59.55 करोड़ से बनेगी कोनी-मोपका बाईपास रोड:डिप्टी CM अरुण साव ने दी स्वीकृति, पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है सड़क

बिलासपुर जिले के कोनी-मोपका बाईपास रोड के पुनर्निर्माण के लिए 59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना कोनी से मोपका तक जाने के लिए बनाई गई थी। लेकिन कई सालों से इसकी हालत जर्जर हो चुकी थी। दरअसल, दैनिक भास्कर डिजिटल ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद सड़क के सुधार के लिए 59.55 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। लगभग 14 किलोमीटर लंबी इस सड़क से एनटीपीसी सीपत, स्पंज आयरन फैक्ट्रियों, कोलवाशरी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का भारी यातायात गुजरता है। इससे सड़क अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि लंबे समय से इसके पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे। परियोजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्राथमिकता राज्य सरकार ने इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अधोसंरचना विकास, विशेष रूप से सड़कों की मजबूती और गुणवत्ता, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नहीं बरती जाएगी लापरवाही उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने मंत्रालय स्तर से वित्तीय स्वीकृति संबंधी परिपत्र प्रमुख अभियंता को जारी कर दिया है। साथ ही निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने को कहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कार्य प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। निर्माण में त्रुटि पाए जाने पर होगी कार्रवाई लोक निर्माण मंत्री ने अफसरों को कहा है कि संपूर्ण परियोजना की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर निर्माण कार्य में त्रुटि पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाए। इस बाईपास रोड के पुनर्निर्माण से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि शहरवासियों को भी भारी यातायात से राहत मिलेगी। वर्क ऑर्डर जल्दी जारी होगा लोक निर्माण विभाग की ओर से जल्द ही कार्यादेश जारी कर निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। शासन की मंशा है कि यह परियोजना उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो, ताकि नागरिकों को शीघ्र और स्थायी राहत मिल सके।

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