नगर निगम ने जलकर के मामले में शहरवासियों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। शहर में चार साल पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जा रही है। अब लोगों को पहले की तरह हर महीने 200 रुपए बिल देना होगा। एमआईसी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सामान्य सभा से पारित होने के बाद नई दर से बिल वसूली की जाएगी। इसका फायदा 67 वार्ड के 51 हजार परिवारों को मिलेगा। निगम ने 2020 में बिजली की तरह पानी बिल के लिए 51 हजार घरों में वॉटर मीटर लगाए थे। यह योजना राज्य स्तर से ही निकायों में शुरू की गई थी। इसके तहत पानी की खपत के अनुसार जलकर की दर निर्धारित थी। बिजली की तरह ही टैरिफ तय किया गया था। 11 यूनिट तक 5 रुपए प्रति यूनिट दर तय की गई थी। इसके बाद 1-1 रुपए की वृद्धि की जाती थी। योजना की शुरुआत में स्पॉट बिलिंग का ठेका दिया गया। कंपनी बिल वसूल ही नहीं पाई। इधर लोगों ने बिना रीडिंग के ही बिल भेजे जाने की शिकायत की। विवाद के बाद दूसरे साल ठेका ही नहीं हुआ। निगम कर्मचारियों से रीडिंग का निर्णय लिया गया था। इस बीच चार साल तक बिना रीडिंग के ही काम चलता रहा। अब एक साथ रीडिंग लेने पर लोगों ने विरोध किया। पुराना बिल भी किस्त के साथ जमा करने मिलेगी सुविधा निगम ने पुराने बिल की वसूली के लिए भी किस्त में जमा करने की सुविधा देने का प्रस्ताव बनाया है। लोगों को परेशानी ना हो इसके लिए 200 रुपए की दर से ही वसूली का प्रावधान करने का निर्णय लिया है। मीटर रीडिंग से बिल देने पर कई लोगों का बकाया 15 से 20 हजार तक पहुंच गया है। एक यूनिट में 1 हजार लीटर पानी की खपत शासन ने पानी की दर निर्धारित करने के साथ ही मापदंड भी तय किया था। एक यूनिट में। हजार लीटर पानी की खपत बताई गई है। 11 यूनिट तक 5 रुपए, 15 यूनिट तक 6 रुपए, 15 से 25 होने पर 7 रुपए, 25 से 50 यूनिट होने पर 8 रुपए और 50 से अधिक होने पर 9 रुपए प्रति यूनिट की दर तय की गई थी। 1 मीटर की कीमत 2500 रुपए, इसलिए 12.75 करोड़ पानी में राज्य शासन की योजना के तहत प्रदेश के बड़े निकायों में वॉटर मीटर लगाए गए हैं। कोरबा में भी एक मीटर की दर 2500 रुपए थी। इस हिसाब से 12 करोड़ 75 लाख रुपए बर्बाद हो जाएंगे। वॉटर मीटर भी खराब हो गए हैं या फिर लोगों ने ही तोड़ दिया। सिर्फ 1 साल ही रीडिंग हो पाई। लोगों पर भी बिल का बोझ बढ़ गया। जलकर वसूली में होगी वृद्धि, लोगों को भी फायदा निगम में कर्मचारियों की कमी से समय पर वॉटर मीटर की रीडिंग नहीं हो पा रही थी। लोग भी जलकर जमा नहीं कर रहे थे। इस वजह से यह प्रस्ताव लाया गया है। इससे निगम का राजस्व बढ़ेगा और लोगों को भी सुविधा होगी। सामान्य सभा में प्रस्ताव पारित होने पर नई दर लागू होगी। – राकेश मसीह, इंई व जल प्रदाय प्रभारी नगर निगम
एमआईसी से प्रस्ताव को मंजूरी:पानी बिल पहले की तरह 200 रुपए, 51 हजार परिवारों को मिलेगी राहत

















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