रायपुर : कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव सहला निगार के किया धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण

किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, धान खरीदी व्यवस्था हुई और सुदृढ़

कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती सहला निगार ने आज बेमेतरा जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों का व्यापक निरीक्षण किया। जिले में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति जानने और किसानों को दी जा रही सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के उद्देश्य से उन्होंने धान उपार्जन केंद्र कठिया, कृषि उपज मंडी बेमेतरा, कंतेली और खिलौरा का दौरा किया। इस निरीक्षण दौरे पर जिला कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा भी साथ रहे। कृषि उत्पादन आयुक्त का यह दौरा पूरी तरह किसान-केंद्रित रहा, जिसमें उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की बारीकियों से लेकर किसानों के हितों की सुरक्षा तक हर पहलू को गंभीरता से देखा।

उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च महत्व

श्रीमती निगार ने प्रत्येक केंद्र में पहुंचकर समिति प्रबंधकों से उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मेहनत के वास्तविक सम्मान के साथ धान खरीदी की व्यवस्था संचालित कर रही है और इन केंद्रों पर कोई भी कमी न हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्रों मंक बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, छाया, शौचालय और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं की स्थिति की जांच की तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि इन व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने किसानों से बातचीत कर यह भी जाना कि क्या उन्हें खरीदी प्रक्रिया में कोई असुविधा या परेशानी आ रही है। किसानों ने उपलब्ध सुविधाओं और प्रक्रिया की पारदर्शिता को संतोषजनक बताया।

धान की तौल, स्टैकिंग और बारदाना उपलब्धता की हुई गहन समीक्षा

निरीक्षण के दौरान श्रीमती निगार ने धान की तौल प्रक्रिया और विभिन्न किस्मों की स्टैकिंग को भी देखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तौल पूरी तरह पारदर्शिता और वास्तविकता के आधार पर की जाए तथा किसी भी स्थिति में धान की गुणवत्ता और मात्रा से समझौता न किया जाए। उन्होंने बारदाने की उपलब्धता की भी जानकारी ली और कहा कि खरीदी के चरम समय में किसी भी केंद्र में बोरे की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रों में किसानों से प्रतिदिन निर्धारित टोकन के अनुसार धान खरीदी करने, भीड़ को नियंत्रित रखने और किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा से बचाने के निर्देश दिए।

कार्यालय में पहुँचकर स्वयं कंप्यूटर पर लॉगिन कर देखा—टोकन कटिंग की प्रक्रिया की प्रत्यक्ष जांच

निरीक्षण के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती सहला निगार ने केवल बाहरी व्यवस्थाएँ ही नहीं देखीं, बल्कि कार्यालय में जाकर स्वयं कंप्यूटर पर बैठकर टोकन तुहर हाथ प्रणाली की वास्तविक कार्यप्रणाली की भी जाँच की। उन्होंने ऑपरेटर से पूरी प्रक्रिया समझी और अपनी मौजूदगी में स्वयं लॉगिन कर यह परखा कि किसानों के टोकन काटने में कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं आ रही। उन्होंने सर्वर की गति, फॉर्म भरने की सटीकता, ओटीपी प्रक्रिया और टोकन जनरेशन की पुष्टि की। इसके साथ ही उन्होंने नये और पुराने बारदाने की उपलब्धता को भी विस्तारपूर्वक जांचा। उन्होंने तौल मशीनों की सटीकता, स्टैकिंग की व्यवस्था, और किसानों की धान ढुलाई में सुरक्षा उपायों को भी स्वयं देखा। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि तकनीक से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मौके पर ही किया जाना चाहिए ताकि किसान किसी कठिनाई का सामना न करें।

टोकन प्रणाली पर विशेष जोर—किसानों को न हो किसी प्रकार का भ्रम

श्रीमती निगार ने कहा कि वर्तमान धान खरीदी में ‘टोकन प्रणाली’ अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसकी पारदर्शिता तथा सुचारूता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथियों पर टोकन कटे सभी किसानों की धान खरीदी उसी दिन होना प्रशासनिक प्राथमिकता है। उन्होंने समिति प्रबंधकों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसान टोकन समय के अनुसार सहज और सम्मानजनक तरीके से धान बेच सकें, और किसी प्रकार की देरी या भ्रम की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने किसानों से खरीदी गई धान की मात्रा, तौल और देयक राशि की रसीद तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने भी सभी समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि खरीदी अवधि में सभी केंद्रों पर “शून्य शिकायत” की नीति लागू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को कतार में न लगना पड़े, प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी हों तथा भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग, भीड़ प्रबंधन और संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान रखने को कहा।
किसानों से मेल-मुलाकात और खरीदी की प्रगति की समीक्षा

कृषि उत्पादन आयुक्त ने केंद्रों में मौजूद किसानों से बातचीत कर उनकी संतुष्टि, समस्याओं और सुझावों को जाना। किसानों ने बताया कि इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया में सुविधाएं बेहतर हैं और तौल व्यवस्था अधिक पारदर्शी महसूस हो रही है। श्रीमती निगार ने विभिन्न केंद्रों में आज खरीदी गई धान की मात्रा, उपस्थित किसानों की संख्या, बारदाने की उपलब्धता और भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। पूरे निरीक्षण के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि छत्तीसगढ़ शासन किसान हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहता। खरीदी व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और किसान–सम्मानित बनाने के लिए सभी स्तरों पर प्रशासन पूर्णतः प्रतिबद्ध है। श्रीमती सहला निगार ने कहा कि किसान सालभर मेहनत करते हैं और यह प्रशासन का कर्तव्य है कि वह उनकी मेहनत का वास्तविक सम्मान सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम तत्काल उठाए जाएंगे।

निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती पिंकी मनहर, उप संचालक कृषि मोरध्वज डडसेना, सहकारी संस्था अधिकारी तथा धान खरीदी से संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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