रायपुर में बूंदाबांदी, 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी:बलरामपुर-रायगढ़ सहित 4 जिलों में 3 दिन बरसात; सेंट्रल पार्ट के हिस्से भी भीगेंगे

छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाकों में अगले तीन दिन भारी बारिश हो सकती है। दरअसल पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। ये कंडीशन बारिश, तूफान के लिए फेवरेबल है। इसका असर प्रदेश में भी दिखेगा। रायपुर में सुबह से घने बादल छाए हुए हैं, कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग ने आज (मंगलवार) सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर और रायगढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। इसके अलावा बस्तर, गरियाबंद, महासमुंद, कोरिया, जीपीएम, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा इन 9 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। वहीं सोमवार की बात करें तो राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में मौसम ड्राई रहा। जिसके चलते गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया। सबसे अधिक तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव का रहा। सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश जुलाई का पहला पखवाड़ा बारिश के लिहाज से काफी अच्छा रहा। अब तक प्रदेश में 380.6 मिमी बारिश हो गई है। यह औसत से 07 प्रतिशत ज्यादा है। कोंडागांव, बेमेतरा और सुकमा को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। बारिश के बाद झरनों की सुंदरता तस्वीरों में देखिए लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

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