाओ। रात 8 बजे से सुबह 10 बजे तक फोन जब्त कर लेते। और मेरे नंबर से लोगों को कॉल करते। वहां यही काम था। न कोई कंपनी का बोर्ड, न कोई पोस्टर वहां कुछ नहीं था। इसके हेड उदय यादव कहते- 2 लोगों को जोड़ना ही है। नहीं जोड़ने पर घर से 5000 रुपए मंगवा लेना, तुम्हारे खर्चे के। मुझे गांव की अंकिता और अनिशा वहीं मिलीं। वहां दूसरे राज्यों को लड़कियां भी हैं। सबका एक ही काम कि कॉल करो, लोगों से बात करो। उन्हें आकर्षित करो। फिर जॉब का ऑफर दो…। मुझसे 48000 रुपए भी ठग लिए। बाहर से लोगों को बुलवाकर माइंड बॉश भी करते हैं। केस -मौसी काम करवाने ले गई थी, 15 माह से लापता जशपुर जिले के कर्मा गांव के 19 वर्षीय अंशू खलखो की मां नीरा और पिता सुशील व नारायणपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे। उनके मुताबिक बेटी अंशू ने 12वीं की परीक्षा दी थी। पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं थी तो मौसी बोली- इसे नौकरी पर लगवा दूं, 18,000 रु. मिलेगा। वह अंशू को 25 मई 2024 को हजारीबाग ले गई। वहां 2 लड़कियां आईं, वे अंशू को साथ ले गईं। 4 महीने के बाद कोई बात नहीं हुई है। केस – बेटी से बात होती है, क्या काम करती है नहीं पता अं​किता की मां पोषणिया खलखो ने बताया कि मार्च में अंकिता तेजपुर से 12वीं की परीक्षा देकर आई थी। मेरी चाची की बेटी अनिशा बोली- दीदी मैं हजारीबाग में काम करती हूं, अंकिता को भेजोगे क्या? मैं बोली- काम अच्छा है तो भेजूंगी। अंकिता बोली- हां, जाऊंगी। हमें काम, वेतन और रहन-सहन के बारे में नहीं पता। मैं तो सुनी थी कि वहां 2 लोग को ढूंढना पड़ता है। गांव में कई लोगों को कॉल आए हैं। ^शिकायतें मिली हैं। इंवे​स्टिगेशन किया जा रहा है। यह ठगी रैकेट का नया पैटर्न है। जशपुर पुलिस अपील करती है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति के झांसे में न आएं। शिकायत दर्ज करवाएं।
-शशिमोहन सिंह, एसपी, जशपुर ^अभी तक ऐसी गतिविधियों की सूचना हम तक नहीं पहुंची है। अगर हजारीबाग से छत्तीसगढ़ फोन कॉल जाने और नौकरी का लालच देकर पैसे की ठगी करने का मामला आया है तो हम इस पर जांच करेंगे।
अमित कुमार, एएसपी, हजारीबाग

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