शहर में चल रहे सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दांत और आंखों के मरीजों का बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। राजधानी में अभी कुल 9 केंद्रों में डेंटल चेयर हैं। लेकिन डॉक्टर केवल चार हैं। इसी तरह आंखों का इलाज भी 7 स्वास्थ्य केंद्रों में हो रहा है। लेकिन डॉक्टर 3 ही हैं। इतना ही नहीं इन डॉक्टरों की अलग-अलग दिनों में ड्यूटी लगाई जा रही है। इस वजह से ये एक जगह दो या तीन दिन से ज्यादा लोगों का इलाज नहीं कर पा रहे हैं। इन डॉक्टरों की ड्यूटी शहर के बाहर अभनपुर और आरंग में भी लगती है। ये सभी डेंटिस्ट संविदा नियुक्ति पर हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग डेंटिस्ट और ऑप्थल्मोलॉजिस्ट की भर्ती ही नहीं कर रहा है। इस अव्यवस्था के कारण केंद्रों में आने वाले मरीज दांत और आंखों का इलाज नहीं करा पा रहे हैं। डॉक्टर नहीं रहने पर फार्मासिस्ट या सेंटर मेडिकल ऑफिसर ही मरीजों को दवा देकर वापस भेज देते हैं। रायपुर में अभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) 16 और 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैं। इनमें से कुछ ही जगहों पर दांत और आंख का इलाज हो रहा है। इनमें आयुर्वेदिक कॉलेज, हीरापुर, देवपुरी, मठपुरैना, भाठागांव, गुढ़ियारी और खोखो पारा शामिल हैं। बाकी सेंटरों में इलाज की सुविधा नहीं है और डॉक्टर भी नहीं हैं। भास्कर लाइव – तीन सेंटर पहुंची टीम, तीनों जगह डॉक्टर नहीं हीरापुर हीरापुर चौक से 500 मीटर अंदर रोड पर ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। सुबह करीब 10 बजे भास्कर टीम यहां पहुंची। रिपोर्टर ने वहां मौजूद स्टाफ से कहा दांत के डॉक्टर को दिखाना है। स्टाफ ने कहा नहीं है। उसने बताया कि एक साल से यहां चेयर बंद है। इसे इंस्टॉल तक नहीं किया गया है। पास में ही बरामदे में एक और मशीन को चादर से ढंककर रखा गया है। गुढ़ियारी टीम 10.30 बजे के आसपास गुढ़ियारी स्थित हमर अस्पताल पहुंची। यहां मरीजों की भीड़ थी। यहां बैठे एक युवक ने बताया कि वह दांतों में दर्द की शिकायत लेकर आया है। लेकिन उसे दवाई देकर वापस भेज दिया। पूछने पर पता चला कि यहां कोई डेंटिस्ट नहीं है। टीम ने वहां के स्टाफ से पूछा तो बताया गया कि अभी डॉक्टर की ड्यूटी कहीं और लगी है। भाठागांव भास्कर की टीम दोपहर 1 बजे भाठागांव चौक से 600 मीटर अंदर बाजार के पास स्थित हमर अस्पताल पहुंची। यहां एक नई और एक पुरानी बिल्डिंग थी। पुरानी बिल्डिंग में डेंटल चेयर का कमरा बना हुआ है। चेयर भी है लेकिन डॉक्टर नहीं हैं। आसपास के लोगों से पूछने पर पता चला कि डॉक्टर की ड्यूटी आरंग में लगी है। वे हफ्ते में केवल तीन दिन ही आते हैं। सीधी बात मिथिलेश चौधरी, सीएमएचओ रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंटिस्ट की कमी है? – ऐसा नहीं है। कुछ केंद्रों में ही कमी है। मरीजों का इलाज कैसे हो रहा है? – 6 डेंटिस्ट हैं, उनकी 3-3 दिन ड्यूटी लगती है। हीरापुर में डेंटल चेयर एक साल से खराब है? – डेंटिस्ट की कमी, इसलिए इंस्टाल नहीं हो पाया। ऐसा होना चाहिए सेटअप
नहीं हो पा रहा मरीजों का बेहतर इलाज:अस्पतालों में डेंटल चेयर मौजूद, लेकिन डॉक्टर ही नहीं, डेंटिस्ट की ड्यूटी लग रही शहर के बाहर

















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