राज्य में हुए 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। घोटाले का पैसा कार्टून में भरकर हर माह प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचाया जाता था। अनवर ढेबर का मैनेजर दीपेन चावड़ा एक बार में 10 कार्टून कार से लेकर जाता था। हर कार्टून में 1 करोड़ रुपए होते थे। यानी एक बार में 10 करोड़ रुपए पहुंचाए जाते थे। इसी तरह हर महीने 4 बार में 40 कार्टून में भरकर रुपए पहुंचाए जाते थे। यह पैसा कार्यालय के कर्मचारी देवेंद्र डड़सेना के पास रखा जाता था और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के नाम से छोड़ा जाता था। पिछले तीन साल में 960 करोड़ रुपए पहुंचाने का खुलासा जांच में हुआ है। इसे पार्टी फंड का पैसा बताया जा रहा है। ईडी की जांच में सामने आया है कि घोटाले की रकम में से 1000 करोड़ कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू और चैतन्य बघेल के पास गए। तांत्रिक केके श्रीवास्तव को मिले 90 करोड़ रुपए ईडी ने दावा किया है कि शराब घोटाले में भूपेश बघेल के करीबियों से मिले सबूतों के आधार पर उनके बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया। कारोबारी पप्पू बंसल ने कबूल किया है कि सिंडिकेट से चैतन्य को 1000 करोड़ रुपए मिले। इस रकम को दोनों ने मिलकर इधर-उधर किया। तांत्रिक केके श्रीवास्तव को चैतन्य के माध्यम से 90 करोड़ रुपए दिए गए। जिन्हें कार्टून में भरकर पहुंचाया गया। कुम्हारी में चैतन्य की कंपनी बघेल बिल्डकॉन 18 करोड़ की विट्ठल ग्रीन सिटी डेवलप कर रही है। बिग-बॉस नाम से ग्रुप : ईडी के अनुसार, शराब सिंडिकेट ने बी-बॉस नाम से एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया था। इसमें चैतन्य बघेल, पुष्पक, सौम्या और दीपेन चावड़ा सहित अन्य लोग शामिल थे। इस ग्रुप में शराब घोटाले से जुड़ी चर्चाएं और पैसों के लेन-देन की बातें होती थीं। सीएम की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया इन चर्चाओं में आईएएस अफसरों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करती थी और उन्हें तक गालियां देती थी। सुनियोजित था घोटाला ईडी का दावा है कि छत्तीसगढ़ में हुआ यह शराब घोटाला पूरी तरह सुनियोजित था। इसमें सरकार, संगठन, अधिकारी और कारोबारी सब शामिल थे। जो भी सिंडिकेट का हिस्सा बना, उसे उसका हिस्सा मिला। इसमें सरकार के उच्च पदों पर बैठे लोगों की भी भूमिका की जांच की जा रही है। ईडी ने अब तक 23 लोगों के खिलाफ जांच पूरी कर ली है। इनमें से 2 की मौत हो चुकी है और 21 को गिरफ्तार किया गया है। पार्ट-बी से सबसे ज्यादा पैसा ईडी के अनुसार, घोटाले में सबसे ज्यादा रकम पार्ट-बी से मिला। इसमें 2174 करोड़ की अवैध कमाई की गई है। पार्ट-ए से 319 करोड़ रुपए और पार्ट-सी से 70 करोड़ रुपए मिले। ईडी का कहना है कि घोटाले की रकम और बढ़ सकती है। इस घोटाले के दौरान लगभग 60 करोड़ 50 लाख 950 पेटी अवैध शराब बेची गई है।
ईडी ने की 23 लोगों के खिलाफ जांच:हर महीने कार्टून में राजीव भवन जाता था शराबघोटाले का पैसा, तीन साल में 960 करोड़ रु. छोड़े

















Leave a Reply