admin, Author at https://raipurnews.online/author/admin/ Wed, 09 Sep 2026 15:30:52 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 World Physiotherapy Day: ITSA Hospitals Celebrates the Power of Movement Through ‘Physio Carnival’ https://raipurnews.online/health/world-physiotherapy-day-itsa-hospitals-celebrates-the-power-of-movement-through-physio-carnival/ Wed, 09 Sep 2026 15:30:42 +0000 https://raipurnews.online/?p=160 Raipur, September 8: ITSA Hospitals, Raipur, is celebrating World Physiotherapy Day today, marking the end of a week-long “Physio Carnival” that began on September 1, held under the theme of healing and inspiring with every movement. The event brought together patients, staff, and the hospital family for activities highlighting the importance of physiotherapy in everyday […]

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Raipur, September 8: ITSA Hospitals, Raipur, is celebrating World Physiotherapy Day today, marking the end of a week-long “Physio Carnival” that began on September 1, held under the theme of healing and inspiring with every movement.

The event brought together patients, staff, and the hospital family for activities highlighting the importance of physiotherapy in everyday health.

The initiative was led by Dr. Tanushree Neral, HOD, Physiotherapy & Rehabilitation, a BPT, MPT (Musculoskeletal) Gold Medallist with over 15+ years of experience, under whose guidance the department of more than 25 physiotherapists continues to strengthen advanced rehabilitation services at ITSA Hospitals.

Each day of the carnival had a special theme dedicated to a different group connected with the hospital, while also offering an opportunity to highlight the hospital’s rehabilitation facilities, clinical expertise, and patient-centred approach.

The week began with Rhythm: Move Together, Heal Together, where everyone, including the hospital staff, gathered in sporty clothes for physical fitness activities. The day also drew attention to the role of structured movement and specialized rehabilitation resources in supporting safe and effective recovery.

The full week was dedicated to involving patients in fun, physically challenging activities, where patients and their families were engaged and felt motivated, reminding everyone that healing is easier with support.

The occasion also highlighted ITSA Hospitals Central India’s most advanced neurological rehabilitation services and its range of specialized technologies, including the Robotic Gait Trainer, Robowalk, Robotic Arm & Hand Trainers, Robotic Spinal Decompression, Antigravity Treadmill, Artificial Intelligence, and robotic-assisted physiotherapy, which support rehabilitation for patients recovering from stroke, spinal health, sports injuries, improving mobility and spine health, as well as treating orthopaedic conditions.

Hospital representatives said the Physio Carnival was a remarkable event and a reminder that movement, innovation, and human connection are at the heart of healing, with each themed day reflecting how physiotherapy touches every stage of life, from newborns to older adults.

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बैलाडिला की पहाड़ियों से हैदराबाद की सड़कों तक: 184 आदिवासी धावक नई चुनौती के लिए तैयार https://raipurnews.online/sports/bailadila-kee-phaadiyon-se-haidrabad-kee-sadkon-tk-184-aadivasee-dhavk-nee-chunautee-ke-lie-taiyar/ Thu, 27 Aug 2026 15:34:21 +0000 https://raipurnews.online/?p=149 हैदराबाद/रायपुर: बस्तर के सुदूर पहाड़ों और गांवों से हैदराबाद की ओर रुख करने वाले 184 युवा धावकों में से कई के लिए इस मैराथन की शुरुआती रेखा तक पहुँचने का सफर बिना शूज़ के शुरू हुआ था। उचित खेल सुविधाओं और धावन उपकरणों के अभाव में इनमें से कई युवाओं ने बैलाडिला की कठिन पहाड़ियों […]

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हैदराबाद/रायपुर: बस्तर के सुदूर पहाड़ों और गांवों से हैदराबाद की ओर रुख करने वाले 184 युवा धावकों में से कई के लिए इस मैराथन की शुरुआती रेखा तक पहुँचने का सफर बिना शूज़ के शुरू हुआ था।

उचित खेल सुविधाओं और धावन उपकरणों के अभाव में इनमें से कई युवाओं ने बैलाडिला की कठिन पहाड़ियों और ग्रामीण रास्तों पर नंगे पैर अभ्यास किया है। आगामी 30 अगस्त को वे एक बिल्कुल भिन्न परिवेश में होंगे—जहाँ वे देश की एक प्रमुख शहरी मैराथन में हज़ारों अन्य प्रतिभागियों के साथ दौड़ेंगे।

मुख्यतः आदिवासी समुदायों से आने वाले ये रनर  बैलाडिला, सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जगदलपुर जैसे सुदूर क्षेत्रों से चुने गए हैं। इनमें से 184 धावकों के लिए एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन का यह 15वां संस्करण किसी बड़े पैमाने की शहरी मैराथन में प्रतिस्पर्धा करने का पहला अवसर होगा। इस दल में छह महिला धावक भी शामिल हैं।

