छत्तीसगढ़ के बस्तर में गुरुवार को नक्सली प्रवक्ता रूपेश समेत 140 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सतीश उर्फ टी वासुदेव राव उर्फ रूपेश माड़ डिवीजन में एक्टिव था। राव पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था, जबकि कुछ पर 5 लाख से 25 लाख तक का इनाम था। नक्सली अपने साथ एके-47, इंसास राइफल, SLR और 303 राइफल भी लेकर आए। सभी हथियार के साथ इंद्रावती नदी के उसपरी घाट पहुंचे। यहां से उन्हें बोट के जरिए बीजापुर पुलिस के पास लाया गया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 10 सीनियर नक्सली शामिल हैं। इनमें रनिता (SZCM, माड़ DVC सचिव), भास्कर (DVCM, पीएल 32), नीला उर्फ नंदे (DVCM, आईसी और नेलनार एरिया कमेटी की सचिव) और दीपक पालो (DVCM, आईसी और इंद्रावती एरिया कमेटी सचिव) शामिल हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर कहा कि नक्सलवाद अंतिम सांसें ले रहा है। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर को आज नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त घोषित कर दिया गया है। अब छिटपुट नक्सली केवल साउथ बस्तर में बचे हुए हैं, जिन्हें हमारे सुरक्षा बल जल्द ही समाप्त कर देंगे। 2 दिनों में 258 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर पहुंच गए हैं। बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने जानकारी दी है कि आज (शुक्रवार) सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष 200 नक्सली आधिकारिक तौर पर सरेंडर करेंगे। सीसी मेंबर रूपेश का एक वीडियो भी सामने आया है। रूपेश ने कहा कि हम सिर्फ हथियार छोड़ रहे हैं। आदिवासियों के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर हमारी विचारधारा अभी भी कायम है। नक्सल संगठन का एक गुट हमसे नाराज है। लेकिन उन्हें हालातों को समझना होगा। पहले देखिए ये तस्वीरें- अमित शाह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को न्यूट्रलाइज किया गया है। यह 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतिबिम्ब है। 2 दिनों में 258 नक्सलियों ने हथियार डाले इसके साथ ही शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुरुवार को 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कल 27 ने हथियार डाले थे। महाराष्ट्र में भी कल 61 नक्सली हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटे। पिछले 2 दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील अमित शाह ने आगे लिखा हिंसा छोड़कर भारत के संविधान पर अपना विश्वास पुर्नस्थापित करने के इन सभी के निर्णय की सराहना करता हूं। नक्सलियों के खिलाफ हमारी नीति स्पष्ट है। जो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है।लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सभी नक्सलियों से अपील है कि हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं। कांकेर में 50 से ज्यादा नक्सलियों का सरेंडर बता दें कि एक दिन पहले 15 अक्टूबर को कांकेर जिले में करीब 50 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इनमें टॉप लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल है। जंगलों से बाहर आकर इन नक्सलियों ने कामतेड़ा BSF कैंप में हथियार डाले हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार नक्सलियों के छिपने की कोई जगह नहीं छोड़ रहे हैं। देश में अब नक्सली प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। 31 मार्च, 2026 तक भारत नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हो जाएगा। अब देश में 3 जिले ही नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर बताया कि देश में अब नक्सली प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। इसमें भी जो सबसे ज्यादा प्रभावित जिले थे। उनकी संख्या 6 से 3 रह गई है। अब केवल छत्तीसगढ़ का बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही 3 ऐसे जिले रह गए हैं। जो नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हम सिर्फ सशस्त्र आंदोलन छोड़ रहे- रूपेश सीसी मेंबर रूपेश का एक बयान भी सामने आया है। रूपेश ने सरेंडर को लेकर कई अहम बातें कही है। रूपेश ने कहा कि नक्सल संगठन का एक गुट परिस्थितियों को समझने को तैयार नहीं है और हमसे नाराज है। हमने किन परिस्थितियों में सरेंडर किया है, ये उन्हें समझना होगा। हमें उनकी जान की फिक्र है। रूपेश ने कहा कि हम सिर्फ सशस्त्र आंदोलन छोड़ रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या को लेकर हमारी विचारधारा अभी भी कायम है। रूपेश का यह वीडियो सामने आने के बाद नक्सल संगठन में 2 फाड़ होने की पुष्टि हो चुकी है। कांकेर में 50 से ज्यादा नक्सलियों ने किया सरेंडर 15 अक्टूबर को उत्तर बस्तर स्थित कांकेर जिले में 50 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया। इनमें टॉप लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल है। जंगलों से बाहर आकर इन नक्सलियों ने कामतेड़ा BSF कैंप में हथियार डाले हैं। सभी नक्सलियों को बस के जरिए कैंप लाया गया। सुरक्षा कारणों के चलते BSF कैंप को हाई अलर्ट पर रखा गया था। इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने से इलाके में नक्सलवाद के खात्मे की उम्मीदें बढ़ गई हैं। फिलहाल, कांकेर पुलिस आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की पहचान करने में जुटी हुई है। संभावना है कि इन्हें जल्द ही जिला मुख्यालय या संभागीय मुख्यालय में मीडिया के सामने पेश किया जाएगा। नक्सलियों के सरेंडर का सिलसिला जारी इससे एक दिन पहले नक्सल संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ा और अपने अन्य 60 साथियों के साथ महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सरेंडर किया। जिसके बाद से अब छत्तीसगढ़ में भी सरेंडर का सिलसिला लगातार जारी है। डेढ़ करोड़ का इनामी था भूपति दरअसल, भूपति नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर है। यह तेलंगाना के करीब नगर का रहने वाला है। 80 के दशक से माओवाद संगठन के साथ जुड़कर काम कर रहा था। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश ओडिशा, समेत अन्य राज्यों में यह मोस्ट वांटेड था। छत्तीसगढ़ सरकार ने भूपति पर करीब 1 से डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अन्य राज्यों को मिलाकर ये 6 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनामी है। शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे। वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं। महासचिव समेत कई बड़े कैडर के नक्सली मारे जा चुके हैं। बड़ी संख्या में माओवादी हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। 20 महीने में 1,876 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि पिछले 20 महीनों में अब तक 1,876 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ ले रहे हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में और भी माओवादी इस सकारात्मक रास्ते को अपनाएंगे। …………………………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बस्तर IG बोले-20 महीनों में 1,876 नक्सलियों ने सरेंडर किया:कांकेर में 100,सुकमा में 27 माओवादियों ने डाले हथियार, बस से BSF कैंप लाए गए छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर स्थित कांकेर जिले में करीब 100 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इनमें टॉप लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल है। जंगलों से बाहर आकर इन नक्सलियों ने कामतेड़ा BSF कैंप में हथियार डाले हैं। सभी नक्सलियों को बस के जरिए कैंप लाया गया। सुरक्षा कारणों के चलते BSF कैंप में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ में CM साय के सामने 200 नक्सली करेंगे सरेंडर:शाह बोले- अंतिम सांसें ले रहा नक्सलवाद, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर हिंसा मुक्त

















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