कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए ‘सृजन अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान की शुरुआत गुजरात से हुई थी। अब यह कैंपेन छत्तीसगढ़ में जारी है। जिसके तहत जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच NSUI और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रायपुर जिले के पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गुडाधे से जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर लॉबिंग करने की शिकायत की है। कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा के बेटे पंकज शर्मा और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय पर श्रीकुमार मेनन के लिए लॉबिंग करने का आरोप लगाया है। ये शिकायत पर्यवेक्षक को वॉट्सऐप पर पत्र लिखकर की गई है। पत्र में कहा गया है कि पंकज शर्मा और विकास उपाध्याय कांग्रेस भवन परिसर में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर श्रीकुमार मेनन का समर्थन करने दबाव बना रहे थे। जो पार्टी की सोच के खिलाफ है। इनको कांग्रेस कार्यालय से दूर रखा जाए, नहीं तो ये निष्पक्ष निर्णय को प्रभावित करेंगे। इन आरोपों पर पंकज शर्मा ने कहा कि कहीं कोई गुटबाजी नहीं है। हमारे पर्यवेक्षक इतने अनुभवी हैं कि किसी भी गुटबाजी से ऊपर उठकर फैसला ले सकें। वहीं पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गुडाधे ने कहा कि हमने सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा की है। फैसला वही लिया जाएगा जो सर्वमान्य हो। जानिए शिकायत में क्या कहा ? शिकायत में लिखा गया है कि ‘सृजन अभियान में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की सोच के अनुरूप कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से नाम की रायशुमारी करने का अभियान है। लेकिन इस अभियान में कुछ वरिष्ठ नेता अपने समर्थकों के लिए जबरिया जोर आजमाइश करते नजर आ रहे हैं, जो कि पार्टी की सोच के विपरीत है। पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा के बेटे पंकज शर्मा, जो रायपुर ग्रामीण से 2023 विधानसभा चुनाव 35 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव हार चुके हैं। वे अपने समर्थक श्रीकुमार मेनन के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को रोककर प्रचार करते हुए दबाव बना रहे थे, जो इस प्रक्रिया के खिलाफ है। विकास उपाध्याय जो 2024 रायपुर लोकसभा में 6 लाख वोटों से हारे और 2023 विधानसभा चुनाव में 45 हजार से अधिक वोटों से हार चुके हैं, उनके की ओर से भी आज कांग्रेस भवन परिसर में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को लगातार श्रीकुमार मेनन के पक्ष में प्रभावित करने का काम किया गया। यदि बड़े नेता चुनाव प्रचार की तरह सामने खड़े होकर लोगों को प्रभावित करेंगे, अपने लोगों के लिए लॉबिंग करेंगे, तो अभियान का क्या अर्थ है? आपसे अनुरोध है कि इन दोनों नेताओं समेत सभी बड़े नेताओं को किसी भी स्थल से दूर रहने की सलाह दी जाए, ताकि एक निष्पक्ष निर्णय लेना संभव हो, अन्यथा ये लोग लॉबिंग करके निर्णय को प्रभावित करेंगे।’ क्या है संगठन सृजन अभियान का मकसद ? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने संगठन को मजबूती देने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत पार्टी के पर्यवेक्षक अलग-अलग जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर रहे हैं। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक संवाद और रायशुमारी के आधार पर जिलाध्यक्ष पद के लिए 6 नामों का पैनल तैयार किया जा रहा है। इसे 20 अक्टूबर तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेजा जाएगा। हर वर्ग को मिलेगा प्रतिनिधित्व पार्टी की कोशिश है कि नए जिलाध्यक्षों के चयन में SC, ST, OBC और सामान्य वर्ग का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। रायशुमारी की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से की जा रही है। ताकि हर कार्यकर्ता बिना किसी दबाव या प्रभाव के खुलकर अपनी राय दे सके। रायपुर में 12 अक्टूबर को हुई चर्चा रायपुर जिले के लिए 12 अक्टूबर को पर्यवेक्षकों ने जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों से वन-टू-वन चर्चा की। इसी तरह ब्लॉक स्तर पर अब तक 121 चर्चाएं हो चुकी हैं, जिनमें कार्यकर्ताओं से राय ली गई है। संगठन चुनाव में 35 से 55 साल के बीच के सक्रिय और स्वच्छ छवि वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि किसी भी दावेदार पर आपराधिक मामला नहीं होना चाहिए और उसका चरित्र निर्विवाद होना जरूरी है। ये हैं छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक बता दें कि संगठन सृजन अभियान में AICC ने छत्तीसगढ़ के लिए सप्तगिरि उलाका, अजय कुमार लल्लू, सुबोध कांत सहाय, उमंग सिंगार, आरसी खुंटिया, राजेश ठाकुर, विवेक बंसल, डॉ. नितिन राऊत, श्याम कुमार बर्वे, प्रफुल्ल गुडाधे, चरण सिंह सपरा, विकास ठाकरे, सुहिना कावरे, सुरीता चौधरी, रेहाना रेयाज चिश्ती, अजमतुल्लाह हुसैनी और सीताराम लांबा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। ……………………………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 50 साल से कम उम्र के युवा बनेंगे कांग्रेस जिलाध्यक्ष: दीपक बैज बोले- न गुटबाजी चलेगी, न सिफारिश, कार्यकर्ताओं की पसंद पर तय होंगे अध्यक्ष छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब 50 साल से कम उम्र के युवाओं को जिलाध्यक्ष नियुक्त करेगी। पार्टी ने साफ किया है कि संगठन सृजन की प्रक्रिया में 50% युवाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ये बात कही है। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में न तो गुटबाजी चलेगी और न ही किसी नेता की व्यक्तिगत पसंद चलेगी। केवल पार्टी की विचारधारा से जुड़े और समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
रायपुर जिलाध्यक्ष बनाने लॉबिंग…विकास उपाध्याय-पंकज की शिकायत:यूथ कांग्रेस-NSUI नेताओं ने ऑब्जर्वर को लिखा-मेनन के पक्ष में बना रहे दबाव, इनको कार्यालय से दूर रखें

















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