नवा रायपुर में बन रही नई विधानसभा एक नवंबर तक बनकर तैयार हो पाएगी या नहीं, यह सवाल हर किसी के जेहन में है। पहली बार दैनिक भास्कर नई विधानसभा के अंदर पहुंचा और जाना कितना काम हो चुका है और क्या बाकी है। अभी 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एक हजार मजदूर 24 घंटे काम कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी का महकमा दिन भर विधानसभा में ही डेरा डाले हुए है। ईएनसी तक दिन में चार बार चक्कर लगा रहे हैं। सेंट्रल हॉल जहां सभी विधायक बैठेंगे, वह आखिरी स्वरूप ले रहा है। सेंट्रल एसी का काम पूरा होते ही फॉल सीलिंग होगी।
सितंबर तक इंटीरियर का काम पूरा हो जाएगा। 200 सीटिंग के इस हॉल में अभी सिर्फ 45 सोफे ही लगेंगे। एक सोफे पर दो विधायक बैठ सकेंगे। वहीं 24 मंत्रियों के लिए कमरे तैयार किए गए हैं, लेकिन अभी 14 कमरे ही चालू होंगे। बाकी 10 कमरों का क्या उपयोग होगा, यह विधानसभा अध्यक्ष तय करेंगे। बता दें कि हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्यौता देने गए थे। एक नवंबर को प्रदेश के रजत जयंती समरोह के दौरान विधानसभा का उद्घाटन होगा। इसके लिए एक दिन का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। पिछली विधानसभा से यह सब अलग एक साल का काम 6 महीने में 2020 में विधानसभा का शिलान्यास किया गया था। यह 324 करोड़ रुपए से बनाई जा रही है। 5 लाख स्क्वॉयर फीट में तैयार की गई है। टेंडर में विधानसभा को 20 सितंबर 2025 तक बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन कांग्रेस शासनकाल में स्पीड धीमी रही। 2024 में 60% काम ही हो पाया था। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने तय किया कि रजत जयंती समारोह में हम नई विधानसभा में प्रवेश करेंगे। इसके बाद एक साल का काम 6 महीने में पूरा किया जा रहा है। यहां बिजली की बचत, धान के कटोरे का फील विधानसभा बनाने वाले आर्किटेक्ट संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि विधानसभा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सूर्य रोशनी हमेशा आती रहेगी। जब विधानसभा के सत्र चलेंगे, तभी सेंट्रल हॉल में बिजली जलानी पड़ेगी। सेंट्रल हॉल में धान की बालियों का इंटीरियर किया जा रहा है। इसके अलावा तीनों बिल्डिंगों में इस तरह कनेक्शन किए गए हैं कि जिस बिल्डिंग में लोग रहेंगे, वहीं की सेंट्रल एसी चलेगी। बिजली की बचत होगी ^छत्तीसगढ़ की विधानसभा का निर्माण इस तरह किया जा रहा है कि सूर्य की रोशनी हमेशा रहे। हमने इसका निर्माण अगले 100 साल को ध्यान में रखते हुए किया है। बिजली की बचत हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। विधानसभा को धान की बालियों के थीम पर सजाया गया है, जो हमारी पहचान बनेगा।
-अरुण साव, मंत्री, पीडब्ल्यूडी ^हमने 30 सितंबर तक विधानसभा का पूरा काम करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद भी हमारे पास एक महीने रहेंगे कुछ और सुधार करने के लिए। 30 अक्टूबर तक विधानसभा पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। मौके पर कुछ चीजों में बदलाव भी किया जा रहा है।
विजय भतपहरी, ईएनसी, पीडब्ल्यूडी
पहली बार देखिए नई विधानसभा की तस्वीरें…:एक नवंबर से पहले बनकर तैयार हो जाएगी विधानसभा, बजट सत्र से सुव्यस्थित चलेगी

















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