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शराब घोटाला:चैतन्य के खिलाफ 7000 पन्नों का चालान पेश, EOW ने रिमांड मांगी

प्रदेश के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ ईडी(प्रवर्तन निदेशालय) ने सोमवार को रायपुर कोर्ट में 7 हजार से ज्यादा पन्नों का चालान पेश किया। यह चालान चैतन्य की गिरफ्तारी के 60 दिन होने के एक दिन पहले पेश किया गया है। ईडी के अधिकारी 4 बंडलों में इस चालान को लेकर पहुंचे थे। इधर, ईओडब्ल्यू ने भी चैतन्य को रिमांड पर लेने के लिए विशेष अदालत में आवेदन लगाया। चूंकि हाईकोर्ट में चैतन्य की ओर से पहले ही अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया गया है, इसलिए इस पर फैसला आने तक ईओडब्ल्यू कोर्ट ने ईओडब्ल्यू के रिमांड के आवेदन की सुनवाई पर रोक लगाई है। अग्रिम जमानत का फैसला आने के बाद ही इस पर सुनवाई होगी। चैतन्य को 18 जुलाई को ईडी ने गिरफ्तार किया था। तब से वह रायपुर जेल में बंद है। हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका: चैतन्य की अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पर सुनवाई सोमवार को हुई। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए सेशन कोर्ट जाने कहा। अब मंगलवार को सेशन कोर्ट में चैतन्य की अग्रिम जमानत याचिका का आवेदन लगाया जाएगा। इस पर सुनवाई होने तक ईओडब्ल्यू कोर्ट ने चैतन्य की रिमांड के आवेदन की सुनवाई पर रोक लगाई है। सिंडीकेट से चैतन्य को मिले 1000 करोड़ इधर-उधर
शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। ईडी का दावा है कि दुर्ग के कारोबारी और भूपेश बघेल के करीबी लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल ने कबूल किया है कि शराब घोटाले में उन्हें तीन माह के भीतर 136 करोड़ मिले। पैसा कारोबारी अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित ने भिजवाया था। उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया है कि सिंडीकेट से चैतन्य को 1000 करोड़ रुपए मिले हैं। इस पैसे को दोनों ने मिलकर इधर-उधर किया है। प्रोजेक्ट में किया इन्वेस्ट पूछताछ में दुर्ग के बड़े सराफा कारोबारी ने कबूल किया है कि चैतन्य ने उन्‍हें 5 करोड़ रुपए बिना किसी ब्याज के कर्ज दिया है।

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