https://raipurnews.online/ Mon, 03 Aug 2026 10:58:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 पर्दे के पीछे रहने वाले समाज सुधारकों को मिलेगा ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3’ https://raipurnews.online/india/prde-ke-peechhe-rhne-vale-smaj-sudharkon-ko-milega-goldn-impaikt-acheevr-av-rds-3/ Mon, 03 Aug 2026 10:58:45 +0000 https://raipurnews.online/?p=124 इंदौर। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे नायकों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के प्रति समर्पित नोडल संस्था ‘2030 का भारत’ ने गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 (जीआईएए-3) के लिए निःशुल्क नामांकन आमंत्रित किए हैं। इस सम्मान के माध्यम से क्वालिटी एजुकेशन, जीरो […]

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  • ‘2030 का भारत’ ने शुरू किए निःशुल्क नामांकन
  • शिक्षा, भूखमुक्त समाज और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
  • इंदौर। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे नायकों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के प्रति समर्पित नोडल संस्था ‘2030 का भारत’ ने गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 (जीआईएए-3) के लिए निःशुल्क नामांकन आमंत्रित किए हैं। इस सम्मान के माध्यम से क्वालिटी एजुकेशन, जीरो हंगर तथा अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।

    संस्था का मानना है कि समाज में वास्तविक परिवर्तन वही लोग लाते हैं, जो बिना किसी प्रचार या पहचान की अपेक्षा के वर्षों से लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में जुटे रहते हैं। गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का प्रयास है।

    ‘2030 का भारत’ के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, “देश केवल नीतियों और योजनाओं से नहीं बदलता, बल्कि उन लोगों से बदलता है जो दूसरों के जीवन में आशा और बदलाव लाने का संकल्प लेकर कार्य करते हैं। गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स ऐसे सच्चे परिवर्तनकर्ताओं को सम्मानित करने और उनके कार्यों को समाज के सामने लाने का एक प्रयास है।”

    उन्होंने बताया कि यह गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स का तीसरा संस्करण है। इससे पहले आयोजित दो संस्करणों में सात हिंदीभाषी राज्यों के 21 समाजसेवियों एवं परिवर्तनकर्ताओं को उनके उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

    आयोजन समिति ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और संगठनों से अपील की है कि यदि उनके संज्ञान में कोई ऐसा व्यक्ति है, जो क्वालिटी एजुकेशन, जीरो हंगर अथवा अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, तो उसका नामांकन अवश्य भेजें। प्राप्त नामांकनों का विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और चयनित परिवर्तनकर्ताओं को गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 से सम्मानित किया जाएगा।

    नामांकन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।

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    कांकेर में मलेरिया से हुई मौतों पर प्रशासन सख्त, स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर काम करने के निर्देश https://raipurnews.online/health/kanker-men-mleriya-se-huee-mauton-pr-prshasn-skht-svasthy-vibhaag-ko-haee-alrt-pr-kam-krne-ke-nirdesh/ Fri, 31 Jul 2026 10:27:32 +0000 https://raipurnews.online/?p=120 रायपुर, 31 जुलाई 2026: कांकेर जिले में मलेरिया से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट मोड पर कार्य किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित स्वास्थ्य जांच […]

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    रायपुर, 31 जुलाई 2026: कांकेर जिले में मलेरिया से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट मोड पर कार्य किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।

    कलेक्टर ने कहा कि जिन गांवों में मलेरिया के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी गंभीर स्थिति की तत्काल सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में लापरवाही के कारण मलेरिया से मौत होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    आश्रम-छात्रावासों में होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

    बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के सभी आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। मलेरिया के साथ-साथ डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की जांच की जाएगी।

    कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं (मितानिन) के पास सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें और क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मी किसी भी स्थिति की सही जानकारी समय पर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं।

    अगले दो माह तक मलेरिया नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता

    कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार मलेरिया से होने वाली मौतों को लेकर बेहद गंभीर है। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर चुके हैं। उन्होंने सभी विभागों को अगले दो महीनों तक मलेरिया नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