इनकी हैदराबाद यात्रा में एनएमडीसी द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है। संगठन  ने उनके प्रशिक्षण को प्रायोजित करने के साथ-साथ उन्हें रनिंग शूज़, किट एवं अन्य आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराई हैं, तथा उनके रहने और परिवहन की भी समुचित व्यवस्था की है।

उनके लिए तैयारियाँ काफी गहन रूप से की जा  रही हैं। 17 अगस्त से धावकों   के विभिन्न समूह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें किरंदुल और बचेली के आसपास की पहाड़ियों पर अभ्यास करने वाले युवा भी शामिल हैं।

प्रतिभागियों को प्रशिक्षित कर रहे विवेक ने बताया, “ये युवा विभिन्न सुदूर क्षेत्रों से आते हैं और 17 अगस्त से लगातार प्रशिक्षण ले रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इस समूह में भिन्न-भिन्न अनुभव स्तर वाले धावक  शामिल हैं।

हालाँकि, प्रशिक्षकों का ध्यान विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित हुआ है कि पहली बार मैराथन में भाग ले रहे इनमें से कुछ धावकों में इस दौड़ से आगे बढ़ने की अपार क्षमता है।

विवेक ने कहा कि यदि इन युवा धावकों को निरंतर कोचिंग और प्रतिस्पर्धी आयोजनों का अधिक अवसर मिले, तो इनमें से कुछ में पेशेवर एथलीट के रूप में विकसित होने की बड़ी संभावना है।

यह अवसर इस दल के लिए हैदराबाद मैराथन को केवल एक दौड़ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। यह देश के मुख्यधारा के खेल ढांचे से दूर विकसित हुई युवा खेल प्रतिभा को प्रदर्शित करने और उसकी पहचान करने का एक सशक्त मंच भी है।

एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन के रेस डायरेक्टर राजेश वेच्चा ने कहा, “हैदराबाद मैराथन का उद्देश्य हमेशा दौड़ने के साझा अनुभव के माध्यम से लोगों को जोड़ना रहा है। मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इस वर्ष एनएमडीसी बस्तर के सुदूर और आदिवासी क्षेत्रों से युवा धावकों को देश भर के हज़ारों धावकों के साथ अपनी जगह बनाने के लिए ला रहा है, जो इसे विशेष रूप से अर्थपूर्ण बनाता है। इनमें से कई युवाओं के लिए बड़े पैमाने के प्रतिस्पर्धी आयोजन का यह पहला अनुभव है। हमें उम्मीद है कि यह मैराथन उन्हें आत्मविश्वास, अनुभव और एक ऐसा मंच प्रदान करेगी जहाँ वे अपनी एथलेटिक क्षमता को पहचान सकें।”

ये 184 धावक मैराथन की विभिन्न श्रेणियों में पंजीकृत कुल 32,000 प्रतिभागियों का हिस्सा होंगे। पेशेवर अनुभव वाले धावकों का एक छोटा समूह 42.2 किलोमीटर की फुल मैराथन और 21.1 किलोमीटर की हाफ मैराथन में भाग लेगा। 184 धावकों में से अधिकांश 10 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लेंगे, जबकि शुरुआती धावकों के लिए 5 किलोमीटर की दौड़ भी आयोजित की जाएगी।

इस आयोजन का विशाल पैमाना उस वातावरण से बिल्कुल भिन्न होगा जिसमें बस्तर के इन धावकों ने तैयारी की है। बैलाडिला की पहाड़ियों ने उनके प्रशिक्षण स्थल के रूप में काम किया, जहाँ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों ने उनके सहनशीलता और स्टैमिना को बढ़ाने में सहायता की।

कई युवाओं के लिए यह बदलाव प्रत्यक्ष और परिवर्तनकारी रहा है। जो धावक कभी नंगे पैर अभ्यास करते थे, वे अब संगठित लॉजिस्टिक सहायता, उचित रनिंग शूज़ और किट से लैस होकर एक प्रमुख शहरी मैराथन में भाग ले रहे हैं।

मैराथन में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के लिए ₹45 लाख का भारी-भरकम पुरस्कार कोष रखा गया है। लेकिन बस्तर के दल के लिए तात्कालिक पुरस्कार एक राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा करने और अपने पूर्व अनुभवों की तुलना में कई गुना बड़े जनसमूह के बीच स्वयं को परखने का अवसर होगा।

छह महिला धावकों के लिए भी 30 अगस्त की यह दौड़ संगठित प्रतिस्पर्धी मैराथन की दुनिया में एक महत्वपूर्ण पहला कदम है।

एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी ने कहा, “एनएमडीसी के लिए हैदराबाद मैराथन का अर्थ  सिर्फ दौड़ने से कहीं अधिक सुअवसर पैदा करने से है। बस्तर के सुदूर और आदिवासी समुदायों के युवा धावकों को अपने गांव की पगडंडियों पर नंगे पैर अभ्यास करने से लेकर एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा करते देखना अत्यंत उत्साहजनक है। हमें उम्मीद है कि यह अनुभव उन्हें बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास देगा, साथ ही हमें जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें तराशने में मदद करेगा।”

उनकी श्रेणी के अनुसार आगे की दूरी 42.2 किमी, 21.1 किमी या 10 किमी हो सकती है। लेकिन इन धावकों को हैदराबाद तक लाने वाली यात्रा ने पहले ही उससे कहीं अधिक दूरी तय कर ली है—बस्तर के सुदूर गांवों और नंगे पैर प्रशिक्षण के रास्तों से लेकर 32,000 धावकों वाले आयोजन की शुरुआती रेखा तक।

और प्रशिक्षकों का मानना है कि इन 184 धावकों में कुछ ऐसे भी हैं जो अभी केवल यह महसूस करने की शुरुआत कर रहे हैं कि वे कितनी दूर तक दौड़ सकते हैं।

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Sports Enthusiast Association की “बचपन सीरीज” ने फिर जगाईं बचपन की सुनहरी यादें https://raipurnews.online/sports/sports-enthusiast-association-kee-bchpn-seereej-ne-fir-jgaeen-bchpn-kee-sunhree-yaden/ Mon, 24 Aug 2026 10:17:53 +0000 https://raipurnews.online/?p=144 रायपुर। Sports Enthusiast Association (SEA) द्वारा अगस्त माह में आयोजित “बचपन सीरीज” ने संस्था के सदस्यों को उनके बचपन की सुनहरी यादों से दोबारा जोड़ दिया। चार रविवार तक चले इस अनूठे आयोजन में 25 से 65 वर्ष तक की आयु के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और बचपन में खेले जाने वाले पारंपरिक एवं […]

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रायपुर। Sports Enthusiast Association (SEA) द्वारा अगस्त माह में आयोजित “बचपन सीरीज” ने संस्था के सदस्यों को उनके बचपन की सुनहरी यादों से दोबारा जोड़ दिया। चार रविवार तक चले इस अनूठे आयोजन में 25 से 65 वर्ष तक की आयु के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और बचपन में खेले जाने वाले पारंपरिक एवं मनोरंजक खेलों का आनंद उठाया।

“बचपन सीरीज” की परिकल्पना और सफल आयोजन SEA के सदस्य श्री आनंद सोनी द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान उम्र की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए सदस्यों ने विभिन्न खेलों में भाग लिया और हंसी-खुशी के बीच अपने बचपन के दिनों को फिर से जिया।

खेलों के साथ बढ़ा आपसी जुड़ाव

आयोजन के दौरान सदस्यों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिली। बचपन के खेलों ने जहां पुरानी यादों को ताजा किया, वहीं सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव, मित्रता और सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया।

SEA के अध्यक्ष श्री समीर सिंह, सचिव श्री नीलेश कटारिया एवं प्रवक्ता श्रीमती लिपि जैन ने आयोजन को अपना मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह के रचनात्मक आयोजन स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करते हैं और आपसी सौहार्द को मजबूत करते हैं।

“उम्र सिर्फ एक संख्या है”

“बचपन सीरीज” ने यह संदेश दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। यदि दिल में बचपन जिंदा हो, तो जीवन के किसी भी पड़ाव पर बचपन की खुशियों को दोबारा महसूस किया जा सकता है।

चार रविवार तक चले इस आयोजन ने SEA के सभी प्रतिभागियों के लिए यादगार पल संजोए। सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक, मनोरंजक और आपसी जुड़ाव बढ़ाने वाले आयोजनों के आयोजन की उम्मीद जताई।

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PhonePe, Google Pay और Paytm की UPI हिस्ट्री एक जगह ऐसे देखें https://raipurnews.online/india/phonepe-google-pay-aur-paytm-kee-upi-histree-ek-jgh-aise-dekhen/ Mon, 24 Aug 2026 06:04:59 +0000 https://raipurnews.online/?p=138 UPI Transaction History: आज के समय में डिजिटल पेमेंट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। लोग अपनी सुविधा के अनुसार PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे अलग-अलग UPI ऐप्स से भुगतान करते हैं। ऐसे में महीने के अंत में सभी ट्रांजैक्शन का हिसाब रखना मुश्किल हो जाता है। हर ऐप खोलकर अलग-अलग पेमेंट हिस्ट्री […]

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UPI Transaction History: आज के समय में डिजिटल पेमेंट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। लोग अपनी सुविधा के अनुसार PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे अलग-अलग UPI ऐप्स से भुगतान करते हैं। ऐसे में महीने के अंत में सभी ट्रांजैक्शन का हिसाब रखना मुश्किल हो जाता है। हर ऐप खोलकर अलग-अलग पेमेंट हिस्ट्री चेक करने में भी काफी समय लग सकता है।

