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महिला-आरक्षक बोली-FIR के बाद भी डिप्टी-कलेक्टर अरेस्ट नहीं:रेप केस में अफसर को छुट्टी, पीड़िता बोली- केस वापसी का दबाव बना रहे,आखिरी सांस तक लड़ूंगी

बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप कुमार उइके पर दर्ज रेप केस में अब पीड़िता ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। सीएएफ की महिला आरक्षक पीड़िता ने पत्र में आरोप लगाया कि FIR दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी होनी चाहिए थी, लेकिन उसे बीमारी की छुट्टी देकर फरार होने का मौका दे दिया गया। पीड़िता ने सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है। मामला डौंडी थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी उमा ठाकुर ने बताया कि आरोपी की पतासाजी की जा रही है। पुलिस उसे जल्द गिरफ्तार करेगी। इसके अलावा पीड़िता ने कहा कि समाज और युवक के परिजन उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। अंतिम क्षण तक लड़ूंगी कानूनी लड़ाई- पीड़िता दैनिक भास्कर से बातचीत में पीड़िता ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद आरोपी डिप्टी कलेक्टर की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसे भागने का मौका मिल गया। पीड़िता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीमारी का बहाना बनाने वाले आरोपी को छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा- मैं अब अंतिम क्षण तक अपनी कानूनी लड़ाई लड़ूंगी। समझौता का कहीं कोई रास्ता नहीं है। आरोपी ने कहा- मुझसे नहीं, मेरे वकील से बात करो पीड़िता ने बताया किया कि वर्ष 2017 से 2025 के बीच उसका तीन बार जबरन गर्भपात कराया गया। जून 2025 में आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता ने बताया कि विवाह से इनकार करने के बाद भी वह लगातार दिलीप से बात करने की कोशिश करती रही। पीड़िता ने बताया कि दिलीप उइके ने उनसे कहा कि- मेरे से नहीं, मेरे वकील से बात करो। लंबे समय तक मनाने की कोशिश के बावजूद उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। आखिर में पीड़िता ने कहा कि अब उसे न्यायालय का सहारा लेना पड़ रहा है। केस वापस लेने समाज और परिचित बना रहे दबाव पीड़िता महिला आरक्षक ने भास्कर को बताया कि 17 अगस्त 2025 को डौंडी थाने में बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज होने के बाद से उस पर अलग-अलग माध्यमों से दबाव डाला जा रहा है। पीड़िता के अनुसार कई लोग खुद को समाज के पदाधिकारी और आरोपी के रिश्तेदार बताकर उसके घर पहुंचे और केस वापस लेने के लिए दबाव बनाते रहे। लेकिन पीड़िता ने कहा- वह अब केस वापस लेने वाली नहीं है। जमानत याचिका जिला न्यायालय ने खारिज की बता दें कि रेप के आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके की अग्रिम जमानत याचिका जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है। पीड़िता ने आर्थिक शोषण और धोखाधड़ी के अपने आरोपों को सिद्ध करने के लिए बैंक स्टेटमेंट को डौंडी थाने में सबूत के रूप में पेश किया है। ……………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रेप केस में डिप्टी कलेक्टर की जमानत याचिका खारिज: पीड़िता ने आर्थिक-शोषण के आरोपों को सिद्ध करने बैंक स्टेटमेंट जमा किया,पुलिस बोली-आरोपी की तलाश जारी सीएएफ की महिला आरक्षक की शिकायत पर डौंडी थाने में केस दर्ज हुआ था। जिसमें उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, तीन बार जबरन गर्भपात कराने और आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया है। सुनवाई में आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत के समक्ष यह तर्क दिया कि पीड़िता उसे ब्लैकमेल कर रही है और उसके खिलाफ झूठा अपराध दर्ज करवाया गया है। पढ़ें पूरी खबर

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