    672 मरीज मिले, कंट्रोल रूम भी स्थापित

    राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग एवं मौसमी बीमारियों की समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि जुलाई-अगस्त में मलेरिया के मामले अधिक सामने आते हैं। विभाग द्वारा आश्रम-छात्रावासों में रैपिड फीवर सर्वे (RFS) चलाया जा रहा है।

    अब तक 19,844 सैंपलों की जांच में 672 मलेरिया संक्रमित मरीज मिले हैं, जिनका तत्काल उपचार किया गया। जिले और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

    35 हजार दवा-लेपित मच्छरदानियों का वितरण

    मलेरिया रोकथाम के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत 35,000 दवा-लेपित मच्छरदानियां वितरित की गई हैं। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों और पेयजल स्रोतों के आसपास दवा का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) और फाइलेरिया की भी नियमित निगरानी की जा रही है।

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार या किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, ताकि समय पर उपचार मिल सके।

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    बुंदेली शेफ सीज़न-4 में शेफ संजय शर्मा ने चुने 11 सेमीफाइनलिस्ट https://raipurnews.online/india/bundelee-shef-seezn-4-men-shef-sanjy-shrma-ne-chune-11-semeefainlist/ Thu, 30 Jul 2026 16:29:05 +0000 https://raipurnews.online/?p=117 छतरपुर बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित ‘बुंदेली शेफ सीज़न-4’ के क्वार्टर फिनाले का आयोजन 29 जुलाई को किया गया। प्रतियोगिता के तीनों ऑडिशन राउंड से चयनित कुल 19 प्रतिभागियों ने क्वार्टर फिनाले में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों को नवाचार के साथ प्रस्तुत करते हुए अपनी पाक कला, रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल का उत्कृष्ट […]

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    छतरपुर बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित ‘बुंदेली शेफ सीज़न-4’ के क्वार्टर फिनाले का आयोजन 29 जुलाई को किया गया। प्रतियोगिता के तीनों ऑडिशन राउंड से चयनित कुल 19 प्रतिभागियों ने क्वार्टर फिनाले में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों को नवाचार के साथ प्रस्तुत करते हुए अपनी पाक कला, रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

    क्वार्टर फिनाले में निर्णायक की भूमिका प्रसिद्ध शेफ संजय शर्मा ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन स्वाद, प्रस्तुति, स्वच्छता, नवाचार और पाक-कौशल के आधार पर किया। प्रतियोगिता बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले वाली रही। सभी प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक व्यंजन प्रस्तुत किए, जिसके कारण निर्णायक के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन करना चुनौतीपूर्ण रहा।

    प्रतियोगिता के परिणामस्वरूप अल्का आनंद, हनी मंसूरी, हेमा गुप्ता, नाज़मी अख्तर, नेहा गुप्ता, प्रीति शुक्ला, रितिका शर्मा, रुचि जैन, सुरुचि जैन, स्वाति जैन एवं प्रतिभा मिश्रा ने सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। वहीं, बुंदेली शेफ के पहले तीनों सीज़न के रनरअप प्रतिभागियों में से नैन्सी शिवहरे का चयन वाइल्ड कार्ड एंट्री के रूप में किया गया है। वे भी सेमीफाइनल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

    बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने सभी चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “बुंदेली शेफ केवल एक पाक कला प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की समृद्ध खानपान परंपरा, स्थानीय स्वाद और महिलाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास है। क्वार्टर फिनाले में सभी प्रतिभागियों ने जिस समर्पण, रचनात्मकता और नवाचार का परिचय दिया, वह अत्यंत सराहनीय है। प्रत्येक प्रतिभागी ने अपनी अनूठी प्रस्तुति से प्रतियोगिता को बेहद रोमांचक बना दिया। सेमीफाइनल के लिए चयनित सभी प्रतिभागियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि वे आगे भी अपनी प्रतिभा से बुंदेलखंड की पाक विरासत को नई पहचान दिलाएंगी।”