लेकिन अगर आप कई UPI ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो उपलब्ध NPCI की UPI सर्विस के जरिए अलग-अलग ऐप्स से हुए ट्रांजैक्शन की जानकारी एक जगह देखने का विकल्प मिल सकता है।

Paytm से शुरू कर सकते हैं प्रक्रिया

इसके लिए सबसे पहले Paytm ऐप खोलें और अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें। इसके बाद UPI & Payment Settings में जाएं। यहां नीचे स्क्रॉल करने पर UPI Help का विकल्प दिखाई देगा। इस पर टैप करने के बाद संबंधित NPCI पेज ब्राउजर में खुल सकता है।

अब आपको अपनी UPI ID या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और कैप्चा पूरा करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए वेरिफिकेशन करें।

बैंक डिटेल वेरिफाई करने के बाद देखें रिकॉर्ड

वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद Transaction History विकल्प चुनें। इसके बाद अपने बैंक अकाउंट के आखिरी चार अंक दर्ज कर बैंक अकाउंट की जानकारी वेरिफाई करें और Continue पर टैप करें।

प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध UPI ट्रांजैक्शन की जानकारी एक जगह दिखाई जा सकती है। इससे अलग-अलग UPI ऐप्स में किए गए भुगतान का रिकॉर्ड देखने और महीने के खर्चों का हिसाब रखने में आसानी हो सकती है।

ध्यान रखें ये जरूरी बातें

UPI हिस्ट्री देखने के दौरान केवल आधिकारिक ऐप या NPCI से जुड़े पेज का ही इस्तेमाल करें। OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही, किसी अनजान लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से बचें।

नोट: अलग-अलग ऐप्स और NPCI की सेवाओं के इंटरफेस या उपलब्ध विकल्प समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए स्क्रीन पर दिखने वाले मौजूदा विकल्पों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी करें।

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युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता से बनेगा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय https://raipurnews.online/chhattisgarh/raipur/yuvaon-kee-oorja-aur-rchnatmkta-se-bnega-viksit-bhaart-aur-viksit-chhtteesgdh-mukhymantree-vishhanudev-say/ Tue, 18 Aug 2026 17:19:45 +0000 https://raipurnews.online/?p=134 रायपुर, 18 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोड़ना जरूरी है। […]

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रायपुर, 18 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोड़ना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ के संकल्प पर जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में सेवा एवं नेतृत्व के अवसर दिए जाने चाहिए। इससे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलने के साथ उनकी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होगी।

उन्होंने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम से राज्य स्तर तक मजबूत युवा नेटवर्क तैयार करने के निर्देश दिए। डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से अधिक युवा माय भारत से जुड़े

बैठक में बताया गया कि देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इससे जुड़ चुके हैं।

माय भारत युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है, जहां स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों एवं अवसरों की जानकारी उपलब्ध है।

अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को अवसर

देशभर में 24,900 से अधिक ईएलपी (Experiential Learning Programmes) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के जरिए 2,389 से अधिक युवा जुड़े हैं।

इसी तरह देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से ज्यादा युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5,778 वालंटियर अवसरों में 23,900 से अधिक युवाओं ने भाग लिया है।

बस्तर के युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

मुख्यमंत्री ने बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से बड़े पैमाने पर जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में यहां के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि माय भारत के माध्यम से बस्तर के युवाओं की प्रतिभा को पहचान, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल, कला, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में नेतृत्व के अवसर दिए जाने चाहिए।

विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग पर जोर

बैठक में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

बैठक में विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, विकसित भारत युवा कनेक्ट, यूथ आइकन, विकसित भारत पदयात्रा, सरदार@150 पदयात्रा और ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की जानकारी भी दी गई।

इस दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।

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ढाका का बदलता मौसम, पूर्वोत्तर भारत की नई चुनौती – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार) https://raipurnews.online/india/dhaka-ka-bdlta-mausm-poorvottr-bhaart-kee-nee-chunautee-d-atul-mlikram-rajneetik-ranneetikar/ Tue, 18 Aug 2026 16:47:34 +0000 https://raipurnews.online/?p=131 भारत और बांग्लादेश के रिश्ते केवल दो पड़ोसी देशों के संबंध नहीं हैं। यह इतिहास, संस्कृति, सुरक्षा, व्यापार और भूगोल से जुड़ा ऐसा रिश्ता है जिसका सीधा असर भारत के पूर्वोत्तर पर पड़ता है। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख हसीना के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव […]

