आजकल लोग दिनभर बिना बंद किए फाेन और लैपटॉप का इस्तेमाल करते रहते हैं। कई लोग तो डिवाइस को कई दिनों तक बंद नहीं करते हैं। ऐसे में लगातार ऑन डिवाइस पर लोड बढ़ता है और प्रोसेसर पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाता। इसकी वजह से डिवाइस स्लो हो जाती है।
जब डिवाइस लंबे समय तक चलती है तो उसकी रैम यानी कि रैंडम एक्सेस मेमोरी में टेम्पररी फाइलें व बैकग्राउंड एप्स जमा हो जाते हैं। जबकि रिस्टार्ट करने पर टंम्पररी फाइलें हट जाती हैं। बैकग्राउंड टास्क बंद हो जाते हैं और रैम भी खाली हो जाती है। जिससे सिस्टम को फ्रेश स्टार्ट मिलता है और डिवाइस पहले से तेज, स्मूथ व बिना रुकावट के चलने लगती है।
रीस्टार्ट न करने से खतरा
फोन और लैपटॉप में आने वाले अपडेट व सिक्योरिटी पैच तब तक पूरी तरह लागू नहीं होते, जब तक डिवाइस रीस्टार्ट न हो। अगर रिस्टार्ट न करें तो वायरस व मैलवेयर अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डाटा लीक का रिस्क बढ़ने के साथ ही सिस्टम प्रोटेक्शन पूरी तरह एक्टिव नहीं हो पाता है। नियमित रीस्टार्ट से डिवाइस सुरक्षित रहती है।
फोन रीस्टार्ट करने का सही तरीका
फोन रीस्टार्ट करने के लिए पावर बटन को दो से तीन सेकंड तक दबाकर रखें। इसके बाद स्क्रीन पर रिस्टार्ट या रीबूट पर क्लिक करें। अगर ये ऑप्सन नहीं दिखता है तो पावर ऑफ बटन ऑफ कर दें। फिर कुछ सेकंड के बाद ऑन करें। हफ्ते में कम से कम एक बार फोन को रिस्टार्ट जरूर करें।
लैपटॉप रीस्टार्ट करने का सही तरीका
लैपटॉप रीस्टार्ट करने के लिए सबसे पहले विंडो पर जाएं। इसके बाद स्टार्ट मैन्यु पर क्लिक करके पावर ऑफ कर दें। फिर कुछ सेकंड के बाद इसे भी रीस्टार्ट करें। वहीं, मैकबुक में एपल मैन्यु पर जाकर रीस्टार्ट होगा। बहुत से लोगों को लगता है कि स्क्रीन लॉक करना या लिड बंद करना रीस्टार्ट है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।
कितनी बार करें रीस्टार्ट?
विशेषज्ञों के अनुसार फोन को हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर रीस्टार्ट करें। लैपटॉप को तीन से चार दिन में करना लाभदायक होगा। इस दौरान रीस्टार्ट करने से डिवाइस की लाइफ बढ़ती है। बैटरी बैकअप बेहतर होता है। एप्स स्मूथली चलता है और सिस्टम हैंग होने की समस्या कम होती है।
















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