दुर्ग जिले में मोक्षित कॉर्पोरेशन के कई ठिकानों में ED की रेड पड़ी है। तड़के सुबह 6 बजे ED के दो दर्जन से ज्यादा अधिकारी पहुंचे हैं। मोक्षित कॉर्पोरेशन के 3 आवासीय परिसरों और ऑफिस में एक साथ छापेमारी की गई है। बताया जा रहा है ये कार्रवाई CGMSC से जुड़े 400-660 करोड़ के कथित घोटाले में हो सकती है। फर्म से जुड़े सिद्धार्थ, शशांक, शरद चोपड़ा तीनों के आवास पर रेड चल रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में CRPF के जवान मौजूद हैं। बंगले के बाहर अधिकारियों की 6-7 गाड़ियां भी खड़ी है। 6 महीने पहले भी पड़ा था छापा बता दें कि मोक्षित कॉर्पोरेशन सरकारी मेडिकल एंजेसियों में दवा और इक्विपमेंट सप्लाई करती है। जानकारी के मुताबिक, करीब 6 महीने पहले इस फर्म में पहले भी ACB और EOW के छापे पड़े थे तब मोक्षित कॉर्पोरेशन चर्चा में आया था। हालांकि इस बार की रेड की वजह अब तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन ये माना जा रहा है कि कार्रवाई CGMSC घोटाले से जुड़ी हो सकती है। खबर में अपडेट जारी है…. ………………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… CGMSC घोटाला…सरकार पर चढ़ा 411 करोड़ का कर्ज: कार्टेल बनाकर टेंडर लिया, 27 दिन में 750 करोड़ की खरीदी, IAS-IFS समेत 10 अधिकारी रडार में छत्तीसगढ़ CGMSC घोटाले में अधिकारियों और कारोबारियों ने सरकार को 411 करोड़ रुपए का कर्जदार बना दिया। IAS, IFS समेत अफसरों ने मिलीभगत कर सिर्फ 27 दिनों में 750 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली। इस केस में मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा EOW की रिमांड पर है। पढ़ें पूरी खबर…
दुर्ग में मोक्षित-कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर ED रेड:घर-दफ्तर में एक साथ छापा, 660 करोड़ के CGMSC घोटाले से जुड़ा हो सकता है एक्शन

















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