    आयोजकों के अनुसार, बुंदेली शेफ सीज़न-4 का सेमीफाइनल अगस्त के द्वितीय सप्ताह में आयोजित किया जाएगा, जिसमें चयनित प्रतिभागी फाइनल में अपनी जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि बुंदेली शेफ सीज़न-4 का आयोजन बुंदेलखंड 24×7 द्वारा किया जा रहा है। प्रतियोगिता के सहयोगी प्रायोजक के रूप में शुद्ध मसाला सहभागिता निभा रहा है।

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    अपना दल (एस) ने नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को दिया संगठन विस्तार का मंत्र https://raipurnews.online/india/apna-dl-es-ne-nvniyukt-jila-adhykshon-ko-diya-sangthn-vistar-ka-mantr/ Mon, 27 Jul 2026 17:15:31 +0000 https://raipurnews.online/?p=93 आगामी कार्ययोजना पर हुआ प्रशिक्षण आर बी सिंह बोले – शिक्षा का राष्ट्रीयकरण हो, एक समान शिक्षा लागू हो भोपाल 27/7/26। अपना दल (एस) मध्य प्रदेश द्वारा सोमवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का […]

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    आगामी कार्ययोजना पर हुआ प्रशिक्षण

    आर बी सिंह बोले – शिक्षा का राष्ट्रीयकरण हो, एक समान शिक्षा लागू हो

    भोपाल 27/7/26। अपना दल (एस) मध्य प्रदेश द्वारा सोमवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने की। वहीं राजनीतिक रणनीतिकार डॉ अतुल मलिकराम ने लक्ष्य निर्धारित कर आगामी दिनों की कार्ययोजना पर प्रेजेंटेशन साझा की। इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना तथा नए दायित्व प्राप्त पदाधिकारियों को आगामी कार्ययोजना से अवगत कराना रहा।

    इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और एकसमान शिक्षा लागू करने की बात करते हुए कहा कि “संगठन की वास्तविक शक्ति उसके सक्रिय कार्यकर्ता और मजबूत जिला संगठन होते हैं। सभी जिला अध्यक्ष निर्धारित समय-सीमा में संगठन का विस्तार करें और जनता के बीच पार्टी की विचारधारा एवं जनहित के मुद्दों को मजबूती से लेकर जाएं।” उन्होंने शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और एकसमान शिक्षा लागू करने के विषय को भी पुख्ता करने पर जोर दिया।

    पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं आईटी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गंगवार ने सोशल मीडिया के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि “वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम जनता तक पार्टी की नीतियों और जनहित के कार्यों को पहुंचाने का सबसे प्रभावी साधन है, इसलिए प्रत्येक पदाधिकारी को सोशल मीडिया का सकारात्मक और तथ्यात्मक उपयोग करना चाहिए।“

    प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने कहा कि, “यह प्रशिक्षण केवल जिम्मेदारियों की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठनात्मक कार्यशैली को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास है। प्रत्येक जिला अध्यक्ष अपने जिले में मजबूत टीम बनाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करें।”

    राजनीतिक रणनीतिकार, डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, “सफल संगठन वही होता है जो लक्ष्य तय करके समयबद्ध तरीके से कार्य करे। अगले 30 दिनों में प्रत्येक जिला अध्यक्ष को संगठन विस्तार, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता दिखाते हुए परिणाम आधारित कार्य संस्कृति विकसित करनी होगी।” उन्होंने संगठन विस्तार, जनसंपर्क, स्थानीय मुद्दों की पहचान, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और प्रभावी संवाद जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया।

    बैठक में विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। इनमें सिंगरौली से त्रिलोकी सिंह, भोपाल से सुरेंद्र नाहर, सिवनी से चैतराम प्रजापति, इंदौर से टीकमचंद्र शर्मा, मऊगंज से अजय बिहारी पटेल, सतना से राजमणि सिंह पटेल, रीवा से अशोक पटेल, ग्वालियर से राहुल सिंह, मैहर से मनोज पटेल, उमरिया से रमेश पटेल, जबलपुर से कमलेश पटेल तथा सागर से मनीष सरवैया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक के दौरान जिला अध्यक्षों को 15 अगस्त से पूर्व जिला कार्यकारिणी एवं विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने तथा संगठन को प्रत्येक बूथ तक सक्रिय बनाने का आह्वान किया गया।

