छत्तीसगढ़ में दो अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई है। गरियाबंद जिले में दो महिलाओं की और रायगढ़ जिले में दो युवकों की जान गई। दोनों ही घटनाओं में पीड़ित तेज बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी उन पर बिजली गिर गई। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक 60 मिमी बारिश बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में हुई। मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले दो दिनों तक बारिश तेज रहेगी, इसके बाद इसकी तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है। आज (गुरुवार) बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी और कांकेर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बस्तर, कोरबा, मुंगेली सहित 19 जिलों में यलो अलर्ट है, जहां भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहले ये तस्वीर देखिए- गरियाबंद में दो महिलाओं की मौत, एक घायल गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के डोहल गांव में बिजली गिरने से डीलेश्वरी दुर्गा (43) और सूरजो बाई (60) की मौत हो गई। बुधवार दोपहर लगभग ढाई बजे अचानक मौसम बदला और बादल गरजने लगा। बारिश से बचने तीन महिलाएं बरगद पेड़ के नीचे आ गईं। इस दौरान एक के सीने में तो दूसरे के सिर पर बिजली गिरी। वहीं गर्भवती महिला के पांव में करंट का आभास हुआ। गर्भवती महिला का इलाज जारी है। रायगढ़ में महुआ के पेड़ पर गिरी बिजली वहीं रायगढ़ के छाल क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। मृतक आकाश किडो (19) और आकाश लिकन केरकेट्टा (19), गंजाईपाली मांझापार के निवासी थे। दोनों युवक मंगलवार को बकरी चराने जंगल की ओर गए थे। इस दौरान मौसम बिगड़ने लगा और बारिश शुरू हो गई। बचाव के लिए वे महुआ के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए, तभी बिजली गिर गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन बकरियों की भी मौके पर ही मौत हो गई। देर शाम तक जब दोनों युवक घर नहीं लौटे, तब परिजन और ग्रामीण उन्हें खोजने निकले। इसके बाद घटना की जानकारी छाल पुलिस को दी गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और आगे की कार्रवाई जारी है। बेमेतरा में सबसे कम बरसा पानी प्रदेश में अब तक 1167.4 मिमी औसत बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 524.5 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1520.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है। जानिए क्यों गिरती है बिजली बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है। आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।
बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत:गरियाबंद-रायगढ़ में बारिश से बचने पेड़ के नीचे खड़े थे; आज 4 जिलों में ऑरेंज, 19 में यलो-अलर्ट

















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