धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ का कारोबार:10 हजार से ज्यादा कारें और 50,000 बाइक बिके, दिवाली पर बदला ट्रेंड,देसी मिठाई-खजूर की बढ़ी डिमांड

इस बार छत्तीसगढ़ में दिवाली का रंग और अंदाज दोनों बदल गया है। बाजारों में नई रौनक और खरीददारी का अलग ही जोश देखने को मिला। जीएसटी दरों के कम होने का भी असर दिखा। पूरे राज्य में 2000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा कारें और 50,000 बाइक बिके हैं। दिवाली पर देसी मिठाई-खजूर की डिमांड बढ़ी है। पहली बार धनतेरस सिर्फ एक दिन तक सीमित न रहकर चार दिन तक मनाया जा रहा है, खासकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में। गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री के चलते शो-रूम से लेकर सड़कों तक खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है। वहीं, मिठाई और ड्रायफ्रूट्स के बाजारों में भी लोगों की पसंद में बड़ा बदलाव दिखा है। विदेशी खजूर की जगह इस बार अहमदाबादी खजूर ने ड्रायफ्रूट गिफ्ट्स में अपनी जगह बना ली है, तो पैकेट्स वाली मिठाइयों की जगह लोकल और मिलेट्स से बनी मिठाइयां लोगों की पहली पसंद बनीं। सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल, सर्राफा और इलेक्ट्रॉनिक सेगमेंट में बिक्री राजधानी रायपुर में शनिवार देर रात तक बाजारों में लोगों की भीड़ दिखी। राज्य के सबसे बड़ी व्यापारिक संस्था छत्तीसगढ़ चैंबर और कैट का दावा है कि, इस बार बाजार में धनतेरस पर 2000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल, सर्राफा और इलेक्ट्रॉनिक सेगमेंट में बिक्री हुई है। क्योंकि जीएसटी की दरें कम होने की वजह से तीनों सेक्टरों में कीमत भी बहुत ज्यादा कम हुई है। लोगों ने इसका जमकर फायदा उठाया है। रायपुर में इस बार 4 हजार से ज्यादा कारें धनतेरस के दिन ही बिक गई। इस खास दिन में डिलिवरी के लिए लोगों ने पहले से ही बुकिंग करा ली थी। शो रुम से लोग देर रात तक गाड़ी ले जाते रहे। रायपुर में करीब 4 हजार कारें बिकी, दोपहिया में भी आगे राडा के उपाध्यक्ष कैलाश खेमानी ने बताया कि राज्यभर में 10 हजार से ज्यादा कार और करीब 50 हजार दोपहिया वाहन बेचे गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा रायपुर में 4000 से ज्यादा कारों की बिक्री हुई है। जीएसटी कम होने के सभी गा​ड़ियों की कीमतों में खासी कमी आई है। इसके अलावा कंपनियों ने भी ऑफर दिए थे। जिसका असर बाजार में हुआ। इस दिवाली बदला ट्रेंड, चार दिनों का धनतेरस दुर्ग जिले में इस बार दिवाली पर ट्रेंड बदल गया है। पहली बार ऑटोमोबाइल सेक्टर में चार दिनों का धनतरेस मनाया जा रहा है। 17 अक्टूबर से इसकी शुरुआत हुई। दिवाली के दिन यानी 20 अक्टूबर तक धनतेरस मनाया जाएगा। गाड़ियों की ज्यादा खरीदी की वजह से ऐसा निर्णय ऑटोमोबाइल सेक्टर में लिया गया है। वहीं इस बार गिफ्ट के ड्रायफ्रूट में खजूर ने अपनी जगह बना ली है। लेकिन ये खजूर विदेशी नहीं, भारत के अहमदाबाद में उगाई गई है। पिछले 8 से 10 दिनों में खजूर की ब्रिकी बढ़ी है। लोकल मिठाइयों का लौटा ट्रेंड इस बार दिवाली में स्वदेशी और लोकल बनी मिठाइयों का ट्रेंड वापस लौटा है। लड्डू और बर्फी की डिमांड पैकेट्स वाली मिठाइयों से ज्यादा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने बताया कि इस बार दुर्ग जिले