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    बुंदेली शेफ सीज़न 4: तीसरे ऑडिशन में 17 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, 6 प्रतिभागी क्वार्टर फाइनल में https://raipurnews.online/india/bundelee-shef-seezn-4-teesre-odishn-men-17-prtibhaagiyon-ne-liya-hissa-6-prtibhaagee-kvartr-fainl-men/ Fri, 24 Jul 2026 13:30:20 +0000 https://raipurnews.online/?p=82 छतरपुर, जुलाई 2026: बुंदेलखंड की पारंपरिक पाक-कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ऑनलाइन कुकिंग प्रतियोगिता ‘बुंदेली शेफ सीज़न 4’ के तीसरे एवं अंतिम ऑडिशन का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस ऑडिशन में कुल 17 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 6 प्रतिभागियों ने अपने प्रदर्शन के आधार पर क्वार्टर फाइनल में […]

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    छतरपुर, जुलाई 2026: बुंदेलखंड की पारंपरिक पाक-कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ऑनलाइन कुकिंग प्रतियोगिता ‘बुंदेली शेफ सीज़न 4’ के तीसरे एवं अंतिम ऑडिशन का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस ऑडिशन में कुल 17 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 6 प्रतिभागियों ने अपने प्रदर्शन के आधार पर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

    चयनित प्रतिभागियों में हनी मंसूरी, प्रतिभा मिश्रा, स्वाति जैन, किस्मतुन निशा, प्रीति शुक्ला एवं शकुन मौर्य शामिल हैं। प्रतिभागियों ने बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों को अलग-अलग शैली में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर निर्णायकों ने उनका मूल्यांकन किया।

    तीसरे ऑडिशन के साथ ही प्रतियोगिता के तीनों ऑडिशंस पूरे हो गए हैं। अब कुल 19 प्रतिभागी क्वार्टर फाइनल में पहुँच चुकी हैं। इसके बाद प्रतियोगिता के सेमी फाइनल और ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया जाएगा, जहाँ सीज़न 4 के विजेता का चयन होगा।

    बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य बुंदेलखंड की पारंपरिक पाक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ महिलाओं की प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि तीनों ऑडिशंस में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि क्षेत्र की महिलाएँ अपनी पारंपरिक रेसिपीज़ को नई पहचान दिलाने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में पहुँची सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।

    गौरतलब है कि प्रतियोगिता के माध्यम से बुंदेलखंड की पारंपरिक पाक-कला को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। अब प्रतियोगिता के अगले चरण यानि क्वार्टर फाइनल में सभी 19 चयनित प्रतिभागियों के बीच खिताब की दौड़ और भी अधिक रोचक होने की उम्मीद है।

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    EPFO पासबुक में नहीं दिख रहा ब्याज? घबराएं नहीं, इन आसान तरीकों से तुरंत करें चेक https://raipurnews.online/chhattisgarh/epfo-pasbuk-men-nheen-dikh-rha-byaj-ghbraen-nheen-in-aasan-treekon-se-turant-kren-chek/ Fri, 24 Jul 2026 13:10:56 +0000 https://raipurnews.online/?p=76 EPFO करोड़ों खातों में चरणबद्ध तरीके से ब्याज करता है क्रेडिट, पासबुक अपडेट होने में लग सकता है समय। नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सदस्यों को हर साल पीएफ खाते पर मिलने वाले ब्याज का इंतजार रहता है। लेकिन कई बार ब्याज की राशि खाते में जमा होने के बावजूद पासबुक […]

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    EPFO करोड़ों खातों में चरणबद्ध तरीके से ब्याज करता है क्रेडिट, पासबुक अपडेट होने में लग सकता है समय।

    नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सदस्यों को हर साल पीएफ खाते पर मिलने वाले ब्याज का इंतजार रहता है। लेकिन कई बार ब्याज की राशि खाते में जमा होने के बावजूद पासबुक में दिखाई नहीं देती, जिससे लोग परेशान हो जाते हैं।

    क्यों नहीं दिख रहा ब्याज?

