मौसम:बस्तर में बारिश से 94 साल का रिकॉर्ड टूटा, सड़कें जलमग्न, पुल-पुलिए बहे

बारसूर में सबसे ज्यादा 190 मिमी बारिश, रायपुर में भी झमाझम मानसून द्रोणिका और कम दबाव के क्षेत्र के कारण बस्तर संभाग के तकरीबन सभी जिलों में भारी बारिश हुई है। दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर जिलों का संपर्क बस्तर जिले से कट गया है, वहीं दरभा, लोहंडीगुड़ा सहित कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर जाने से आवाजाही ठप हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक बस्तर जिले में 24 घंटे में 217.1 मिमी यानि करीब साढ़े 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। दंतेवाड़ा जिले में 190.6 मिमी यानी करीब साढ़े 7 इंच रिकॉर्ड हुई है। बस्तर जिले में 94 साल बाद इतनी बारिश हुई है। पिछली बार 94 साल पहले 15 अगस्त 1931 को सबसे ज्यादा बारिश 203.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। दूसरी ओर, भारी बारिश के चलते विशाखापट्टनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस और पैसेंजर को भी मंगलवार को रद्द कर दिया गया। जगदलपुर शहर में भी बारिश का खासा असर देखने को मिला, जहां कई मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा हिकमीपारा, शहीद पार्क तिराहा सहित निचली बस्तियों में भी पानी घरों तक घुस गया। राजधानी रायपुर में सोमवार देर रात और मंगलवार दोपहर तक मौसम ठंडा रहा। दिनभर आसमान में हल्के बादल रहे। इस वजह से उमस बनी रही। शाम 6 बजे के करीब अचानक तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। रायपुर में मंगलवार को कुल 1.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। बाढ़ में फंसे 6 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला बाढ़ के दौरान बस में फंसे 45 लोगों के साथ ही बीच धार में फंसा बाइक सवार को भी बचाया गया। इसके अलावा मांदर में 16 लोगों का रेस्क्यू करने के साथ ही 6 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया। सीएम विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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