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भारत और बांग्लादेश के रिश्ते केवल दो पड़ोसी देशों के संबंध नहीं हैं। यह इतिहास, संस्कृति, सुरक्षा, व्यापार और भूगोल से जुड़ा ऐसा रिश्ता है जिसका सीधा असर भारत के पूर्वोत्तर पर पड़ता है। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख हसीना के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए। लेकिन अगस्त 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों ने इस साझेदारी के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों की बुनियाद 1971 के मुक्ति संग्राम में पड़ी थी। हालांकि आजादी के बाद अवैध प्रवास, सीमा विवाद, तीस्ता जल बंटवारा, व्यापार असंतुलन और आतंकवाद जैसे मुद्दों ने दोनों देशों के रिश्तों को कई बार तनावपूर्ण बनाया। 2009 में शेख हसीना के दोबारा सत्ता में आने के बाद स्थिति बदली। बांग्लादेश ने अपनी जमीन पर भारत विरोधी उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की और सुरक्षा सहयोग का एक नया दौर शुरू हुआ। मोदी सरकार के आने के बाद इस रिश्ते को निर्णायक गति मिली। 2015 का भूमि सीमा समझौता इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इसके तहत भारत और बांग्लादेश ने क्रमशः 111 और 51 एन्क्लेव का आदान-प्रदान किया। दशकों से चली आ रही इस जटिल समस्या का समाधान केवल सीमा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि यह दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास का भी बड़ा प्रमाण बना।

इसके बाद कनेक्टिविटी रिश्तों का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गई। नवंबर 2023 में अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक का उद्घाटन हुआ। लगभग 12.24 किलोमीटर लंबा यह रेल संपर्क भारत के पूर्वोत्तर को बांग्लादेश के जरिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस परियोजना से कोलकाता-अगरतला रेल यात्रा को लगभग 38 घंटे और 1500 किलोमीटर से घटाकर करीब 15 घंटे और 500 किलोमीटर तक लाने की परिकल्पना की गई थी। यही वह बिंदु है जहां बांग्लादेश का महत्व केवल विदेश नीति से निकलकर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक रणनीति से जुड़ जाता है। पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भर रहा है। बांग्लादेश के बंदरगाहों, रेल और जलमार्गों तक बेहतर पहुंच इस निर्भरता को कम कर सकती है और माल ढुलाई की लागत तथा समय दोनों घटा सकती है।

सुरक्षा के मोर्चे पर भी हसीना सरकार के साथ सहयोग का असर स्पष्ट रहा है। अतीत में पूर्वोत्तर के कई उग्रवादी संगठनों ने बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल किया। ढाका की कार्रवाई और भारत के साथ बढ़ते हुए सुरक्षा सहयोग ने इस चुनौती को काफी कमजोर किया। इसका अर्थ यह है कि भारत के लिए बांग्लादेश केवल एक पड़ोसी नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की स्थिरता का महत्वपूर्ण सुरक्षा साझेदार भी है। आर्थिक रिश्ते भी इसी अवधि में तेजी से बढ़े। भारत ने बांग्लादेश में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर रियायती ऋण उपलब्ध कराए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अगस्त 2024 तक बांग्लादेश के लिए भारत की लाइन ऑफ क्रेडिट लगभग 7.86 अरब डॉलर थी। बिजली, रेल, सड़क, बंदरगाह और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग ने दोनों अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे से और करीब किया है।

लेकिन 2024 के बाद तस्वीर बदल गई। शेख हसीना भारत आ गईं और बांग्लादेश में राजनीतिक संक्रमण शुरू हुआ। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार फरवरी 2026 में समाप्त हुई और चुनाव के बाद बीएनपी नेता तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने। अब भारत के सामने चुनौती यह है कि वह नई सरकार के साथ रिश्तों को पुराने राजनीतिक समीकरणों से अलग रखते हुए अपने दीर्घकालिक हितों को कैसे सुरक्षित करता है। शेख हसीना का भारत में रहना आज भी रिश्तों का संवेदनशील मुद्दा है। बांग्लादेश ने उनके प्रत्यर्पण की मांग की है और भारत ने स्पष्ट किया है कि इस अनुरोध की समीक्षा कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है। अगस्त 2026 में भी यह मुद्दा दोनों देशों के बीच चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।

ऐसे समय में भारत के लिए सबसे समझदारी भरा रास्ता टकराव नहीं, बल्कि संतुलित कूटनीति है। मेरे अनुसार सुरक्षा सहयोग जारी रखना होगा, व्यापार और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को राजनीतिक उतार-चढ़ाव से बचाना होगा और बांग्लादेश की नई सरकार के साथ संस्थागत संबंध मजबूत करने होंगे। साथ ही, चीन और अन्य बाहरी शक्तियों के बढ़ते प्रभाव को केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि बेहतर आर्थिक और रणनीतिक विकल्प देकर चुनौती देनी होगी।

