महिला-कोटवार का हंसिए से हाथ काटकर कंगन ले गए बदमाश:बालोद में गला दबाकर मार-डाला,लाश के पास चटाई बिछाकर पी बीड़ी, सोने-चांदी कैश की लूट

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिला कोटवार को देर रात दो लुटेरों ने घर का दरवाजा खटखटाकर जगाया, फिर मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। महिला की मौत के बाद लुटेरों ने उसके घर से सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए। जब महिला के हाथ से चांदी का कंगन नहीं निकला, तो हत्यारों ने हंसिए से उसका हाथ काटकर कंगन निकाल लिया। लाश के पास चटाई बिछाकर बीड़ी भी पी। अब इस मामले में पुलिस ने गांव के दो आदतन बदमाश को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी आदतन नशेड़ी और बदमाश है। दोनों ही गांव में छोटी-बड़ी चोरी, लूट और मारपीट की घटनाओं को अंजाम देते थे। उनका नशे की लत इतनी ज्यादा थी कि वे अपने घर का सामान तक चोरी कर बेच देते थे। इन दोनों से पूरा गांव त्रस्त था। मामला देवरी थाना क्षेत्र के ग्राम रानीतराई रोड की है। अब जानिए वारदात की पूरी कहानी… लुटेरों को लगता था, महिला के पास है बहुत सोना-चांदी दरअसल, 6 अक्टूबर की शाम कोटवार देवबती महार (65) का शव उसके घर में संदिग्ध हालात में मिला था। घर का दरवाजा बाहर से बंद था। जिससे हत्या की आशंका हुई। बालोद पुलिस के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई कि दोनों लुटेरों को लगता था कि बुजुर्ग महिला कोटवार के पास बहुत सोना-चांदी और कैश पैसा है। उनका मानना था कि एक बार लूट को अंजाम देने के बाद लंबे समय तक पर्याप्त पैसा मिलेगा। बुजुर्ग की हत्या भी आसानी से की जा सकती है। इसी वजह से दोनों महीनों से साजिश रच रहे थे और घर की रेकी भी कर चुके थे। दरवाजा खटखटा कर महिला कोटवार को जगाया 2 अक्टूबर को विसर्जन और विजयादशमी के त्योहार के बाद जब पूरा गांव गहरी नींद में था। रात लगभग 12 बजे दोनों लुटेरे गोलू उर्फ महेंद्र और महेंद्र कुमार साहू छिपते-छिपाते महिला के घर पहुंचे। उन्होंने दरवाजे पर दो-तीन बार खटखटाया। बुजुर्ग महिला जाग गई। जैसे ही वह बाहर निकली। दोनों ने मिलकर उसका मुंह और गला दबा दिया। थोड़ी ही देर में महिला की मौत हो गई। दाहिने हाथ की कलाई काटकर निकाली कंगन हत्या के बाद उन्होंने घर में रखे 24 हजार रुपए कैश, 8 चांदी के पट्टे, एक चांदी की करधन, एक अंगूठी, पेनकार्ड, एटीएम कार्ड और हाथ में पहना चांदी का कंगन लूट लिया। दाहिने हाथ में पहनी कंगन जब नहीं निकला, तो उन्होंने घर में रखे हंसिए से दाहिने हाथ की कलाई काटकर कंगन निकाल लिया। लूट के बाद शव के पास बैठकर पी बीड़ी जांच में यह बात भी सामने आई कि, दोनों अपराधी इस हत्या और लूट के बाद भी बेखौफ थे। उन्होंने घर में रखी चटाई शव के पास बिछाकर तीन बीड़ी पी और फिर उसी चटाई से महिला को ढंक दिया। तीन दिन बाद पड़ोसियों को हुआ संदेह जब महिला तीन दिनों तक दिखाई नहीं दी, तो लोगों को संदेह हुआ। 6 अक्टूबर सोमवार शाम पड़ोस की सुलोचना बाई साहू घर पहुंची और देखा कि बाहर से दरवाजा बंद था। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को सूचना दी। उनका बेटा गंगाराम साहू, पड़ोस के भास्कर साहू और रामकुमार साहू दरवाजा खोलकर अंदर गए तो देवबती महार की मौत हो चुकी थी। सीसीटीवी और मुखबिर के आधार पर गिरफ्तार हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद दोनों ही आरोपी बेफिक्र थे। लेकिन मुखबिर की सूचना और सीसीटीवी में संदिग्ध गतिविधियों को देखकर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। शुरुआत में दोनों ने हत्या से इनकार किया। लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मिले बीड़ी के टुकड़े दिखाए गए, तो उन्होंने हत्या और लूट की बात कबूल कर ली। लूट और हत्या के तहत अपराध दर्ज – SDOP एसडीओपी देवांश सिंह राठौर ने बताया कि, इस मामले में बीएनएस की धारा 311(4), 332, 103(अ), 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। वहीं आरोपी गोलू उर्फ महेंद्र कुमार साहू (25) के खिलाफ अर्जुन्दा थाने में अवैध शराब तस्करी, और महेंद्र साहू (28) के खिलाफ देवरी और मोहला थाना में अवैध शराब तस्करी और मारपीट सहित चार प्रकरण दर्ज हैं। दोनों ने साथ में नाहन्दा में ढाई लाख रुपए की चोरी भी की थी। दो हिस्सों में बंटा गांव, एक बालोद, दूसरा नांदगांव का क्षेत्र ग्राम रानीतराई रोड दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक हिस्सा बालोद जिले के देवरी थाना में आता है, जबकि दूसरा राजनांदगांव जिले के सुरगी पुलिस चौकी थाना बसंतपुर अंतर्गत आता है। गिरफ्तार आरोपियों में एक देवरी थाना क्षेत्र का और दूसरा सुरगी क्षेत्र का है। दोनों आदतन बदमाश, परिवार और ग्रामीण त्रस्त पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपी आदतन नशेड़ी और बदमाश किस्म के थे। दोनों ही गांव में छोटी-बड़ी चोरी, लूट और मारपीट की घटनाओं को अंजाम देते रहते थे। उनका नशे की लत इतनी ज्यादा थी कि वे अपने घर के समान तक चोरी कर बेच देते थे। इन दोनों से पूरा गांव त्रस्त था। दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में- एसपी बालोद एसपी योगेश पटेल ने बताया कि, साइबर सेल टीम ने घटनास्थल और गांव में आने-जाने वाले सभी स्थानों के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर बारीकी से एनालिसिस किया। पंचायत भवन में कैंप कर पुलिस ने लोकल सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की। जिसके बाद दोनों को पकड़ा गया।

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