रायपुर में पकड़े गए नक्सली दंपती की इनसाइड स्टोरी:मजदूर बनकर छिपे,चेहरा ढककर निलकते थे,कॉल-इंटरसेप्शन से फंसे,कमरे से गोल्ड बिस्किट, 1 लाख कैश मिला

रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में पिछले 5 साल से नक्सली दंपती मजदूरों के भेष में रह रहे थे। स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 25 सितंबर को छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, वे 1800 रुपए महीने किराए पर जर्जर कमरे में रह रहे थे ताकि किसी को शक न हो। छापे में पुलिस को उनके ठिकाने से 10 तोला सोने का बिस्किट, 1.14 लाख रुपए नकद, दो एंड्रॉइड मोबाइल और अन्य सामग्री बरामद हुई है। दोनों पर कुल 13 लाख रुपए का इनाम घोषित है। बताया जा रहा है कि रायपुर में रहते हुए उन्हें नक्सल संगठन के लिए शहरी नेटवर्क मजबूत करने, फंडिंग जुटाने और सुरक्षित ठिकानों का बंदोबस्त करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इनसाइड स्टोरी में विस्तार से पढ़िए दोनों इनके मोबाइल में क्या मिला, संगठन से कैसे जुड़े थे, और कब से चल रही थी निगरानी पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी:- गमछा बांधकर निकलते थे पति-पत्नी, बोलचाल भी कम थी
दैनिक भास्कर की टीम जब चंगोराभाठा स्थित उस घर पर पहुंची, जहां नक्सली दंपती रहते थे, तो पता चला कि वह मकान घनी बस्ती की तंग गलियों में स्थित है। उनका कमरा जर्जर हालत में था। पास में एक अकेली बुजुर्ग महिला रहती है, जिसने बताया कि दोनों पति-पत्नी खुद को मजदूर बताते थे और सुबह निकलकर रात करीब साढ़े आठ बजे लौटते थे। महिला नक्सली कमला कुरसम (27) घर से बाहर दुर्गा और गणेश प्रतिमाएं देखने निकलती थी, जबकि उसका पति जग्गू कुरसम पास की चिकन दुकान से अक्सर चिकन खरीदता था। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि उसकी बोली बस्तर की ठेठ भाषा जैसी थी। दोनों पति-पत्नी गमछा बांधकर निकलते थे और बातचीत से बचते थे, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। साइट पर बने संपर्क से किराए का ठिकाना मिला मकान मालकिन पुष्पा ने बताया कि दोनों पति-पत्नी से पहले कमरे में पवन नाम का युवक रहता था। वह करीब 6 महीने तक वहीं रहा और रोजी-मजदूरी करता था। जब उसका साइट का काम खत्म हुआ, तो उसने जग्गू को अपनी जगह 1800 रुपए महीने पर कमरा दिलवा दिया। पुलिस को आशंका है कि नक्सली दंपती ने कंस्ट्रक्शन साइट पर चालाकी से पवन से दोस्ती की और उसी के जरिए किराए पर मकान लेकर वहां शिफ्ट हो गए। किराना दुकान व्यापारी हेमंत देवांगन ने इन्हें जुलाई में मकान किराए पर दिया था। कमला ने आईडी के तौर पर दूसरे की आईडी दी है। लेकिन हेमंत ने थाने में दोनों का सत्यापन भी नहीं कराया और न ही उनके दस्तावेज अपने पास रखे। जग्गू मजदूरी के अलावा ड्राइविंग भी करता था। कॉल इंटरसेप्शन में फंसे पति-पत्नी इस मामले में इंटेलिजेंस एजेंसियों को जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में कॉल इंटरसेप्शन के जरिए सुराग मिला। रारायपुर लोकेशन से बस्तर बेल्ट में संपर्क होने के तकनीकी इनपुट की छानबीन की गई। जानकारी मिलने के बाद इनपुट डीडी नगर पुलिस को भेजा गया। पड़ोसियों के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे कुछ लोग सिविल ड्रेस में घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। उस वक्त दोनों आरोपी कमरे में ही मौजूद थे। दरवाजा खुलते ही टीम ने उन्हें दबोच लिया। तलाशी में पुलिस को 10 तोले का सोने का बिस्किट, 1 लाख 14 हजार रुपए नकद, दो टच स्क्रीन मोबाइल और अन्य सामान मिला है। दोनों पति-पत्नी का नक्सल इतिहास मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जग्गू करीब 11 साल की उम्र में बीजापुर इलाके में नक्सल संगठन से जुड़ गया। वह पहले गंगालूर इलाके में एक्टिव था फिर माढ़ क्षेत्र में आ गया। 2008 तक उसने फोर्स के साथ लड़ाई की। इस दौरान वह नक्सल संगठन की कई अलग-अलग कमेटी का सदस्य भी रहा। वर्तमान में वह भैरमगढ़ डिवीजनल कमेटी डिविजनल कमेटी का मेंबर (DVC) था। जग्गू पर 8 लाख रुपए का इनाम था। वहीं उसकी पत्नी कमला एरिया कमेटी ACM मेंबर थी। उसके ऊपर 5 लाख का इनाम था। नक्सल कैडर में रहते हुए दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। फिर उन्होंने शादी कर ली। इसके बाद वह रायपुर, दुर्ग-भिलाई जैसे कई अलग-अलग शहरों में रहकर नक्सल नेटवर्क को मजबूत करने के काम में लग गए। फिलहाल SIA पूछताछ में जग्गू से जानकारी निकलवाने में जुटी है। इनके खिलाफ डीडी नगर थाने में विधि विरुद्ध क्रियाकलाप एक्ट (UAPA) जैसी गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर केस को स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को सौंपा गया है। रायपुर में पहले भी ऐसी कार्रवाई साल 2005 में रायपुर के डंगनिया इलाके से सेंट्रल पोलित ब्यूरो के सदस्य नारायण सान्याल को गिरफ्तार किया गया था। वहीं 21 जनवरी 2008 में इसी इलाके से हथियारों से भरा बैग बरामद हुआ था। इसके ठीक एक दिन बाद यानी 22 जनवरी को डंगनिया के एक महिला छात्रावास से केएस शांतिप्रिया उर्फ मालती और मीना चौधरी उर्फ गीता चौधरी सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से केएस शांतिप्रिया हाल ही में मारे गए नक्सली लीडर (सेंट्रल कमेटी मेंबर) कट्टा रामचंद्र रेड्डी की पत्नी थी। …………………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर में किराए के मकान से नक्सली पति-पत्नी गिरफ्तार:अफसरों के घर ड्राइवर-गार्ड की नौकरी की, फर्जी आधार-कार्ड देकर इलाज के बहाने मकान लिया रायपुर में चंगोराभाठा के एक घर से नक्सली पति-पत्नी गिरफ्तार हुए हैं। इन अर्बन नक्सलियों ने इलाज के बहाने एक महीने पहले ही किराए पर घर लिया था। हालांकि आरोपी रायपुर के अलग-अलग इलाकों में लंबे वक्त से रह रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…

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