    EPFO सभी खातों में ब्याज की राशि चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से क्रेडिट करता है। इसलिए अगर आपकी पासबुक में ब्याज की एंट्री अभी नहीं दिख रही है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा नहीं मिला। बैकएंड प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्याज की राशि प्रभावी तिथि (Effective Date) से आपके खाते में जुड़ जाएगी।

    ऐसे करें PF बैलेंस और ब्याज चेक

    UMANG App

    • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और UAN से लॉगिन करें।
    • EPFO Services → View Passbook पर जाकर बैलेंस और ब्याज देखें।

    EPFO Member Portal

    • UAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें।
    • Member Passbook सेक्शन से पूरी पासबुक डाउनलोड करें।

    Missed Call से

    • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल दें।
    • कुछ ही सेकंड में SMS के जरिए PF बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी।

    SMS से

    • रजिस्टर्ड नंबर से 7738299899 पर
      EPFO UAN HIN
      लिखकर SMS भेजें।
    • (HIN = हिंदी, भाषा के अनुसार कोड बदल सकते हैं।)

    समस्या हो तो क्या करें?

    यदि लंबे समय तक पासबुक में ब्याज अपडेट नहीं होता या कोई तकनीकी समस्या आती है, तो सदस्य EPFiGMS (EPFO Grievance Management System) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    ध्यान दें: पासबुक में ब्याज देर से दिखाई देना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। घबराने की जरूरत नहीं है, EPFO चरणबद्ध तरीके से सभी खातों में ब्याज अपडेट करता है।

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    छत्तीसगढ़ टीएलपीएस 2025 रिपोर्ट जारी: प्रारंभिक शिक्षा में शिक्षण पद्धतियों को मजबूत करने की पहल https://raipurnews.online/chhattisgarh/raipur/chhtteesgdh-teeelpeees-2025-riport-jaree-praranbhik-shiksha-men-shikshan-pddhtiyon-ko-mjboot-krne-kee-phl/ Thu, 23 Jul 2026 11:48:02 +0000 https://raipurnews.online/?p=71 रायपुर, जुलाई, 2026: लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) ने टाटा ट्रस्ट और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), छत्तीसगढ़ के साथ मिलकर जुलाई 2026 को एससीईआरटी, रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) 2025’ रिपोर्ट जारी की। यह सर्वे कक्षा 1 और 2 में शिक्षण प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति को […]

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    रायपुर, जुलाई, 2026: लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) ने टाटा ट्रस्ट और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), छत्तीसगढ़ के साथ मिलकर जुलाई 2026 को एससीईआरटी, रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) 2025’ रिपोर्ट जारी की। यह सर्वे कक्षा 1 और 2 में शिक्षण प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति को समझने और स्कूल के शुरुआती वर्षों में अपनाए जा रहे पढ़ाने के तरीकों का विश्लेषण करने के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत करने के प्रयासों को और प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।

    रिपोर्ट विमोचन कार्यक्रम में एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त संचालक श्री जे. पी. रथ, एलएलएफ के राष्ट्रीय सलाहकार (बहुभाषी शिक्षा) पद्मश्री महेंद्र कुमार मिश्रा, सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डाइट (DIET) के प्राचार्य, समग्र शिक्षा के प्रतिनिधि, राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) के सदस्य और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए।

