पैरी नदी से रोज 200 हाइवा रेत खुदाई…VIDEO:रात 10 बजे से सुबह 4 तक खनन, 5-7 मिनट में गाड़ी लोडिंग, डेली 50-55 लाख का कारोबार

छत्तीसगढ़ में रेत खनन पर 10 जून से 15 अक्टूबर तक बैन है। रायपुर और धमतरी समेत सभी जिलों में रेत घाटों की लीज रद्द है, लेकिन रेत माफिया खुलेआम घाटों से रेत निकाल रहे हैं। राजधानी रायपुर से महज 50 किलोमीटर दूर पैरी नदी के घाटों पर रोजाना रात में मशीनों से खनन जारी है। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि धमतरी जिले के नवापारा से लगे बुड़ेनी घाट से हर रात पोकलेन मशीनों से खुदाई कर 200 से ज्यादा हाइवा रेत रायपुर भेजी जा रही है। 2 अगस्त से 31 अगस्त के बीच लगातार 28 दिन की जांच में पैरी और महानदी घाटों से रेत सप्लाई का यह बड़ा खेल उजागर हुआ। रेत माफिया ने इस धंधे के लिए बाकायदा पूरा सिस्टम खड़ा कर रखा है। हर रात 10 बजे के बाद मशीनें नदी में उतारी जाती हैं। सुबह 4 बजे तक खनन-सप्लाई चलती है। रायपुर में एक हाइवा रेत करीब 25 हजार रुपए में बेची जा रही है। इस हिसाब से रोजाना 50 से 55 लाख रुपए का कारोबार हो रहा है। पढ़िए इस रिपोर्ट में कैसे रेत माफिया कर रहा रेत की तस्करी ? रेत तस्करी से जुड़ी ये तस्वीरें समझिए… अब पढ़िए 31 अगस्त, रात 1 बजे की कहानी भास्कर की टीम 31 अगस्त की रात अभनपुर बस स्टैंड पहुंची। इस दौरान अभनपुर बस स्टैंड की अधिकांश शॉप बंद हो चुकी थी। बस स्टैंड के नजदीक ही बने गणेश पंडाल में तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम पर भजन बज रहे थे। पंडाल के पीछे मेन रोड पर संचालित दो टी स्टॉल पर तीन ड्राइवर चाय की चुस्कियां ले रहे थे। इस दौरान सभी ड्राइवर ने अपने हाइवा सड़क किनारे पार्क किए हुए थे, तभी अचानक एक ड्राइवर के पास मोबाइल पर कॉल आता है। फोन पर करीब 35 सेकेंड की बातचीत के बाद ड्राइवर तेजी से अपने हाइवा को राजिम की ओर दौड़ाने लगते हैं। इसी हाइवा का पीछा भास्कर की रिपोर्टिंग टीम करती है। करीब 25 किलोमीटर बाद हाइवा गोबरा नवापारा बस्ती के बीच से चकमा देकर निकल गया, जो साढ़े 3 घंटे बाद तड़के 3:30 बजे गोबरा नवापारा के बाजार के बीच से रेत लेकर रायपुर जाता दिखा। रिकार्ड में स्टॉक, लेकिन सप्लाई सीधे नदी से खनन कारोबारी द्रोणेश प्रकाश सोनवानी ने पैरी नदी के बुड़ेनी घाट पर रेत भंडारण की साइट बनाई है। जहां 10 हजार घनमीटर (करीब 500 हाइवा) रेत स्टॉक की है। भंडारण साइट पर पोकलेन और एक डंपर पैक कर रखा है। इसी साइट से 3 किलाेमीटर आगे 4 पॉकलेन मशीनें और एक डंपर रखा गया है। यही पोकलेन मशीनें रात में पैरी नदी से रेत निकालती है। पूरी रात बुड़ेनी घाट पर रेत की खुदाई करते हैं। हाइवा में लोड कर सप्लाई के लिए भेजते हैं। 4 पोकलेन से खनन, एक मशीन 7 मिनट में भर देती है हाइवा प्रदेश की सबसे बड़ी नदी महानदी से सटे और पैरी नदी के बुड़ेनी घाट पर अवैध रेत खनन करने और डंपर, हाइवा को भरने के लिए 5 अलग-अलग स्थानों पर खनन माफिया की 4 पोकलेन मशीन खनन माफिया ने लगाई हैं। यहां मशीन एक डंपर को पांच मिनट और हाइवा को 7 मिनट में रेत से भर देती हैं। यह स्थिति तब है, जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर राज्य सरकार ने 10 जून से 31 अक्टूबर तक 4 माह के लिए नदियों से रेत खनन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। 3 जिलों के कई थाने को पार कर रेत सप्लाई हालत यह है कि 3 जिलों के कई थाने और चौक-चौराहों से होकर गुजरने वाले रेत लोड हाइवा को रोकने वाला कोई नहीं दिखता। खनिज विभाग और जिला प्रशासन की टीमों की मौजूदगी के बावजूद अवैध खनन का यह सिलसिला बेरोकटोक चलता है। राजिम- अभनपुर रोड पर रेत से भरे डंपर, हाइवा तेज रफ्तार में रायपुर आते हैं। सवाल यह उठता है कि जब इतने बड़े पैमाने पर रोज रात खनन और परिवहन हो रहा है तो अफसरों की निगरानी और कार्रवाई आखिर कहां है? अवैध रेत खनन-परिवहन से जुड़ी ये तस्वीरें भी देखिए… रेत भंडारण किया गया है, वहीं से निकालकर बेचा जा रहा वहीं अवैध रेत खनन मामले में भास्कर की टीम ने धमतरी के बुड़ेनी के रेत कॉन्ट्रैक्टर द्रोणेश प्रकाश सोनवानी से बातचीत की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि बुड़ेनी घाट पर फिलहाल इस वक्त नदी में काफी पानी है। नदी से सीधे रेत नहीं निकाल रहे हैं। रेत का भंडारण किया हुआ है, उसी स्टॉक से रेत बेच रहा हूं। धमतरी अवैध रेत तस्करी पर कलेक्टर अविनाश ने बताया कि अभी नदी से सीधे रेत नहीं निकाली जा रही है। लाइसेंसी सप्लायर, डंपिंग साइट (भंडारण) से रेत की सप्लाई कर रहे हैं। जिले में अगर किसी नदी से रेत निकाली जा रही है? तो संबंधित नदी के घाट पर टीम भेजकर कार्रवाई करेंगे।

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