कोंडागांव जिले में 11 साल की बच्ची का शव गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। घटना शनिवार (11 अक्टूबर) की है। बच्ची माकड़ी ब्लॉक के कांटागांव स्थित आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी, वह कक्षा पांचवी की छात्रा थी। जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 10 बजे जब छात्राओं को भोजन के लिए बुलाया जा रहा था, तब चंपा हॉस्टल के कमरे में टाई से फांसी के फंदे पर झूलती मिली। मामला माकड़ी थाना क्षेत्र का है। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद हॉस्टल प्रबंधन ने पहले छात्रा को बेहोश बताया और घटना की वास्तविक सूचना देने में देरी की। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा। परिवार वालों को भी देरी से पता चला गांव के सरपंच मोती राम मरकाम ने बताया कि हॉस्टल प्रशासन ने सुबह करीब 10:45 बजे सूचना दी कि छात्रा बेहोश है। छात्रा के परिवार को दोपहर 12 बजे वास्तविकता का पता चला। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सूचना दी जाती, तो शायद बच्ची को बचाया जा सकता था। सूचना मिलते ही एसडीएम अजय उरांव, तहसीलदार, शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। घटना की जांच जारी है। शव का पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा। व्यवस्था पर उठे सवाल बता दें कि आदिवासी छात्रावासों और आश्रमों में छात्र-छात्राओं द्वारा आत्महत्या की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे आदिवासी विकास विभाग की कार्यप्रणाली, देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावक अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिजनों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग बिवला गांव के सरपंच लक्ष्मण नेताम ने मृतका के परिजनों की ओर से बताया कि चंपा मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थी और कुछ दिन पहले ही उसे आश्रम में छोड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह लगभग 10 बजे हुई इस घटना की जानकारी परिजनों को दोपहर 12 बजे के बाद दी गई। इससे पहले बच्ची के बीमार होने की झूठी सूचना देकर परिजनों को गुमराह किया गया। सरपंच ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। दोषी पर होगी सख्त कार्रवाई सहायक आयुक्त कृपेंद्र तिवारी ने बताया कि यह घटना स्कूल समय के दौरान हुई है और यह जांच का विषय है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा खुलासा वहीं, एसडीएम अजय उरांव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में छात्रा अपनी टाई से लटकी हुई पाई गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ……………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… उधारी चिप्स-कोल-ड्रिंक ली..डांटने पर छात्रा ने लगाई फांसी:कोरबा में लटकी मिली लाश, बलरामपुर में हॉस्टल वार्डन ने किया सुसाइड, बिहार की रहने वाली थी छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 10वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शनिवार सुबह कमरे में दुपट्टे से लटकती लाश मिली है। बताया जा रहा है रात को परिजनों ने स्कूल नहीं जान पर छात्रा को फटकार लगाई थी। मामला बालको थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
टाई के फंदे-पर लटकती मिली 5वीं की छात्रा की लाश:कोंडागांव के आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की घटना; प्रबंधन ने परिजनों को बेहोश बताया था

















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