आखिरकार, बांग्लादेश की स्थिरता भारत के लिए केवल विदेश नीति का विषय नहीं है। यह पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा, व्यापार और विकास से सीधे जुड़ा प्रश्न है। इसलिए ढाका में बदलती सरकारों के बीच नई दिल्ली की सबसे बड़ी परीक्षा यही होगी कि वह व्यक्ति-केंद्रित रिश्तों से आगे बढ़कर भारत-बांग्लादेश संबंधों को संस्थागत, दीर्घकालिक और राष्ट्रीय हित आधारित साझेदारी में बदल सके। यही पूर्वोत्तर के लिए भी सबसे सुरक्षित और लाभकारी रास्ता होगा।

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आरडीबी ग्रुप और प्रिमार्क ग्रुप ने भोपाल में एक नए सफर की शुरुआत की https://raipurnews.online/india/aardeebee-grup-aur-primark-grup-ne-bhopal-men-ek-ne-sfr-kee-shuruaat-kee/ Mon, 17 Aug 2026 08:10:52 +0000 https://raipurnews.online/?p=127 भोपाल, अगस्त 2026 : भोपाल में आरडीबी ग्रुप और प्रिमार्क ग्रुप ने अपनी साझेदारी की शुरुआत की है, जो शहर के विकास और उसकी बढ़ती उम्मीदों के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस साझेदारी में रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास के क्षेत्रों का दशकों का अनुभव साथ आया है। यह दिखाता है […]

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भोपाल, अगस्त 2026 : भोपाल में आरडीबी ग्रुप और प्रिमार्क ग्रुप ने अपनी साझेदारी की शुरुआत की है, जो शहर के विकास और उसकी बढ़ती उम्मीदों के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस साझेदारी में रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास के क्षेत्रों का दशकों का अनुभव साथ आया है। यह दिखाता है कि दोनों समूह सिर्फ शहर के निर्माण में ही नहीं, बल्कि इसकी सोच और संस्कृति को भी आगे बढ़ाने में साथ काम करना चाहते हैं।

दोनों समूहों का मानना है कि किसी शहर का विकास सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि विचारों और बातचीत से भी होता है। इसी सोच के साथ, उन्होंने साहित्य, शिक्षा, सिनेमा, शासन और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी जानी-मानी हस्तियों को एक मंच पर बुलाया, ताकि देश के लिए अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो सके।

इस पहल की शुरुआत ‘नक्सल मुक्त भारत’ के भोपाल लॉन्च के साथ हुई, जिसके बाद “इंडिया’ज़ लॉन्ग बैटल अगेंस्ट लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिज्म: लीडरशिप, गवर्नेंस एंड नेशन बिल्डिंग” (वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ भारत की लंबी लड़ाई: नेतृत्व, शासन और राष्ट्र निर्माण) विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में अलग-अलग नज़रियों से शासन, मजबूती, सामाजिक बदलाव और राष्ट्र निर्माण के बड़े विषयों पर बात हुई।

इस पैनल में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लेखक तुहिन ए. सिन्हा, दर्शनशास्त्र के सहायक प्राध्यापक और भारतीय ज्ञान परंपरा के विद्वान डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी, मार्केट माईबुक की संस्थापक और हार्परकॉलिन्स इंडिया में मार्केटिंग की पूर्व हेड लिपिका भूषण, और ‘द केरल स्टोरी’ और ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ के निर्देशक व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता सुदीप्तो सेन शामिल थे।

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इससे पता चलता है कि शासन, विकास और देश की तरक्की से जुड़ी यह बातचीत कितनी अहम है।
इस अवसर पर प्रिमार्क ग्रुप के डायरेक्टर और क्रेडाई बंगाल के पूर्व अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ पंसारी ने कहा, “भोपाल में हमारी यात्रा सिर्फ बड़ी इमारतें बनाने तक सीमित नहीं है। यह अच्छे विचारों, बातचीत और साथ मिलकर काम करके शहर के विकास में योगदान देने के बारे में है। हमारा मानना है कि महान शहर सिर्फ अपनी इमारतों या इंफ्रास्ट्रक्चर से ही नहीं, बल्कि उनसे उपजी बातचीत से आकार लेते हैं। यह पहल तो बस शुरुआत है। हम भोपाल की तरक्की में लंबे समय तक सक्रिय भागीदार बने रहना चाहते हैं।”

आरडीबी ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, “हर शहर की अपनी एक कहानी होती है, और हमारा मानना है कि अच्छी साझेदारियां उसके भविष्य को बेहतर बना सकती हैं। प्रिमार्क ग्रुप के साथ हमारा यह रिश्ता सिर्फ इमारतें या इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने तक सीमित नहीं है। हम ऐसी पहलों में भी साथ देना चाहते हैं जो लोगों को जोड़े, अच्छी चर्चाओं को बढ़ावा दे और भोपाल के आगामी/भविष्य के विकास में योगदान दें। हम भोपाल के साथ भरोसे, सही नीयत और असरदार बदलाव पर टिका एक मजबूत रिश्ता बनाना चाहते हैं।”

