छत्तीसगढ़ में इस बार धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने जा रही है। जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने धान खरीदी का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। महासंघ ने शुक्रवार को नया बस स्टैंड में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर शहर में रैली निकाली और मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री तथा वित्त मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। अगर कर्मचारी आंदोलन शुरू करते हैं तो आने वाले समय में इसका असर धान खरीदी पर पड़ सकता है। रायपुर स्थित महासंघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने राज्य सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। चार सूत्रीय मांगों पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं संघ के जिला अध्यक्ष गजेन्द्र देशमुख ने बताया कि उनकी चार सूत्रीय मांगें खाद्य एवं सहकारिता विभाग से संबंधित है। जिन पर वर्षों से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। पिछले साल भी धान खरीदी से पहले कर्मचारियों ने आंदोलन किया था। लेकिन तब शासन-प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। साल भर बीत जाने के बावजूद मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इन मांगों का संबंध करीब 15 हजार सहकारी समिति कर्मचारियों और 27 हजार से अधिक उपार्जन केंद्रों के संविदा कंप्यूटर ऑपरेटरों के भविष्य से जुड़ा है। यदि सरकार समय रहते इनके निर्णय नहीं लेती तो धान उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। धान खरीदी पर पड़ेगा असर गजेंद्र देशमुख ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी। वे धान खरीदी का बहिष्कार करेंगे। ऐसे में शासन यह तय करेगा कि आंदोलन को रोकने के लिए क्या पहल की जाए, अन्यथा धान खरीदी के केंद्रों पर असर नजर आएगा। अब 28 अक्टूबर को संभागीय स्तर पर एक दिवसीय महाहुंकार” रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 3 से 11 नवंबर तक संभाग स्तरीय आंदोलन होगा। 12 नवंबर से लंबित चार सूत्रीय मांगों की पूर्ति के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
बालोद में छग सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ का प्रदर्शन:कहा-मांगें पूरी नहीं हुई तो 12 नवंबर से होगा अनिश्चितकालीन हड़ताल, धान खरीदी पर दिखेगा असर

















Leave a Reply