बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण बस्तर संभाग में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में फंसे 6 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मांदर गांव के ये लोग घर की छत पर फंसे हुए थे। वायुसेना के हेलीकॉप्टर से अब तक 68 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने वायुसेना से मदद मांगी थी। वहीं NH-30 जगदलपुर-सुकमा मार्ग पर दरभा घाटी के पास उफनते नाले को पार करने के दौरान एक कार बह गई। हादसे में कार सवार पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गई। ड्राइवर ने तैरकर जान बचाई। सभी तमिलनाडु के रहने वाले थे। SDRF की टीम ने देर रात कार में फंसे शवों को बाहर निकाला। सभी शवों को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजकर पोस्टमॉर्टम किया गया। पहले ये तस्वीरें देखिए… सीआरपीएफ कैंप में घुसा पानी, 3 दिन अलर्ट इससे पहले बीजापुर के भैरमगढ़ स्थित CRPF 165वीं बटालियन के मुख्यालय में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी घुस गया। दंतेवाड़ा-जगदलपुर रोड पर बंजारीनघाट पर सड़क में पानी भर गया। छिंदगढ़ के कोकराल नदी में पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। सुकमा में लगातार बारिश से शबरी नदी उफान पर है। मौसम विभाग की माने तो अगले 3 दिन कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। आज बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव इन चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद इन 5 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। कबीरधाम, बलौदाबाजार, रायपुर सहित सेंट्रल पार्ट के 9 जिलों में बिजली गिरने, बादल गरजने और आंधी चलने का अलर्ट है। उत्तरी हिस्से में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। बिलासपुर में बाढ़ में बहने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत रायपुर में मंगलवार शाम तेज बारिश हुई। बिलासपुर जिले में बाढ़ में बहने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं पचपेड़ी थाना क्षेत्र के टांगर गांव में एक 12 साल का बच्चा एनीकट पार करते समय नदी में बह गया। इसके अलावा बीजापुर जिले में नाव पलटने से 2 बच्चियां लापता हैं। मंत्री के बंगले में घुसा पानी सरगुजा संभाग में मध्यम बारिश, बिलासपुर में हल्की से मध्यम, दुर्ग-रायपुर में भी कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई। MCB जिले के भरतपुर में बिजली गिरने से 8 भैंसों की मौत हो गई। अंबिकापुर में भी दोपहर आधे घंटे की तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। मंत्री राजेश अग्रवाल के बंगले में भी पानी घुस गया। निचले इलाकों में सड़कों से लेकर घरों तक में पानी घुस जाने से लोग परेशान रहे। वहीं तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान 34.5°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.0°C पेंड्रारोड और राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा बेमेतरा जिले में अब तक 408.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से -49% कम है। महासमुंद (-20%) जिले में वर्षा सामान्य से काफी कम रही है, जिन्हें ‘क्षेत्र में वर्षा की कमी’ वाले क्षेत्रों में रखा गया है। सरगुजा जिले में भी 27% वर्षा की कमी दर्ज की गई है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, बेमेतरा, जगदलपुर में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। वहीं, बलरामपुर जिले में 1257.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 71% अधिक है। जांजगीर जिले में भी 24% अधिक बारिश हुई है। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ
दरभा में नाले में बही कार…पति-पत्नी, 2 बच्चों की मौत:बस्तर में बाढ़…6 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला,68 लोगों का रेस्क्यू; 9 जिलों में अलर्ट

















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