में लगभग 150 करोड़ का व्यापार धनतेरस पर हुआ है। इसमें इलेक्ट्रानिक्स, ऑटोमोबाइल, सर्राफा, मेटल, जूता, कपड़ा, बरतन आदि एफएमसीजी प्रोडेक्ट शामिल है। मिलेट्स से बनी मिठाइयों का बढ़ी बिक्री मिठाइयों के बाजार में भी इस बार बड़ा बदलाव देखा गया। पहले लोग पैकेट्स में बंद मिठाइयों को तरजीह देते थे, लेकिन इस बार फ्रेश बनी हुई लोकल मिठाइयों जैसे लड्डू, बर्फी, चक्की आदि की मांग काफी बढ़ी है। खास बात यह रही कि गृह उद्योग से बनी स्वदेशी मिठाइयों को लोगों ने प्राथमिकता दी। इसके अलावा मिलेट्स से बनी मिठाइयों की बिक्री भी बढ़ी है, जो सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। पहली बार दिवाली में एक दूसरे को खजूर दे रहे लोग दिवाली में पहली बार देखा जा रहा है कि लोग एक दूसरे को खजूर दे रहे हैं। इससे पहले तक दिवाली में खजूर देने का कोई ट्रेंड नहीं था। ड्रायफ्रूट्स में इस बार एक नया नाम जुड़ा अहमदाबादी खजूर। पहली बार देशी खजूर को उपहार के रूप में और लेन-देन के दौरान शामिल किया गया। अहमदाबाद में खजूर की पैदावार और पैकेजिंग दोनों हो रही है, जो अब देशभर के बाजारों तक पहुंच रही है। दुर्ग और आसपास के इलाकों में खजूर का यह नया ट्रेंड पिछले 8 से 10 दिनों से तेजी पकड़ रहा है। 1500 कार-बाइक की हुई डिलीवरी बिलासपुर में हर बार की तरह इस बार भी ऑटोमोबाइल सेक्टर में ज्यादा उत्साह दिखा। सुबह से लेकर देर रात तक एजेंसियों में भीड़ लगी रही। धनतेरस पर 1500 कार-बाइक की डिलीवरी हुई। कार और बाइक में कई गाडियों की पूर्ति एजेंसियां नहीं कर पा रही हैं। नवरात्रि से दीपावली तक लगभग 2500 गाड़ियों की बुकिंग हो चुकी है। इस बार खासकर लाइट वेट ज्वेलरी, छोटे सिक्के और पारंपरिक डिजाइन की डिमांड सबसे ज्यादा रही। हालांकि, चांदी और डायमंड ज्वेलरी की मांग पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम देखी गई। व्यापारियों ने अनुमान लगाया कि जिले में करीब 8 से 10 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। कैट अध्यक्ष किशोर पंजवानी के अनुसार, जिले में कपड़ों का करीब 5 से 6 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। जगदलपुर में 70 से 80 करोड़ का कारोबार इस धनतेरस जगदलपुर में ऑटोमोबाइल से लेकर सर्राफा बाजार सेक्टर में जमकर खरीददारी हुई। जगदलपुर में बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स का दावा है कि, एक ही दिन में 70 से 80 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। जिसमें आधे से ज्यादा कारोबार ऑटो मोबाइल सेक्टर में हुआ है। जिसमें करीब 600 बाइक और 300 से ज्यादा फोर व्हीलर वाहन की बिक्री हुई है। बाजार में करीब 35 करोड़ आए हैं। इसके अलावा 18 से 20 करोड़ के साथ ही सर्राफा दूसरे और 5 करोड़ रुपए की बिक्री के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार का कारोबार रहा है। रायगढ़ में 70 करोड़ का कारोबार रायगढ़ जिले में धनतेरस के दिन सर्राफा बाजार में जमकर धन बरसा हुई। सर्राफा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर गर्ग ने बताया कि, पिछले 15 साल में इस बार सर्राफा बाजार का अच्छा बिजनेस हुआ है। अनुमानित 25 से 30 करोड़ का बिजनेस किया गया है। वहीं, ऑटोमोबाइल्स में करीब 40 से 50 करोड़ का बिजनेस किया गया है।

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