दुर्ग ट्रैफिक पुलिस ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ के तहत नशे में वाहन चलाने वालों पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे की हालत में वाहन संचालन पर नियंत्रण स्थापित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। पिछले एक सप्ताह के दौरान, जिलेभर में चलाए गए सघन जांच अभियान में ट्रैफिक पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कुल 106 प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें से 78 मामलों में न्यायालय द्वारा चालकों को अर्थदंड से दंडित किया गया है, जिससे कुल ₹8 लाख की राशि वसूल की गई है। शेष 28 मामले न्यायालय में लंबित हैं। धमधा से अमलेश्वर तक 9 गांवों को माना गया हाई रिस्क जोन यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। ट्रैफिक पुलिस ने देहात क्षेत्रों में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए सड़क सुरक्षा विश्लेषण (Accident Zone Analysis) किया है। इस अध्ययन में धमधा, नंदिनी नगर, बोरी, पुलगांव, अंडा, उतई, जमगांव (आर), पाटन और अमलेश्वर को दुर्घटनाजन्य क्षेत्र (Accident-Prone Zones) के रूप में चिन्हित किया गया है। इन इलाकों में ड्रिंक एंड ड्राइव के अलावा बिना हेलमेट वाहन चलाने, ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन संचालन और नो पार्किंग उल्लंघन जैसे मामलों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस की फील्ड टीमें, इंटर्सेप्टर यूनिट्स और मोबाइल पेट्रोलिंग दल दिन-रात सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं। साथ ही, जिन चालकों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है, उनके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं। सितंबर माह में कुल 35 चालकों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि ट्रैफिक पुलिस यातायात अनुशासन के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता नीति’ पर काम कर रही है।
दुर्ग ट्रैफिक पुलिस की ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ में सख्त कार्रवाई:एक सप्ताह में 106 ड्रिंक एंड ड्राइव मामले, 8 लाख रुपए जुर्माना वसूला

















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