राजनांदगांव में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी समाज ने प्रदर्शन किया। शनिवार को सैकड़ों की संख्या में आदिवासी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सोनम वांगचुक को “देशद्रोही” बताए जाने और जेल भेजने को शर्मनाक बताया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्होंने देश के लिए टैंक बनाने में योगदान दिया है, उन्हें लद्दाख में संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वे लद्दाख की पहचान, पर्यावरण और जनसंख्या के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे थे। उनका 15 दिन का शांतिपूर्ण अनशन भी चर्चा में रहा था, जिसे उन्होंने स्वेच्छा से समाप्त किया था। सोनम वांगचुक पर NSA हटाने की मांग ज्ञापन में सोनम वांगचुक पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को हटाने और उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, लद्दाख में हुई गोलीबारी और हिंसा की न्यायिक जांच कराने, साथ ही लद्दाख को छठवीं अनुसूची और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग भी शामिल थी। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार पर लद्दाख की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “एक ऐसे व्यक्ति को जेल में डालना, जो जल, जंगल, जमीन और जवान की बात करता है, यह लोकतंत्र की हत्या है।”
सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग, राजनांदगांव में प्रदर्शन:देशसेवा के लिए टैंक बनाने वाले को देशद्रोही बताने पर आदिवासी समाज नाराज

















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