    यह अध्ययन नवंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच कबीरधाम और नारायणपुर जिलों की 100 कक्षाओं में किए गए अवलोकन पर आधारित है। एलएलएफ के सीनियर एकेडमिक स्पेशलिस्ट अजय गुप्ता ने सर्वे की रूपरेखा और इसकी प्रक्रिया साझा की, जबकि सीनियर स्पेशलिस्ट (बहुभाषी शिक्षा) संजय गुलाटी ने रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष प्रस्तुत किए।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त संचालक श्री जे. पी. रथ ने कहा कि ऐसी कक्षाओं की सबसे ज़्यादा जरूरत है, जहाँ बच्चे बिना डर के अपनी गलतियों से सीख सकें। उन्होंने कहा, “जिस दिन कोई छात्र बिना डर के अपनी गलती स्वीकार कर लेता है, उसी दिन उसके भीतर असली सीख शुरू होती है। एक अच्छा शिक्षक सिर्फ़ जवाब नहीं देता, बल्कि ऐसा सवाल छोड़ता है जो पूरी जिंदगी सीखने की प्रेरणा देता है।”

    टाटा ट्रस्ट की डिप्टी हेड ऑफ प्रोग्राम्स और हेड ऑफ एजुकेशन अमृता पटवर्धन ने कहा, “छत्तीसगढ़ टीएलपीएस रिपोर्ट हमें सिर्फ कार्यक्रमों की जानकारी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कक्षा के भीतर बच्चे और शिक्षक पढ़ाने-सीखने की प्रक्रिया को कैसे अनुभव करते हैं। रिपोर्ट बताती है कि सर्वे में शामिल 84 प्रतिशत स्कूलों में एक ही कक्षा में अलग-अलग स्तर के बच्चों को पढ़ाया जाता है। इससे शुरुआती शिक्षा में कुछ अवसर मिलते हैं, तो कुछ चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। समाजसेवी संस्थाओं के लिए इस तरह की विस्तृत जानकारी बहुत अहम है, क्योंकि इससे यह समझने में मदद मिलती है कि बहुभाषा शिक्षण, कक्षा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और बहुस्तरीय कक्षाओं में पढ़ाने के तरीकों को कहाँ और कैसे मजबूत किया जा सकता है, ताकि सरकार और उसके सहयोगी जमीनी ज़रूरतों के हिसाब से बेहतर काम कर सकें।”

    कार्यक्रम में अन्य शिक्षा विशेषज्ञों ने भी कहा कि नीतियाँ और सिद्धांत दिशा तय करते हैं, लेकिन असली सफलता ज़मीन पर उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। डाइट जशपुर के प्राचार्य श्री एम. ज़ेड. यू. सिद्दीकी ने कहा कि अच्छी नीतियाँ और पर्याप्त संसाधन तभी सार्थक हैं, जब उनका असर कक्षा में स्पष्ट दिखे। वहीं, एससीईआरटी की राज्य स्रोत समूह की सदस्या पुष्पा शुक्ला ने कहा कि बच्चों के सीखने के नतीजों में सुधार के लिए कक्षा की शिक्षण प्रक्रिया में बदलाव अनिवार्य है।

    एलएलएफ के संस्थापक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. धीर झिंगरन ने कहा, “छत्तीसगढ़ की भाषाई, सामाजिक और भौगोलिक विविधता उसकी कक्षाओं में साफ दिखाई देती है। टीएलपीएस रिपोर्ट हमें यह समझने में मदद करती है कि बच्चे किस तरह भाग लेते हैं, शिक्षक अलग-अलग भाषा और सीखने की जरूरतों के मुताबिक कैसे पढ़ाते हैं और किन क्षेत्रों में कक्षा के तौर-तरीकों को और मजबूत करने की जरूरत है। शुरुआती शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों और मेंटर्स को लगातार शैक्षणिक सहयोग देना होगा, ताकि छत्तीसगढ़ का हर बच्चा निपुण बन सके।”

    सर्वे में सामने आया कि 66 प्रतिशत शिक्षक बच्चों की मातृभाषा से परिचित थे। 82 प्रतिशत कक्षाओं में शिक्षक, समूह या व्यक्तिगत गतिविधियों के दौरान बच्चों के काम की नियमित निगरानी नहीं कर रहे थे, और 70 प्रतिशत कक्षाओं में सीखने के स्तर के अनुरूप पढ़ाने के तरीकों में बदलाव नहीं देखा गया। रिपोर्ट में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने, गतिविधियों को रोजमर्रा के अनुभवों से जोड़ने और मातृभाषा के प्रभावी उपयोग जैसे सुधारों पर ज़ोर दिया गया है।

    लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के बारे में: वर्ष 2015 में स्थापित एलएलएफ एक गैर-लाभकारी शिक्षा संस्था है, जो सरकारी प्राथमिक स्कूलों में एफएलएन के लिए सरकारों के साथ मिलकर काम करती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य शुरुआती वर्षों में बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एलएलएफ मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में कार्य करती है, जिसमें ‘बहुभाषी शिक्षा’ (MLE) एक अंतर्निहित आधार के रूप में शामिल है:

    1. शिक्षकों और मेंटर्स का पेशेवर विकास: संस्था शिक्षकों को कक्षा में आधुनिक, बाल-केंद्रित और बहुभाषी शिक्षण विधियों के प्रभावी उपयोग में सक्षम बनाने का प्रयास करती है। एलएलएफ का मानना है कि यदि शिक्षण के दौरान बच्चे की मातृभाषा का सम्मान किया जाए, तो बच्चे की अवधारणात्मक समझ अधिक गहरी होती है।
    2. डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम: संस्था ज़िला स्तर पर मॉडल कार्यक्रमों का संचालन करती है। इन कार्यक्रमों में बहुभाषी शिक्षण सामग्री और रणनीतियों के प्रयोग से कक्षा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाकर बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार सुनिश्चित किए जाने का प्रयास किया जाता है।
    3. व्यवस्थागत मजबूती (Systemic Strengthening): एलएलएफ जिला और राज्य स्तर पर शिक्षा विभागों के साथ मिलकर नीतियों के क्रियान्वयन और अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करती है। संस्था यह सुनिश्चित करती है कि बहुभाषी शिक्षा का दृष्टिकोण केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर, पूरी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बने, जिससे सुधारों में निरंतरता बनी रहे।
      संस्था यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी बच्चा पीछे न रहे। अब तक एलएलएफ ने 10 राज्यों में 2.18 करोड़ बच्चों और 11.8 लाख शिक्षकों तक पहुँच बनाई है, और ज़िला स्तर पर 14 लाख बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार किया है।

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    iPhone 17 खरीदने की सोच रहे हैं? भारत में कीमत ₹12,000 तक बढ़ सकती है, कई शहरों में स्टॉक हुआ खत्म https://raipurnews.online/business/iphone-17-khreedne-kee-soch-rhe-hain-bhaart-men-keemt-12-000-tk-bdh-sktee-hai-kee-shhron-men-st-k-huaa-khtm/ Thu, 23 Jul 2026 07:55:28 +0000 https://raipurnews.online/?p=67 अगस्त के पहले हफ्ते से बढ़ सकती हैं नई कीमतें, बढ़ती मांग और सप्लाई की कमी से बाजार में iPhone की किल्लत। नई दिल्ली: अगर आप नया iPhone 17 खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो जल्द फैसला लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स और टिप्स्टर की जानकारी के मुताबिक, भारत में […]

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    अगस्त के पहले हफ्ते से बढ़ सकती हैं नई कीमतें, बढ़ती मांग और सप्लाई की कमी से बाजार में iPhone की किल्लत।

    नई दिल्ली: अगर आप नया iPhone 17 खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो जल्द फैसला लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स और टिप्स्टर की जानकारी के मुताबिक, भारत में iPhone 17 की कीमत अगस्त के पहले सप्ताह से करीब ₹12,000 तक बढ़ सकती है।

    क्या हो सकती है नई कीमत?

