कलेक्टर भगवान सिंह उइके ग्रामीणों पर भड़के…VIDEO:बोले-ज्यादा होशियारी मत दिखाओ, ग्रामीण निस्तारी तालाब की समस्या लेकर पहुंचे थे कलेक्ट्रेट

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ग्रामीणों पर भड़क गए। निस्तारी तालाब की समस्या को लेकर जनदर्शन में पहुंचे ग्रामीणों से कहा कि कुछ भी बोलते हो, ज्यादा होशियारी मत दिखाओ समझे न, अनावश्यक बात करने से कोई मतलब नहीं जो है उसका सबूत पेश करो। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला छुरा ब्लॉक के ग्राम सरकड़ा का है। दरअसल, ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के मालगुजार परिवार ने तालाब पर कब्जा कर एक हिस्से में हेचरी बना दी है, जिससे तालाब में पानी नहीं भर पा रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। देखिए पहले ये तस्वीरें… 3 हजार लोगों के लिए निस्तारी का एकमात्र स्रोत इस मामले में सरपंच कृति लता दीवान, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष बाबूलाल साहू और अधिवक्ता दशरथ निषाद ने बताया कि 3 एकड़ में फैला यह तालाब 3 हजार आबादी वाली बस्ती के लिए निस्तारी का मुख्य स्रोत है। तालाब में पानी नहीं होने से बदबू फैल रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। निस्तारी पर रोक के बाद ग्रामीणों ने खंगाले दस्तावेज ग्रामीणों ने कहा कि जिले के सबसे बड़े दरबार से खाली हाथ लौटना पड़ा है और अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव में आक्रोश पनपेगा। जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। गांव में मालगुजार के उत्तराधिकारियों की ओर से निस्तारी रोकने के बाद ग्रामीणों ने तालाब का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। 1954 में बना था तालाब, रिकॉर्ड से मिली पुष्टि अधिवक्ता दशरथ निषाद ने बताया कि निकाले गए गोस्वारा रिकॉर्ड के मुताबिक 1954 में तालाब निर्माण हुआ था। 1961 में जब सार्वजनिक स्थलों का सरकारी करण किया जा रहा था। तभी ग्राम के सभी सार्वजनिक स्थलों को तत्कालीन मालगुजारों ने अपने नाम से चढ़ा लिया। 1968 के रिकॉर्ड के मुताबिक 1980 तक रिकॉर्ड में जिस रकबे में तालाब का जिक्र था। वह अचानक 1981 में कृषि भूमि तब्दील हो गया। जो तत्कालीन मालगुजार के बारिशों के नाम चढ़ गया। कृषि भूमि बताकर बारिशों ने तालाबों का भी बंटवारा कर लिया। मामला एसडीएम न्यायालय में चल रहा है। जानिए कलेक्टर ने क्या कहा? इस मामले में दैनिक भास्कर की टीम ने कलेक्टर भगवान सिंह उइके का पक्ष जानना है। जिस पर उन्होंने कहा कि कोई बदसलूकी नहीं हुआ है। ये सब जानबूझकर किया जा रहा है। वह राजा लोगों का तालाब है। जिसमें मछली पालन किया गया है। जिसे ग्रामीणों के नाम किए जाने की मांग किया जा रहा है। किसी निजी स्वामितव का कैसे किसी गांव के नाम पर कर सकते हैं। SDM खुद खड़ीं होकर बता रहीं थी, इसके बाद भी बदतमीजी कर रहा था। वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि गलत प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। …………………… यह खबर भी पढ़ें… प्राइवेट स्कूलों पर भड़के रायपुर कलेक्टर, VIDEO:कहा- मतदान दल को टुल्लू पंप का स्वीच तक नहीं बताया, रात 3 बजे हमने टैंकर भेजा रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जमकर फटकार लगाई। जिला प्रशासन ने सोमवार को RTE स्टूडेंट के ड्रॉप आउट की समस्या को लेकर समीक्षा बैठक ली थी। इस बीच ड्रॉप आउट मुद्दे के अलावा कलेक्टर ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्राइवेट स्कूल की अव्यवस्था पर भी बात की। पढ़ें पूरी खबर…

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