मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लगातार दूसरे दिन कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा कि नशाखोरी और ड्रग्स के कारण अपराध हो रहे हैं। घुसपैठियों के कारण कई आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। इसलिए ऐसे मामलों पर कड़ाई से कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नए-नए तरीके से हो रही साइबर ठगी रोकने लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही की जाएगी। सीएम ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में कहा कि कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और लोगों में सुरक्षा की भावना उत्पन्न हो। साय ने कहा कि जिले की कानून-व्यवस्था में कलेक्टर और एसपी दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। जहां दोनों के बीच मजबूत समन्वय है वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। सीएम ने कहा कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों की निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए। छत्तीसगढ़ के करीब हर जिले में तस्कर सक्रिय, 1 साल में 122 कार्रवाई, सबसे ज्यादा 54 बिलासपुर रेंज में केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य में पिट एनडीपीएस और सफेमा की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। पिछले एक साल में पिट एनडीपीएस की 122 कार्रवाई की गई है। इसमें सबसे ज्यादा बिलासपुर रेंज में 45 और बस्तर रेंज में 22 कार्रवाई की है। इस तरह सफेमा के तहत 5.56 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई। जबकि 211 मामलों में गाड़ियों को राजसात किया है। वहीं ड्रग्स की कार्रवाई सबसे ज्यादा रायपुर में हुई है। यहां एक माह में 52 ड्रग्स तस्करों को जेल भेजा है। दुर्ग में 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पिछले डेढ़ साल में 2500 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनसे 38110 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया है। जबकि इस साल जनवरी से जुलाई तक ड्रग्स के 42 प्रकरण में 100 से ज्यादा गिरफ्तारी हुई है और इनसे 3 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स जब्त की गई। पुलिस के अनुसार 2024 में 1329 तस्करों को पकड़ा गया है। इससे 24631 किलो गांजा, ब्राउन शुगर 335 ग्राम, अफीम 1.30 किलो और 10 हजार नशीली सिरप व टेबलेट पकड़ा गया है। कानून व्यवस्था की पहली शर्त है नशे को खत्म करना साय ने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। एनकॉर्ड के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट में समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स बनी है। सीमावर्ती जिलों में सघन जांच कर संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करें। अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समय-सीमा में कार्रवाई हो। नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करें, रात 10 बजे के बाद न बजें लाउडस्पीकर सीएम ने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उसमें सुधार करवाएं। रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर का उपयोग न हो इसका ख्याल रखा जाए। नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं। ये भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले:नशे के कारोबार पर लगाम कसें, दोषियों पर तय समय पर कार्रवाई करें

















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