राजधानी रायपुर की करीब 25 लाख आबादी को जल्द ही कई बड़ी सुविधाएं मिलेंगी। इनमें पचपेड़ी नाका से टिकरापारा सिद्धार्थ चौक होते हुए बिजली आॅफिस चौक तक गौरवपथ-2 मिलेगा। इसे शंकर नगर से कलेक्टोरेट चौक गौरवपथ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। तेलीबांधा चौक के पास टेक्निकल टॉवर तैयार किया जाएगा। यहां पर युवाओं के लिए एक जगह पर बैठकर काम करने का स्थान मिलेगा। महादेवघाट को कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह राजधानी के लोगों के लिए बड़ा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थान है। कॉरीडोर बनने से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बुधवार को नगर निगम की सामान्य सभा में इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। अगले महीने से ही इन पर काम शुरू होगा और अगले एक-दो साल में इन प्रोजेक्ट्स से शहर में बड़ा बदलाव नजर आएगा। इस दौरान महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी सहित सभी एमआईसी मेंबर और पार्षद मौजूद रहे। देर से आए संदीप, सवाल पूछने पर अड़े रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष संदीप साहू समेत तीन पार्षद सभा शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद सभा हाल में पहुंचे। तब तक प्रश्नकाल शुरू हो चुका था। पहला नाम संदीप का ही आया, लेकिन तब वे नहीं आए थे। इसलिए सभापति सूर्यकांत राठौर ने प्रक्रिया आगे बढ़ा दी। इसके बाद आए संदीप साहू ने अपनी बात रखने के लिए मौका देने की मांग पर अड़ गए। सभापति राठौर ने कहा कि उनका पहला ही नाम आया था, लेकिन वे नहीं आए थे। सामान्य सभा के बाद महापौर, सभापति और नेता प्रतिपक्ष ने क्या कहा… पार्टी तय करती है नेता प्रतिपक्ष
^ सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकृत हुए। जल्द ही लोगों को नई सुविधाएं मिलेंगी। नेता प्रतिपक्ष को लेकर संदीप साहू का आरोप बेबुनियाद है। पार्टी के पत्र के आधार पर नेता प्रतिपक्ष की घोषणा की जाती है। सभापति ने 6 महीने तक संदीप को नेता प्रतिपक्ष रहने का मौका दिया।
-मीनल चौबे, महापौर रायपुर पार्षदों में कोई भेद नहीं
^ मेरे लिए सत्तापक्ष और विपक्ष के पार्षदों में कोई भेद नहीं। न ही आकाश और संदीप में कोई अंतर है। नेता प्रतिपक्ष को लेकर मैंने एक प्रक्रिया अपनाई। जानकारों से चर्चा के बाद मैंने निर्णय लिया। मेरे पास प्रदेश और जिला कांग्रेस का पत्र आया। नेता प्रतिपक्ष का चयन निगम नहीं विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष करते हैं।
-सूर्यकांत राठौर, सभापति नगर निगम अच्छे प्रस्तावों पर समर्थन, गलत का विरोध ^ विपक्ष सकारात्मक भूमिका में है। अच्छे प्रस्तावों पर हमने सुझाव के साथ समर्थन दिया। कुछ प्रस्तावों पर विरोध किया गया, क्योंकि वे सीधे टेंडर के लिए लाए गए। पहले दर स्वीकृति के लिए लाया जाता है। आकाश तिवारी, नेता प्रतिपक्ष।
पचपेड़ी नाका से बूढ़ापारा चौक तक गौरवपथ-2 समेत कई प्रोजेक्ट को मंजूरी

















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