नक्सलियों ने धारदार हथियार से की शिक्षादूत की हत्या:बीजापुर में पहले भी मिल चुकी थी धमकियां, मुखबिरी के आरोप​​​​​​​ में ले ली जान

छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर स्थित सिलगेर गांव में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत की हत्या कर दी। मृतक की पहचान लक्ष्मण बाडसे के रूप में हुई है। वह मंडेमरका में शिक्षादूत के रूप में कार्यरत थे। लक्ष्मण बाडसे भोपालपटनम ब्लॉक के पेगड़ापल्ली के रहने वाले थे। उनका ससुराल सिलगेर में था। नक्सलियों ने उन्हें पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए धारदार हथियार से हत्या कर दी। इससे पहले भी उन्हें नक्सलियों से धमकियां मिल चुकी थीं। बीजापुर और सुकमा क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। अब तक नक्सली 7 शिक्षादूतों की हत्या कर चुके हैं। वर्तमान में सुकमा जिले में 90 और बीजापुर जिले में 191 शिक्षादूत सेवाएं दे रहे हैं। ये सभी स्थानीय युवा हैं, जिन्होंने 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की है। शिक्षादूतों को सुकमा में 11 हजार और बीजापुर में 10 हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है। सीमित संसाधनों और जोखिम भरे माहौल में भी ये शिक्षादूत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आदिवासी बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। वे पेड़ों के नीचे और झोपड़ियों में पाठशाला लगाकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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