हाइवे से 200 मीटर दूर अधिग्रहण:अपनी ही जमीन बचाने 13 साल से भटक रहे बुजुर्ग

अफसरों के कारनामे भी गजब हैं। अफसरों ने रायपुर-बिलासपुर हाइवे से सटी जमीन को छोड़कर 200 मीटर दूर मौजूद जमीन का अधिग्रहण क​र दिया। अब अपनी ही जमीन को वापस पाने के लिए बुजुर्ग दंपती 13 साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उनकी उम्मीद टूट गई। वजह राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) जमीन का अधिग्रहण कर लेती है तो वह केंद्र के नाम पर हो जाती है। दरअसल, रायपुर-बिलासपुर के बीच धरसींवा ब्लाक स्थित सांकरा गांव में खसरा नंबर 304 (5,8,15) पर 7 हजार वर्ग फुट जमीन है। यह हाइवे से 200 मीटर दूरी पर स्थित है। जमीन पर मकान बना है। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे का 2012 में चौड़ीकरण हुआ था। इसके लिए एनएचएआई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वे किया। तब चौड़ीकरण को प्रभावित करने वाली जमीनों का भू अर्जन हुआ। अफसरों ने गलती से इस खसरे का भी अधिग्रहण कर दिया। एनएचएआई ने जब दावा आपत्ति मंगवाई तो बुजुर्ग दंपती को जानकारी नहीं थी। इससे वह आपत्ति लगाने में चूक गए। बाद में एनएचएआई ने इसका मुआवजा पारित कर दिया, लेकिन दंपती ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया।
एनएचएआई का नियम: राजस्व विभाग ने यदि जमीन को अधिग्रहण हो जाए और जमीन का थ्रीडी पब्लिक हो गया है तो वह सरकार की जमीन हो जाएगी है। एनएचएआई के नियम में डी नोटिफिकेशन की कोई प्रक्रिया एक्ट में ही नहीं है। पीड़िता बोली- अब तो अफसर मिलते तक नहीं हैं दलदल सिवनी निवासी 78 वर्षीय ज्योति आहूजा ने भास्कर को बताया कि एनएचएआई, तहसील, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय के 40 से अधिक चक्कर लगा चुकी हूं। 30 मई को कलेक्टर के सामने गुहार लगाई। यह बताते हुए वे फफककर रोने लगीं। इस उम्र में मैं न्याय के लिए एनएचएआई कार्यालय जाती हूं तो अफसर मिलना भी पसंद नहीं करते। बच्चे अब अलग रहते हैं। आय का जरिया नहीं है। अब उस जमीन को न तो बेच पा रही हूं और न डेवलप कर पा रही हूं। जिन्होंने हमारे साथ गलत किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए। भास्कर टीम हकीकत जानने सांकरा गांव पहुंची। हाइवे की सर्विस रोड से लगकर पांच-छह मकान बने हैं। सातवां मकान ज्योति आहूजा का है। जिम्मेदारों के जवाब कुछ नहीं कर सकते
चौड़ीकरण में राजस्व टीम सर्वे के आधार पर भू-अधिग्रहण की कार्रवाई की जाती है। एनएचएआई के नाम हस्तांतरित हो गई है। अब कुछ नहीं हो सकता।
दिग्विजय सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर रायपुर। कोई आवेदन नहीं आया
रायपुर-बिलासपुर हाइवे चौड़ीकरण के मामले में किसी प्रकार की गड़बड़ी के बारे में मेरे पास अब तक कोई आवेदन नहीं आया है। आवेदन आने के बाद देखेंगे कि मामला क्या है?
-गौरव सिंह, कलेक्टर रायपुर मुझे जानकारी नहीं
पुराना अवार्ड है, मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। इसलिए कुछ नहीं बोल पाऊंगा। यदि अवार्ड की प्रक्रिया पूरी हो गई होगी तो अब कुछ नहीं हो पाएगा।
– नंद कुमार चौबे, एसडीएम रायपुर
तभी विरोध जताना था एनएचएआई टीम के अधिग्रहण मार्किंग के आधार पर कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई में आरआई भी मौजूद थे। तभी भू-स्वामी को विरोध जताना था।
– खिलावन शर्मा, तत्कालीन पटवारी​​​​​​​

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