नवा रायपुर में राजस्थानी महल जैसा ब्रह्मकुमारी ‘शांति-शिखर’:दान, जोधपुरी पिंक स्टोन और ब्रिज तकनीक से बनकर तैयार; PM मोदी 1 नवंबर को करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित ब्रह्मकुमारी संस्थान के नव-निर्मित मेडिटेशन सेंटर ‘शांति शिखर- एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड’ का लोकार्पण करेंगे। लगभग 1.5 एकड़ में बने इस भवन की खास बात ये है कि इसे दान के पैसे से राजस्थानी महल के लुक में बनाया गया है। जोधपुर के कारीगरों ने पिंक स्टोन से इस इमारत को तराशा है। इसके लिए 150 से अधिक ट्रकों में जोधपुर से पत्थर मंगवाए गए थे। भवन का निर्माण 15 जनवरी 2018 को शुरू हुआ था और 2023 में पूरा हुआ। 5 मंजिला भवन में LED स्क्रीन युक्त ऑडिटोरियम, सेमिनार हॉल मेडिटेशन हॉल, लाइब्रेरी और गेस्ट को ठहराने के लिए कमरा और डायनिंग हॉल भी बनाया गया है। प्रदेश की पहली इमरात, जिसमें पीटी-बीएम तकनीक का इस्तेमाल ब्रह्मकुमारी संस्था की तरफ से विश्वभर में पिंक स्टोन से बनाई गई यह पहली इमारत है। जबकि छत्तीसगढ़ में प्रेस टेंसाइल बीम तकनीक से बनी पहली इमारत है। आमतौर पर इस तकनीक से बड़े-बड़े ब्रिज बनाए जाते हैं। 105 फीट ऊंची, 150 फीट चौड़ी और 225 फीट लंबी इस इमारत में अभी दो मंजिलें और बनाई जा सकती हैं। कर्नाटक के आर्किटेक्ट शरण पाटिल और जबलपुर के सौरभ सोनी ने भवन डिजाइन तैयार किया है। आर्टवर्क राजस्थान के हरकिशन प्रजापति ने किया है। मुंबई के प्रशांत ने स्टील डिजाइन किया है। पीएम को भेजा गया था निमंत्रण रायपुर संचालिका ब्रम्हाकुमारी सविता दीदी ने बताया कि, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय प्रबंधन ने शांति शिखर के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण पत्र भेजकर उनसे रायपुर आने का अनुरोध किया था। प्रधानमंत्री राज्योत्सव के उद्घाटन के लिए रायपुर आ रहे है। ऐसे में 2 साल बाद 1 नवंबर को सुबह 10.45 वे बजे नवा रायपुर पहुंचकर शांति शिखर भवन का उद्घाटन करेंगे। पीएम के अलावा इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, राजयोगिनी जयंती, राजयोगी मृत्युंजय और देश के अलग-अलग जगह से आए ब्रम्हाकुमारी संस्था से जुड़े लोग शामिल होंगे। दान से तैयार किया गया भवन रायपुर संचालिका ब्रम्हाकुमारी सविता दीदी ने बताया कि, रायपुर यूनिट के तहत 50 सेवा केंद्र और 500 उप सेवा केंद्र हैं। विश्वविद्यालय से जुड़े सभी सदस्य साल 2018 से ही हर दिन इसमें कम से कम एक रुपए का सहयोग करते रहे। शांति शिखर के निर्माण के लिए सभी केंद्रों में दान-कोष (भंडारी) लगाया गया था। सभी के सहयोग से भवन तैयार किया गया है।

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