‘नक्सल मुक्त भारत’ का लॉन्च और इसके साथ हुई पैनल चर्चा, भोपाल में सार्थक सार्वजनिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रति आरडीबी ग्रुप और प्रिमार्क ग्रुप की प्रतिबद्धता का पहला अध्याय बनकर सामने आई। इस पहल के ज़रिए दोनों समूहों ने फिर से यह भरोसा दिलाया कि वे भोपाल के विकास में सिर्फ निर्माण के काम से ही नहीं, बल्कि ऐसी बातचीत को बढ़ावा देकर भी योगदान देंगे जो लोगों को सोचने-समझने और चर्चा करने के लिए प्रेरित करे। इस तरह भोपाल एक ऐसे शहर के रूप में आगे बढ़ता रहेगा, जहां नए विचार पनपते हैं और तरक्की होती है।

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पर्दे के पीछे रहने वाले समाज सुधारकों को मिलेगा ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3’ https://raipurnews.online/india/prde-ke-peechhe-rhne-vale-smaj-sudharkon-ko-milega-goldn-impaikt-acheevr-av-rds-3/ Mon, 03 Aug 2026 10:58:45 +0000 https://raipurnews.online/?p=124 इंदौर। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे नायकों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के प्रति समर्पित नोडल संस्था ‘2030 का भारत’ ने गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 (जीआईएए-3) के लिए निःशुल्क नामांकन आमंत्रित किए हैं। इस सम्मान के माध्यम से क्वालिटी एजुकेशन, जीरो […]

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  • ‘2030 का भारत’ ने शुरू किए निःशुल्क नामांकन
  • शिक्षा, भूखमुक्त समाज और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
  • इंदौर। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे नायकों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के प्रति समर्पित नोडल संस्था ‘2030 का भारत’ ने गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 (जीआईएए-3) के लिए निःशुल्क नामांकन आमंत्रित किए हैं। इस सम्मान के माध्यम से क्वालिटी एजुकेशन, जीरो हंगर तथा अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।

    संस्था का मानना है कि समाज में वास्तविक परिवर्तन वही लोग लाते हैं, जो बिना किसी प्रचार या पहचान की अपेक्षा के वर्षों से लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में जुटे रहते हैं। गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का प्रयास है।

    ‘2030 का भारत’ के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, “देश केवल नीतियों और योजनाओं से नहीं बदलता, बल्कि उन लोगों से बदलता है जो दूसरों के जीवन में आशा और बदलाव लाने का संकल्प लेकर कार्य करते हैं। गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स ऐसे सच्चे परिवर्तनकर्ताओं को सम्मानित करने और उनके कार्यों को समाज के सामने लाने का एक प्रयास है।”

    उन्होंने बताया कि यह गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स का तीसरा संस्करण है। इससे पहले आयोजित दो संस्करणों में सात हिंदीभाषी राज्यों के 21 समाजसेवियों एवं परिवर्तनकर्ताओं को उनके उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

    आयोजन समिति ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और संगठनों से अपील की है कि यदि उनके संज्ञान में कोई ऐसा व्यक्ति है, जो क्वालिटी एजुकेशन, जीरो हंगर अथवा अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, तो उसका नामांकन अवश्य भेजें। प्राप्त नामांकनों का विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और चयनित परिवर्तनकर्ताओं को गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 से सम्मानित किया जाएगा।

    नामांकन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।

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    कांकेर में मलेरिया से हुई मौतों पर प्रशासन सख्त, स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर काम करने के निर्देश https://raipurnews.online/health/kanker-men-mleriya-se-huee-mauton-pr-prshasn-skht-svasthy-vibhaag-ko-haee-alrt-pr-kam-krne-ke-nirdesh/ Fri, 31 Jul 2026 10:27:32 +0000 https://raipurnews.online/?p=120 रायपुर, 31 जुलाई 2026: कांकेर जिले में मलेरिया से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट मोड पर कार्य किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित स्वास्थ्य जांच […]

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    रायपुर, 31 जुलाई 2026: कांकेर जिले में मलेरिया से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट मोड पर कार्य किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।

    कलेक्टर ने कहा कि जिन गांवों में मलेरिया के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी गंभीर स्थिति की तत्काल सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में लापरवाही के कारण मलेरिया से मौत होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    आश्रम-छात्रावासों में होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

    बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के सभी आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। मलेरिया के साथ-साथ डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की जांच की जाएगी।

    कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं (मितानिन) के पास सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें और क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मी किसी भी स्थिति की सही जानकारी समय पर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं।

