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पत्रकार हत्याकांड में 8 माह बाद आरोपी ठेकेदार पर कार्रवाई:दबंगई जमींदोज… पत्रकार मुकेश को जिस बाड़े में मारकर गाड़ा था, वहां चला बुलडोजर

बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्रकार के यहां बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। उस बाड़े में मुकेश की हत्या की गई थी, उस पर सोमवार को बुलडोजर चला दिया गया। चट्टान पारा इलाके में सरकारी जमीन पर बने इस बाड़े में 11 कमरे खड़े किए गए थे, जिन पर मुख्य आरोपी सुरेश का कब्जा था। बता दें कि 1 जनवरी की रात ठेकेदार सुरेश ने कथित रूप से पत्रकार मुकेश की हत्या कर दी थी और शव को अपने आलीशान बाड़े के सेप्टिक टैंक में छिपा दिया था। यह बाड़ा नगर पालिका क्षेत्र की राजस्व भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया था। घटना के करीब आठ महीने बाद प्रशासन ने अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया। सोमवार को नगर पालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ चट्टानपारा स्थित आरोपी के बाड़े पर पहुंची। पहले उसे क्राइम सीन घोषित कर सील किया गया और फिर जेसीबी से पूरा ढांचा ढहा दिया गया। बीजापुर एसडीएम जागेश्वर कौशल ने जानकारी दी कि आरोपी को राजस्व विभाग द्वारा पहले कई बार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। कोर्ट से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने यह कानूनी कार्रवाई की है। अवैध बाड़े पर बने 11 कमरे ढहाए गए, जनवरी में हुई थी हत्या पत्रकार मुकेश चंद्रकार इस साल एक जनवरी को लापता हुआ था। इसके अगले दिन परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया और फिर मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद मुकेश की तलाश के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाई। मुकेश के फोन की लास्ट लोकेशन सुरेश के अवैध बाड़े में दिखा रही थी। जिस स्थान पर लास्ट लोकेशन थी, वहां एक सेप्टिक टैंक था। चूंकि सेप्टिक टैंक को देखकर लग रहा था कि इसे एक-दो दिन पहले ही बनाया गया है, ऐसे में पुलिस को शक हुआ और टैंक की जांच की गई, तो उसमें से मुकेश की लाश मिली। अब जानिए कैसे 4 लोगों को मिला टेंडर और घोटाला हुआ? दरअसल, 2009 में केंद्र सरकार ने सड़क आवश्यकता योजना स्पेशल प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। गंगालूर से मिरतुर तक सड़क के लिए लगभग 56 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। 15 साल में सड़क की दूरी उतनी ही है, जितनी पहले थी, लेकिन 56 करोड़ रुपए में बनने वाली सड़क 120 करोड़ रुपए पहुंच गई। सड़क निर्माण का ठेका 4 फर्मों को मिला था। हर 2 किमी की सड़क निर्माण के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किया गया। 32 किलो मीटर सड़क के काम को 16 भागों में बांटा गया और एग्रीमेंट किया गया। सड़क निर्माण का काम ठेकेदार सुरेश कर रहा था। 52 किलोमीटर की सड़क को टुकड़ों में बनाया गया। लगभग 12 से 15 किमी तक डामर बिछाया गया, लेकिन क्वालिटी इतनी घटिया थी कि कुछ दिन में उखड़ने लगी। कब-क्या हुआ 1200 पेज की चार्जशीट: एसआईटी ने मामले में मार्च में कोर्ट में 1200 पेज की चार्जशीट पेश की। इसमें बताया गया कि मुकेश की खबरों से परेशान होकर सुरेश व अन्य ने उसकी हत्या की साजिश रची। कोर्ट के चार्जशीट पेश होने के बाद उसके सारे ठेके और पंजीकरण निरस्त कर दिए गए।

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