    टिप्सटर अभिषेक यादव के अनुसार, Apple ने अपने iPlanet डीलर्स को संकेत दिया है कि iPhone 17 की शुरुआती कीमत ₹94,990 हो सकती है, जबकि इसकी लॉन्च कीमत ₹82,990 थी। इसी तरह iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।

    कई जगहों पर स्टॉक खत्म

    कीमत बढ़ने की खबरों के बाद देशभर में लोग तेजी से iPhone खरीद रहे हैं। बढ़ती मांग के चलते कई शहरों में iPhone 17 का स्टॉक खत्म होने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सप्लाई चेन में रुकावट के कारण नया स्टॉक डीलर्स तक पहुंचने में देरी हो रही है।

    क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

    विशेषज्ञों के मुताबिक, RAM और Storage की बढ़ती लागत इसकी प्रमुख वजह है। AI और डेटा सेंटर इंडस्ट्री में इन कंपोनेंट्स की भारी मांग के कारण स्मार्टफोन कंपनियों की लागत बढ़ गई है। लंबे समय तक अतिरिक्त खर्च उठाने के बाद अब Apple भी इसका असर ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी में है।

    जापान के बाद भारत में असर

    Apple हाल ही में जापान में भी iPhone की कीमतें बढ़ा चुका है। इसके बाद से भारत समेत अन्य बाजारों में भी कीमतें बढ़ने की संभावना जताई जा रही थी। इसी कारण पुराने दामों पर iPhone खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

    हालांकि, Apple ने भारत में iPhone 17 की नई कीमतों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में फिलहाल यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और टिप्स्टर के दावों पर आधारित है।

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    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल: स्वस्थ माताओं, स्वस्थ बच्चों और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बनेगी समन्वित कार्ययोजना https://raipurnews.online/chhattisgarh/mukhymantree-shree-vishhanu-dev-say-kee-phl-svsth-mataon-svsth-bchchon-aur-kuposhhan-mukt-chhtteesgdh-ke-lie-bnegee-smnvit-karyyojna/ Wed, 22 Jul 2026 11:26:36 +0000 https://raipurnews.online/?p=62 यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से सभी संबंधित विभाग मिलकर तैयार करेंगे प्रभावी रणनीति रायपुर, 22 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन और बच्चों के समग्र विकास के लिए सभी संबंधित […]

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    यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से सभी संबंधित विभाग मिलकर तैयार करेंगे प्रभावी रणनीति

    रायपुर, 22 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन और बच्चों के समग्र विकास के लिए सभी संबंधित विभागों को यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे से शिष्टाचार भेंट के दौरान चर्चा कर रहे थे। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बाल संरक्षण और कुपोषण की चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को साझा लक्ष्य और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में प्रभावी कमी लाई जा सके।

    उन्होंने अधिकारियों से मल्टी-सेक्टोरल रणनीति तैयार करने को कहा, जिससे स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे का शॉल एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान ‘नंदी’ भेंट कर स्वागत किया। वहीं, सुश्री मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया।

    सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री का ‘जय जोहार’ कहकर अभिवादन किया और कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और सरल-सहज लोगों का प्रदेश है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी यह सहयोग जारी रहेगा।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनेगा।

    बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख सुश्री सीमा कुमार, श्री अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास उपस्थित थे।

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    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार श्री विक्रम यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर उपचार के दिए निर्देश https://raipurnews.online/chhattisgarh/mukhymantree-shree-vishhanudev-say-ne-antrrashhtreey-lok-klakar-shree-vikrm-yadv-ke-svasthy-kee-jankaree-lee-behtr-upchar-ke-die-nirdesh/ Wed, 22 Jul 2026 06:42:10 +0000 https://raipurnews.online/?p=57 रायपुर, 22 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं प्रख्यात बांस वादक श्री विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार और हरसंभव सहयोग के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रतिबद्ध […]

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    रायपुर, 22 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं प्रख्यात बांस वादक श्री विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार और हरसंभव सहयोग के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रतिबद्ध है तथा इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने इस संबंध में राजनांदगांव कलेक्टर से भी दूरभाष पर चर्चा कर श्री विक्रम यादव के उपचार की अद्यतन जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी चिकित्सकीय सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और भारतीय परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

    मुख्यमंत्री ने श्री विक्रम यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन कला के लिए प्रसिद्ध श्री विक्रम यादव वर्तमान में अस्वस्थ हैं और उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में जारी है।

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