    अगले दो माह तक मलेरिया नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता

    कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार मलेरिया से होने वाली मौतों को लेकर बेहद गंभीर है। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर चुके हैं। उन्होंने सभी विभागों को अगले दो महीनों तक मलेरिया नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

    672 मरीज मिले, कंट्रोल रूम भी स्थापित

    राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग एवं मौसमी बीमारियों की समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि जुलाई-अगस्त में मलेरिया के मामले अधिक सामने आते हैं। विभाग द्वारा आश्रम-छात्रावासों में रैपिड फीवर सर्वे (RFS) चलाया जा रहा है।

    अब तक 19,844 सैंपलों की जांच में 672 मलेरिया संक्रमित मरीज मिले हैं, जिनका तत्काल उपचार किया गया। जिले और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

    35 हजार दवा-लेपित मच्छरदानियों का वितरण

    मलेरिया रोकथाम के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत 35,000 दवा-लेपित मच्छरदानियां वितरित की गई हैं। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों और पेयजल स्रोतों के आसपास दवा का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) और फाइलेरिया की भी नियमित निगरानी की जा रही है।

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार या किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, ताकि समय पर उपचार मिल सके।

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    बुंदेली शेफ सीज़न-4 में शेफ संजय शर्मा ने चुने 11 सेमीफाइनलिस्ट https://raipurnews.online/india/bundelee-shef-seezn-4-men-shef-sanjy-shrma-ne-chune-11-semeefainlist/ Thu, 30 Jul 2026 16:29:05 +0000 https://raipurnews.online/?p=117 छतरपुर बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित ‘बुंदेली शेफ सीज़न-4’ के क्वार्टर फिनाले का आयोजन 29 जुलाई को किया गया। प्रतियोगिता के तीनों ऑडिशन राउंड से चयनित कुल 19 प्रतिभागियों ने क्वार्टर फिनाले में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों को नवाचार के साथ प्रस्तुत करते हुए अपनी पाक कला, रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल का उत्कृष्ट […]

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    छतरपुर बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित ‘बुंदेली शेफ सीज़न-4’ के क्वार्टर फिनाले का आयोजन 29 जुलाई को किया गया। प्रतियोगिता के तीनों ऑडिशन राउंड से चयनित कुल 19 प्रतिभागियों ने क्वार्टर फिनाले में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों को नवाचार के साथ प्रस्तुत करते हुए अपनी पाक कला, रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

    क्वार्टर फिनाले में निर्णायक की भूमिका प्रसिद्ध शेफ संजय शर्मा ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन स्वाद, प्रस्तुति, स्वच्छता, नवाचार और पाक-कौशल के आधार पर किया। प्रतियोगिता बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले वाली रही। सभी प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक व्यंजन प्रस्तुत किए, जिसके कारण निर्णायक के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन करना चुनौतीपूर्ण रहा।

    प्रतियोगिता के परिणामस्वरूप अल्का आनंद, हनी मंसूरी, हेमा गुप्ता, नाज़मी अख्तर, नेहा गुप्ता, प्रीति शुक्ला, रितिका शर्मा, रुचि जैन, सुरुचि जैन, स्वाति जैन एवं प्रतिभा मिश्रा ने सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। वहीं, बुंदेली शेफ के पहले तीनों सीज़न के रनरअप प्रतिभागियों में से नैन्सी शिवहरे का चयन वाइल्ड कार्ड एंट्री के रूप में किया गया है। वे भी सेमीफाइनल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

    बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने सभी चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “बुंदेली शेफ केवल एक पाक कला प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की समृद्ध खानपान परंपरा, स्थानीय स्वाद और महिलाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास है। क्वार्टर फिनाले में सभी प्रतिभागियों ने जिस समर्पण, रचनात्मकता और नवाचार का परिचय दिया, वह अत्यंत सराहनीय है। प्रत्येक प्रतिभागी ने अपनी अनूठी प्रस्तुति से प्रतियोगिता को बेहद रोमांचक बना दिया। सेमीफाइनल के लिए चयनित सभी प्रतिभागियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि वे आगे भी अपनी प्रतिभा से बुंदेलखंड की पाक विरासत को नई पहचान दिलाएंगी।”

    आयोजकों के अनुसार, बुंदेली शेफ सीज़न-4 का सेमीफाइनल अगस्त के द्वितीय सप्ताह में आयोजित किया जाएगा, जिसमें चयनित प्रतिभागी फाइनल में अपनी जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि बुंदेली शेफ सीज़न-4 का आयोजन बुंदेलखंड 24×7 द्वारा किया जा रहा है। प्रतियोगिता के सहयोगी प्रायोजक के रूप में शुद्ध मसाला सहभागिता निभा रहा है।

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