हैंड-फुट-माउथ डिजीज…:मौसम में बदलाव से 20% बच्चों को नई तरह की बीमारी, हाथ-पैर में रैशेज, मुंह में हो रहे छाले, डॉक्टरों की सलाह- सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी

राजधानी में मौसम में हो रहे बदलाव का असर बच्चों के साथ बड़ों की सेहत पर भी पड़ रहा है। अभी बच्चों में एक नई तरह की बीमारी तेजी से फैल रही है। डॉक्टरों के मुताबिक इन दिनों ओपीडी में हैंड-फुट-माउथ डिजीज के 20% मामले सामने आ रहे हैं। यह संक्रमण बच्चों को प्रभावित कर रहा है। इसमें हाथ-पैरों पर लाल डिस्टेंसिंग हो जाते हैं और मुंह में छाले बन जाते हैं, जिससे बच्चे खाना-पीना भी छोड़ देते हैं। भास्कर एक्सपर्ट – बच्चों के साथ बड़े भी वायरल की चपेट में, गले में खराश के बढ़े मरीज, अस्पतालों में बेड लगभग फुल डॉ. निलय मोझेरकर, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
इस संक्रमण से बच्चों में बुखार, गले में खराश और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। वैसे तो यह फैलने वाली बीमारी है, पर ज्यादा खतरनाक नहीं है। दवा व सावधानी रखने पर 5-7 दिनों में ठीक हो जाती है। जिला अस्पताल में आम दिनों में 40-50 बच्चे ओपीडी में पहुंचते थे, लेकिन अभी 70-80 बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। डॉ. मान्या ठाकुर, ईएनटी एक्सपर्ट
ओपीडी में गला सूखना, खराश, खांसी और गले में दर्द जैसे लक्षण के मरीज आ रहे हैं। ज्यादातर लोगों में गले में खराश और जलन की समस्या देखी गई है। इसके अलावा सर्दी, दर्द, निगलने में कठिनाई, खांसी व छींक आना, बुखार-सिरदर्द जैसी परेशानी हो रही है। इससे बचने खूब पानी पीएं, भाप लें, गर्म सूप व शहद का सेवन करें। डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा, मेडिसिन एक्सपर्ट, अंबेडकर अस्पताल बीते हफ्तों से मरीजों की संख्या में 10-15% की बढ़ोतरी हुई है। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोज 400 मरीज पहुंचते हैं। इन तीन दिनों में मेडिसिन विभाग में ही रोजाना 600 से ज्यादा मरीज पहुंचे हैं। इनमें ज्यादा मरीज सिर्फ सर्दी, खांसी, पेट दर्द, वायरल बुखार के थे। इनमें से कई मरीजों को भर्ती तक करना पड़ रहा है। अंबेडकर अस्पताल के मेडिसिन वार्ड लगभग फुल चल रहे हैं। इसी तरह श्वसन रोग विभाग की आईसीयू और सीसीयू में भी बेड नहीं है। राहत है कि मरीज 4-5 दिन में ठीक हो रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह मुंह के छाले को हल्के में न लें

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