यह तस्वीर पुलिस आवास आमानाका की है। 34 साल पुराने बने 24 मकान पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। हालत ऐसे हैं कि छत पर जाने वाली सीढ़ियां टूटकर गिर चुकी हैं। पहली मंजिल पर जाने वाली सीढ़ियां बल्लियों के भरोसे है। यहां करीब 20 परिवार भगवान भरोसे ही रह रहे हैं। इसकी सूचना पर नगर निगम का अमला आया और मलबा हटाने के साथ साथ इसे जर्जर घोषित कर दिया था। हालांकि अभी तक 24 जर्जर मकानों को गिराया नहीं गया है। पुलिस आवास में दो ब्लॉक बने हैं। सभी जर्जर भवनों को नोटिस नगर निगम सीमा में आने वाले सभी जर्जर भवनों को नोटिस जारी किया जा रहा है। संबंधित एजेंसी को इसे जल्द डिस्मेंटल करने के लिए कहा गया है।- आभाष मिश्रा, नगर निवेशक, नगर निगम मंजूरी के बाद शुरू होगा काम जर्जर आवासों को सुधारने 10 करोड़ रुपए मिले हैं। नए आवासों के लिए 400 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा।-पवन देव, एमडी, पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन कोई गिर न जाए इसलिए रखे गमले छत जाने वाली सीढ़ी की बाउंड्री भी टूट चुकी है। अनजाने में इससे कोई गिर न आए, इसलिए रहवासियों ने सीढ़ी के रास्ते में गमले (लात मेरे में) रहा दिए हैं। बच्चों को भी अलर्ट किया गया है।
मकान बल्लियों के भरोसे, जिंदगी भगवान भरोसे:पुलिस आवास में दो ब्लॉक 34 साल पुराने, 24 जर्जर मकान में 20 परिवार, 6 साल से नहीं बन रहे नए घर

















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