रायपुर, 25 फरवरी 2026
बस्तर जिले के बकावण्ड ब्लॉक के ग्राम जामगुड़ा (धनपुर) निवासी महेश भारती के घर बेटी रंजना के जन्म ने खुशियाँ तो दीं, लेकिन उसके जन्मजात क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) से पीड़ित होने की चिंता भी साथ ले आई। जैसे-जैसे रंजना बड़ी होती गई, माता-पिता को उसकी पढ़ाई, भविष्य और समाज में स्वीकार्यता को लेकर चिंता सताने लगी। आर्थिक तंगी के कारण निजी अस्पताल में महंगे ऑपरेशन का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था, जिससे वे खुद को असहाय महसूस कर रहे थे।
उम्मीद की किरण 19 जून 2025 को तब जगी, जब चिरायु दल बकावण्ड की टीम आंगनबाड़ी केंद्र पहुँची। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान टीम ने रंजना की समस्या पहचान कर माता-पिता को भरोसा दिलाया और बच्ची को जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र रेफर किया। इसके बाद जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ी। 6 नवंबर 2025 को बच्ची को रायपुर के मेडिसाईन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसका सफल ऑपरेशन किया।
सबसे राहत की बात यह रही कि जांच, ऑपरेशन और अस्पताल में रहने का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया गया, जिससे परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। 13 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फॉलो-अप में रंजना को पूरी तरह स्वस्थ पाया। बेटी के चेहरे में आए सकारात्मक बदलाव और उसकी मुस्कान ने माता-पिता की वर्षों पुरानी चिंता दूर कर दी। परिजनों ने शासन की इस जनकल्याणकारी पहल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब वे अपनी बेटी के उज्ज्वल और सामान्य भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।


















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